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Blogger ,ब्लॉग में बैकलिंक क्या है ये SEO के लिए क्यों जरूरी होते है By -वनिता कासनियां पंजाब सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) की इस दुनिया में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक “बैकलिंक” है। कई एसे ब्लॉगर्स हैं जिन्होंने हाल ही में अपना एक ब्लॉग या एक वेबसाइट शुरू की है,और वह अक्सर यह समझने के लिए संघर्ष करते हैं Google पर सर्च करते है कि “बैकलिंक” शब्द का अर्थ क्या है।आज हम बैकलिंक क्या हैै सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) के लिये ये कितना महत्व रखता हैं और इसे आप कैसे हसिल करे इसके बारे मे बतायेगे।ब्लॉग में Backlinks क्या हैं (What is Backlink in Hindi),backlinkBlog Backlinks एक प्रकार का लिंक है जो एक वेबसाइट को दूसरी वेबसाइट से मिलती है बैकलिंक Search Engine परिणामों में वेबसाइट के प्रमुखता पर बैकलिंक्स एक बड़ा प्रभाव डालते हैं, यही कारण है कि बैकलिंक्स वेबसाइट की SEO Ranking में सुधार के लिए बहुत उपयोगी माना जाता हैSearch Engine परिणामों को दिखाने के के लिए कई कारकों का उपयोग करके उनकी रैंकिंग की गणना करते हैं। पर कोई भी ये नही जानता कि परिणामों को सूचीबद्ध करते समय खोज इंजन बैकलिंक्स को कितना महत्व देते हैं। हलाकि हम सब जानते हैै कि बैकलिंक्स बहुत महत्वपूर्ण हैं।Backlinks नैचुरल होना चहिये, इसका मतलब यह है कि अपनी खुद की वेबसाइट के Backlinks को बनाने के लिये Artificial तरिको का उपयोग नहीं करना चाहिए, लिंक Relevant होना चहिये, लिंक की Quality अधिक महत्वपूर्ण है आप जोभी लिंक बनाये इसका खास खयाल रहे की वो एक अच्छे Domain Authority के हो।उदाहरण: एक वेबसाइट A restaurant कि हैैं और इसे वेबसाइट को B से एक बैकलिंक मिलता है जो एक food review blog or website है। यह एक मूल्यवान, नैचुरल और Relevant बैकलिंक है जिसे वेबसाइट A ने प्राप्त किया है।बैकलिंक्स के महत्व को तो आप समझ हि गये होगे, इन मह्त्व को देखते हुवे लोग आज कल गलत तरह से अपने Website or Blog के लिये Backlinks प्राप्त करते है जैसे बैकलिंक्स खरीदना, बैकलिंक्स बेचना, बैकलिंक्स एक दुसरे से बदलना, इत्यादि इनमे से बहुत से ऐसे तरिके है जोकि Search Engine पसंद नही करता जिसके करण उनकी वेबसाइट को निष्क्रिय और दंडित कर देता हैं।यहाँ कुछ शब्द है जो आपको पता होना चाहिए जिनको SEO मे इस्तिमाल किया जाता हैंं।Link Juice: जब कोई वेबपेज आपके द्वारा लिखे गये किसी Post या आपकी वेबसाइट के HomePage से Link होता है यानी जुडता हैैं , तो उस लिंक को “Link Juice” पास करता है। यह लिंक जूस उस क Post को रैंकिंग मे मदद करता है, साथ हि साथ Domain Authority में भी सुधार करता है। अगर आप नही चह्ते हैं कि आपके लिंक को link Juce के द्वारा पास किया जाये तो आप इसमे No-Follow टैग का इसतमाल कर उसे रोक सकते हैं।No-Follow Links: जब कोई वेबसाइट किसी दुसरी वेबसाइट से लिंक करती है, लेकिन लिंक मे No-Follow टैग मौजुद होता है, तो उस लिंक को लिंक जूस पास नहीं करता है। पेज़ कि रैंकिंग के संबंध में No-Follow लिंक किसी भी तरह से उपयोगी नहीं हैं क्योंकि वो कुछ भी योगदान नहीं करते हैं। इन No-Follow टैग का इसतमाल लोग तभी करते है जब वो चहते है कि उनकी वेबसाइट दुसरी साइट से लिंक हो पर ये Search Engine को न पता चले, कुछ जगाह पर Webmaster No-Follow टैग का इसतमाल तब करते हैं जब वो किसी Unrelevant साइट से लिंक करते हैं।Do-Follow Link: किसी भी ब्लॉग पोस्ट और वेबसाइट में आपके द्वारा जोड़े गए सभी लिंक Do-Follow लिंक होते हैंं ये जबतक No-Follow नही होते जबतक इनमे No-follow टैग को शमिल नही किया जाता हैं, Do-Follow लिंक आपके Blog और Website के लिये हर तरह से उपयोगी होते हैंं इन लिंक को Link Juice से पास किया जाताा हैंंLinking Root Domains: यह एक विशिष्ट डोमेन से आपके Blog or Website में आने वाले सभी बैकलिंक्स की संख्या को प्रस्तुत करता है, अगर आपका Blog और Website किसी साइट से 10 बार लिंक हैं तो यह पर सिर्फ एक लिंक को Root Domain से लिंक माना जाता हैं।Internal Links: एक ही Blog और Website के बहुत सारे लिंक जो उसी Blog और Website के किसी अन्य पेज़ से लिंक होते हैं इसको InterLinking या Internal Links कहते हैं।Low-Quality Links: Low-Quality Links वो लिंक होते हैं जो किसी खराब Blog और Website से आपके Blog या Website पर आते हैं जैसे spam sites, automated sites, harvested sites, or porn sites etc. इन लिंक से आपके Blog और Website की Rank मे सुधार ना होकर उनकी Ranking को कम कर दिया जाता हैैंAnchor Text: हाइपरलिंक के लिए यूज़् किये जाने वाले Text को हम “Anchor Text” कहते है। जब आप किसी कीवर्ड को रैंक करने का प्रयास कर रहे हों तो Anchor Text बैकलिंक बहुत अच्छा होता है।SEO मे बैकलिंक्स के क्या फायदे हैइससे पहले कि हम बैकलिंक्स के फायदों के बारे में बात करे आपको ये भी जानना बहुत जरूरी हैं कि पिछले कुछ सालो मे बैकलिंक्स के विषय मे बहुत सारे बदलाव हुवे है।कुछ सालो पहले Low-Quality के Backlinks भी साइट की रैंकिग मे मदद करते थे, लेकिन जब से Google ने अपने “Penguin algorithm” को लाया है तब से Backlinking का पूरा का पूरा परिदृश्य ही बदल गया हैं, जो Low-Quality के बैकलिंक्स कभी रैैंकिग मे मदद करते थे अब वो नुकसान भी करते हैं।अब बहुत जरूरी हो गया हैं कि आपके Blog और Website पर High Domain Authority के लिंक हो और वो सभी लिंक Relevant होना चहिये, उदाहरण के लिये मान ले आपकी “कपड़े” की एक साइट है और आप “Gaming” की साइट से लिंक बना रहे हैै ये लिंक किसी भी काम के नही होगे, आपको लिंक को बनाते समय ये खास खयाल रखना है के आप जोभी लिंक प्राप्त करे, वो सभी समान Niche पर हो, Relevant लिंक होना चाहिये।Organic Ranking मे सुधार करता हैंबैकलिंक्स आपकी साइट को एक अच्छी सर्च इंजन रैंकिग पाने मे बहुत मदद करते हैंं इसे समझने के लिये हम एक Keyword को लेगे और उसे Ahrefs’ Keywords Explorer पर देखेगे, निचे दिखाये गये SERP overview फोटो मे ये देख सकते हैंं कि अधिकांश उच्च-रैंकिंग पेज़ में बहुत सारे बैकलिंक्स हैंNote: SERP का मतलब है सर्च इंजन रिज्लट पेज़।seo-backlink-Ahrefsअगर आपका लेख अन्य वेबसाइट या ब्लोग से लिंक प्राप्त कर रहा हैंं, तो आपका लेख स्वाभाविक रूप से में Search Engine मे उच्च रैंक करना शुरू कर देगा, यदि ऐसा नही है तो आप को उन्हे बनाने की आवश्यकता है। आपके Post के साथ साथ होमपेज़ पर भी बैकलिंक्स होना महत्वपूर्ण हैReferral Trafficबैकलिंक्स का एक सबसे बड़ा फयदा यह है कि वे रेफरल ट्रैफ़िक प्राप्त करने में मदद करते हैं, कोई व्यक्ति जो अन्य Blog पर कोई लेख पढ़ रहा है और वह पर उसे आपकी पोस्ट का लिंक दिखता हैं और अधिक जानकारी पाने के लिये वो उस लिंक से आपकी वेबसाइट के लेख पर आते हैं।जब कोई व्यक्ति आपके लेख को पढ़ने के लिये आपकी साइट पर आता हैै और उसको relevant लेख मिलता है तो वह आपकी साइट पर काफी वक्त तक रूका रह्ता है जिससे User Engagement मे वृद्धि होती हैै और Bounce Rate मे भी कमी होती हैं।बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रमबैकलिंक्स कैसे प्राप्त करे?अब आप बैकलिंक” शब्द का अर्थ क्या है ये समझ हि गये होगे, क्योंकि यह SEO से संबंधित है और SEO मे इसका कितना मह्त्व हैंं ये भी जान गये है, अब हम बैकलिंक्स कैसे प्राप्त करे ये जानेगे.एक महत्वपूर्ण बात जो आपको बैकलिंक के बारे मे ध्यान में रखना है वो ये कि backlinks की संख्या मायने नही रखती है, बल्कि backlinks की गुणवत्ता मायने है। 10 कम अच्छे backlinks बनाने से बेहतर हैै कि एक Hihg Quality बैकलिंक बनाया जाये।ये वो कुछ तरिके है जिनसे आप Quality Backlinks प्राप्त कर सकते है।एक अच्छा लेख लिखेGuest Post को लिखना शुरू करेंअपने Blog और साइट को web directories मे सबमिट करेंअन्य Blog पर Comment करेएक अच्छा लेख लिखे (Write Good articles)अगर आप चाहते हैं कि लोग आपके लेख से लिंक करें, तो आपको उन्हें एक कारण देना होगा, अखिर लोग किस लिये आपके लेख को लिंक करे, और सबसे अच्छा कारण एक अच्छा लेख है।अगर आपका लेख दुसरो के लिये Helpful, हैं तो लोग इससे जुड़ने में प्रसन्न होंगे, और वो इससे जुडना पसंद करेगे।आप एक अच्छा लेख कैसे लिख सकते हैं इसके लिये हमने आपके साथ कुछ Tips share किया हैंबहुत सारे लोग लेख को इस लिये पढते है तकि उनको उस लेख के जरिये उनकी समस्या का समाधान मिल सके, सुनिश्चित करें कि आप सटीक समस्या को स्पष्ट करते हैं और उन्हें सिखाते हैं कि इसे कैसे ठीक किया जाए।अपने लेख को पढ़ने में आसान और सरल बनाएं, इसे संक्षिप्त, सरल वाक्यों में लिखें, फ़ॉर्मेटिंग, हेडिंग, इमेज और अन्य मल्टीमीडिया को जोड़कर लेख को अच्छा बनाएं।गेस्ट पोस्ट को लिखना शुरू करें (Start guest blogging)गेस्ट पोस्ट एक ऐसी रणनीति है, जिसमें आप अपने ब्लोग के बजाय दूसरे लोगों के ब्लॉग के लिए पोस्ट लिखते हैं जब आप किसी दुसरे के लिये पोस्ट लिखते हैैं तब उस ब्लोग का Owner आमतौर पर पोस्ट के अन्दर आपकी साइट पर 1-2 Do-Follow लिंक वापस करने की अनुमति देगा, जिससे आप के ब्लोग की रैैंकिग के साथ साथ आपकी Domain Authority भी बढेेगी, लोगो को आपके Blog के बारे मे भी पता चलेगा, और अगर आपका लेख लोगो को पसंद आता हैं तो निशचित तौर पर वो आपके Blog पर आयेगे।सबसे बडी चुनौती जो आती हैं वो ये कि कैसे हम उन Blog और Website का पता लगाये, जो हमारी Guest Post को असानी से अपनी साइट पर Publish करदे, इसके लिये आप उन Blog और Website को देखे जो पहले से हि Guest Post को अपने Blog पर Publish कर चुके हो। इन साइटों में आम तौर पर योगदानकर्ताओं के लिए एक पेज होता है जैसे “हमारे लिए लिखें” या “योगदान करें”।ये पता करने के लिये आपको Google Search Engine पर जाना हैं आपका Keyword के साथ Guest post लिख कर उसे देखे आपको बहुत सारी एसी साइट दिखाई देगी जो Guest Post को Accept करती हैं।आप कुछ एसी साइट को तलाश करे जो पहले से हि उस Topic को अपने ब्लोग पर Publish कर चुके ऐसे ब्लोग आपके लेख को जल्द से जल्द स्वीकार करना पसंद करेगे चुंकि वो इस विश्य मे पहले भी लिख चुके हैं इसके लिये भी आप “Ahrefs’ Content Explorer” का यूज़ कर सकते हैैं और पता कर सकते हैं कौनसी साइट आपके लेख के लिये सही हैंअपने Blog और साइट को web directories मे सबमिट करें,web directories मे अपने Blog और Website को सबमिट करके Baclinks पाना ये एक बहुत ही असान तरिका हैैं पर आजकल यह विधि इन दिनों बहुत लोकप्रिय नहीं है क्योंकि एक “legal web directory” को खोजना आसान नहीं है। आपको उन web directories से बचना चाहिए जो आपको अपनी वेबसाइट को अपनी directories में लाने के लिए अपकी वेबसाइट पर एक बैकलिंक बनाने के लिए कहते हैं।यदि अभी तक आप किसी भी Automatic direct submission रणनीति का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत ऐसा करना बंद कर दें। Automatic Website submission आपके ब्लॉग को स्पैम के रूप में प्रदर्शित करेगा, और यह आपके Domain Authority या Search Engine से आपके ब्लॉग को पूरी तरह से हटाने के मामले में आपको बहुत महंगा पड़ सकता है।बैकलिंक क्या है ये SEO के लिए क्यों जरूरी होते है के अलावा Domain Authority क्या है इसे कैसे Increase करे जनना चहते है तो हमारी इस Post को देखे:domain-authority-kya-haiअन्य वेबसाइट और ब्लोग पर टिप्पणी करेकिसी ब्लोग और वेबसाइट Comment करके उससे Backlinks को प्राप्त करना, ये आज के समय मे सबसे ज्याद यूज़ किया जाने वाला तरिका है इसमे Blogger ऐसी कुछ Blog और Website को तलाशते हैं जो High Domain Authority के साथ साथ उनके Niche से related हो।सबसे बडी मुशकील जो सामने आती हैं कि कैसे वो ऐसी वेबसाइट और ब्लोग का पता लगाये जो कि Do-follow Backlinks के साथ High Authority के हो जिनपर comment करके Backlink प्राप्त किया जा सके इसके लिये भी आप “Ahrefs’ Tool“से असानी से पता कर सकते है,आज आपने बैकलिंक्स के विषय मे क्या नया सिखा मुझे उम्मीद है कि यह लेख आपको SEO मे बैकलिंक्स का क्या महत्व हैं मूल बातें समझने में मदद करेगा , और क्यों आपको अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम शुरू करना चाहिए इस पर भी मदद करेगा।क्या आप वर्तमान में अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम कर रहे हैं? अपने अनुभव हमें नीचे Comment Box में बताएं। अगर अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम कर रहे हैं और आप किसी भी तरह कि Help हमसे चाह्ते हैं तो आप हमे Comment कर पूछ सकते हैं,वनिता कासनियां पंजाबआपको यह Post कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए,कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि WhatsApp Facebook,, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये |

Blogger 




ब्लॉग में बैकलिंक क्या है ये SEO के लिए क्यों जरूरी होते है










सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) की इस दुनिया में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक “बैकलिंक” है। कई एसे ब्लॉगर्स हैं जिन्होंने हाल ही में अपना एक ब्लॉग या एक वेबसाइट शुरू की है,और वह अक्सर यह समझने के लिए संघर्ष करते हैं Google पर सर्च करते है कि “बैकलिंक” शब्द का अर्थ क्या है।

आज हम बैकलिंक क्या हैै सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) के लिये ये कितना महत्व रखता हैं और इसे आप कैसे हसिल करे इसके बारे मे बतायेगे।

,backlinkब्लॉग में Backlinks क्या हैं 

Blog Backlinks एक प्रकार का लिंक है जो एक वेबसाइट को दूसरी वेबसाइट से मिलती है बैकलिंक Search Engine  परिणामों में वेबसाइट के प्रमुखता पर बैकलिंक्स एक बड़ा प्रभाव डालते हैं, यही कारण है कि बैकलिंक्स वेबसाइट की SEO Ranking में सुधार के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है

Search Engine परिणामों को दिखाने के के लिए कई कारकों का उपयोग करके उनकी रैंकिंग की गणना करते हैं। पर कोई भी ये नही जानता कि परिणामों को सूचीबद्ध करते समय खोज इंजन बैकलिंक्स को कितना महत्व देते हैं। हलाकि हम सब जानते हैै कि बैकलिंक्स बहुत महत्वपूर्ण हैं।

Backlinks नैचुरल होना चहिये, इसका मतलब यह है कि अपनी खुद की वेबसाइट के Backlinks को बनाने के लिये Artificial तरिको का उपयोग नहीं करना चाहिए, लिंक Relevant होना चहिये, लिंक की Quality अधिक महत्वपूर्ण है आप जोभी लिंक बनाये इसका खास खयाल रहे की वो एक अच्छे Domain Authority के हो।

उदाहरण:  एक वेबसाइट A restaurant कि हैैं और इसे वेबसाइट को B से एक बैकलिंक मिलता है जो एक food review blog or website है। यह एक मूल्यवान, नैचुरल और Relevant बैकलिंक है जिसे वेबसाइट A ने प्राप्त किया है।

बैकलिंक्स के महत्व को तो आप समझ हि गये होगे, इन मह्त्व को देखते हुवे लोग आज कल गलत तरह से अपने Website or Blog के लिये Backlinks प्राप्त करते है जैसे बैकलिंक्स खरीदना, बैकलिंक्स बेचना, बैकलिंक्स एक दुसरे से बदलना, इत्यादि इनमे से बहुत से ऐसे तरिके है जोकि Search Engine पसंद नही करता जिसके करण उनकी वेबसाइट को निष्क्रिय और दंडित कर देता हैं।

यहाँ कुछ शब्द है जो आपको पता होना चाहिए जिनको SEO मे इस्तिमाल किया जाता हैंं।

Link Juice: जब कोई वेबपेज आपके द्वारा लिखे गये किसी Post या आपकी वेबसाइट के HomePage से Link होता है यानी जुडता हैैं , तो उस लिंक को “Link Juice” पास करता है। यह लिंक जूस उस क Post को रैंकिंग मे मदद करता है, साथ हि साथ Domain Authority में भी सुधार करता है। अगर आप नही चह्ते हैं कि आपके लिंक को link Juce के द्वारा पास किया जाये तो आप इसमे No-Follow टैग का इसतमाल कर उसे रोक सकते हैं।

No-Follow Links:  जब कोई वेबसाइट किसी दुसरी वेबसाइट से लिंक करती है, लेकिन लिंक मे  No-Follow टैग मौजुद होता है, तो उस लिंक को लिंक जूस पास नहीं करता है। पेज़ कि रैंकिंग के संबंध में No-Follow लिंक किसी भी तरह से उपयोगी नहीं हैं क्योंकि वो कुछ भी योगदान नहीं करते हैं। इन No-Follow टैग का इसतमाल लोग तभी करते है जब वो चहते है कि उनकी वेबसाइट दुसरी साइट से लिंक हो पर ये Search Engine को न पता चले, कुछ जगाह पर Webmaster No-Follow टैग का इसतमाल तब करते हैं जब वो किसी Unrelevant साइट से लिंक करते हैं।

Do-Follow Link: किसी भी ब्लॉग पोस्ट और वेबसाइट में आपके द्वारा जोड़े गए सभी लिंक Do-Follow लिंक होते हैंं ये जबतक No-Follow नही होते जबतक इनमे No-follow टैग को शमिल नही किया जाता हैं, Do-Follow लिंक आपके Blog और Website के लिये हर तरह से उपयोगी होते हैंं इन लिंक को Link Juice से पास किया जाताा हैंं

Linking Root Domains: यह एक विशिष्ट डोमेन से आपके Blog or Website  में आने वाले सभी बैकलिंक्स की संख्या को प्रस्तुत करता है, अगर आपका Blog और Website किसी साइट से 10 बार लिंक हैं तो यह पर सिर्फ एक लिंक को Root Domain से लिंक माना जाता हैं।

Internal Links: एक ही Blog और Website के बहुत सारे लिंक जो उसी Blog और Website के किसी अन्य पेज़ से लिंक होते हैं इसको InterLinking या Internal Links कहते हैं।

Low-Quality Links: Low-Quality Links वो लिंक होते हैं जो किसी खराब Blog और Website से आपके Blog या Website पर आते हैं जैसे spam sites, automated sites, harvested sites, or porn sites etc. इन लिंक से आपके Blog और Website की Rank मे सुधार ना होकर उनकी Ranking को कम कर दिया जाता हैैं

Anchor Text: हाइपरलिंक के लिए यूज़् किये जाने वाले Text को हम “Anchor Text” कहते है। जब आप  किसी कीवर्ड को रैंक करने का प्रयास कर रहे हों तो Anchor Text बैकलिंक बहुत अच्छा होता है।

SEO मे बैकलिंक्स के क्या फायदे है

इससे पहले कि हम बैकलिंक्स के फायदों के बारे में बात करे आपको ये भी जानना बहुत जरूरी हैं कि पिछले कुछ सालो मे बैकलिंक्स के विषय मे बहुत सारे बदलाव हुवे है।

कुछ सालो पहले Low-Quality के Backlinks भी साइट की रैंकिग मे मदद करते थे, लेकिन जब से Google ने अपने “Penguin algorithm” को लाया है तब से Backlinking का पूरा का पूरा परिदृश्य ही बदल गया हैं, जो Low-Quality के बैकलिंक्स   कभी रैैंकिग मे मदद करते थे अब वो नुकसान भी करते हैं।

अब बहुत जरूरी हो गया हैं कि आपके Blog और Website पर High Domain Authority के लिंक हो और वो  सभी लिंक Relevant होना चहिये, उदाहरण के लिये मान ले आपकी “कपड़े” की एक साइट है और आप “Gaming” की साइट से लिंक बना रहे हैै ये लिंक किसी भी काम के नही होगे, आपको लिंक को बनाते समय ये खास खयाल रखना है के आप जोभी लिंक प्राप्त  करे, वो सभी समान Niche पर हो, Relevant लिंक होना चाहिये।

Organic Ranking मे सुधार करता हैं

बैकलिंक्स आपकी साइट को एक अच्छी सर्च इंजन रैंकिग पाने मे बहुत मदद करते हैंं इसे समझने के लिये हम एक Keyword को लेगे और उसे Ahrefs’ Keywords Explorer पर देखेगे, निचे दिखाये गये SERP overview फोटो मे ये देख सकते हैंं कि अधिकांश उच्च-रैंकिंग पेज़ में बहुत सारे बैकलिंक्स हैं

Note: SERP का मतलब है सर्च इंजन रिज्लट पेज़।seo-backlink-Ahrefsअगर आपका लेख अन्य वेबसाइट या ब्लोग से लिंक प्राप्त कर रहा हैंं, तो आपका लेख स्वाभाविक रूप से में Search Engine मे उच्च रैंक करना शुरू कर देगा, यदि  ऐसा नही है तो आप को उन्हे बनाने की आवश्यकता है। आपके Post के साथ साथ होमपेज़ पर भी बैकलिंक्स होना महत्वपूर्ण है

Referral Traffic

बैकलिंक्स का एक सबसे बड़ा फयदा यह है कि वे रेफरल ट्रैफ़िक प्राप्त करने में मदद करते हैं, कोई व्यक्ति जो अन्य Blog पर कोई लेख पढ़ रहा है और वह पर उसे आपकी पोस्ट का लिंक दिखता हैं और अधिक जानकारी पाने के लिये वो उस लिंक से आपकी वेबसाइट के लेख पर आते हैं।

जब कोई व्यक्ति आपके लेख को पढ़ने के लिये आपकी साइट पर आता हैै और उसको relevant लेख मिलता है तो वह आपकी साइट पर काफी वक्त तक रूका रह्ता है जिससे User Engagement मे वृद्धि होती हैै और Bounce Rate मे भी कमी होती हैं।

बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम

बैकलिंक्स कैसे प्राप्त करे?

अब आप बैकलिंक” शब्द का अर्थ क्या है ये समझ हि गये होगे, क्योंकि यह SEO से संबंधित है और SEO मे इसका कितना मह्त्व हैंं ये भी जान गये है, अब हम बैकलिंक्स कैसे प्राप्त करे ये जानेगे.

एक महत्वपूर्ण बात जो आपको बैकलिंक के बारे मे ध्यान में रखना है वो ये कि backlinks की संख्या मायने नही रखती है, बल्कि backlinks की गुणवत्ता मायने है। 10 कम अच्छे backlinks बनाने से बेहतर हैै कि एक Hihg Quality बैकलिंक बनाया जाये।

ये वो कुछ तरिके है जिनसे आप Quality Backlinks प्राप्त कर सकते है।

  • एक अच्छा लेख लिखे
  • Guest Post को लिखना शुरू करें
  • अपने Blog और साइट को web directories मे सबमिट करें
  • अन्य Blog पर Comment करे

एक अच्छा लेख लिखे (Write Good articles)

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपके लेख से लिंक करें, तो आपको उन्हें एक कारण देना होगा, अखिर  लोग किस लिये आपके लेख को लिंक करे, और सबसे अच्छा कारण एक अच्छा लेख है।

अगर आपका लेख दुसरो के लिये Helpful, हैं तो लोग इससे जुड़ने में प्रसन्न होंगे, और वो इससे जुडना पसंद करेगे।

आप एक अच्छा लेख कैसे लिख सकते हैं इसके लिये हमने आपके साथ कुछ  Tips share किया हैं

      • बहुत सारे लोग लेख को इस लिये पढते है तकि उनको उस लेख के जरिये उनकी समस्या का समाधान मिल सके, सुनिश्चित करें कि आप सटीक समस्या को स्पष्ट करते हैं और उन्हें सिखाते हैं कि इसे कैसे ठीक किया जाए।
      • अपने लेख को पढ़ने में आसान और सरल बनाएं, इसे संक्षिप्त, सरल वाक्यों में लिखें, फ़ॉर्मेटिंग, हेडिंग, इमेज और अन्य मल्टीमीडिया को जोड़कर लेख को अच्छा बनाएं।

गेस्ट पोस्ट को लिखना शुरू करें (Start guest blogging)

गेस्ट पोस्ट एक ऐसी रणनीति है, जिसमें आप अपने ब्लोग के बजाय दूसरे लोगों के ब्लॉग के लिए पोस्ट लिखते हैं जब आप किसी दुसरे के लिये पोस्ट लिखते हैैं तब उस ब्लोग का Owner आमतौर पर पोस्ट के अन्दर आपकी साइट पर 1-2 Do-Follow लिंक वापस करने की अनुमति देगा, जिससे आप के ब्लोग की  रैैंकिग के साथ साथ आपकी Domain Authority भी बढेेगी, लोगो को आपके Blog के बारे मे भी पता चलेगा, और अगर आपका लेख लोगो को पसंद आता हैं तो निशचित तौर पर वो आपके Blog पर आयेगे।

सबसे बडी चुनौती जो आती हैं वो ये कि कैसे हम उन Blog और Website का पता लगाये, जो हमारी Guest Post को असानी से अपनी साइट पर Publish करदे, इसके लिये आप उन Blog और Website को देखे जो पहले से हि Guest Post को अपने Blog पर Publish कर चुके हो। इन साइटों में आम तौर पर योगदानकर्ताओं के लिए एक पेज होता है जैसे “हमारे लिए लिखें” या “योगदान करें”।

ये पता करने के लिये आपको Google Search Engine पर जाना हैं आपका Keyword के साथ Guest post लिख कर उसे देखे आपको बहुत सारी एसी साइट दिखाई देगी जो Guest Post को Accept करती हैं।

आप कुछ एसी साइट को तलाश करे जो पहले से हि उस Topic को अपने ब्लोग पर Publish कर चुके ऐसे ब्लोग आपके लेख को जल्द से जल्द स्वीकार करना पसंद करेगे चुंकि वो इस विश्य मे पहले भी लिख चुके हैं इसके लिये भी आप “Ahrefs’ Content Explorer” का यूज़ कर सकते हैैं और पता कर सकते हैं कौनसी साइट आपके लेख के लिये सही हैं

अपने Blog और साइट को web directories मे सबमिट करें,

web directories मे अपने Blog और Website को सबमिट करके Baclinks पाना ये एक बहुत ही असान तरिका हैैं पर आजकल यह विधि इन दिनों बहुत लोकप्रिय नहीं है क्योंकि एक “legal web directory” को खोजना आसान नहीं है। आपको उन web directories से बचना चाहिए जो आपको अपनी वेबसाइट को अपनी directories में लाने के लिए अपकी वेबसाइट पर एक बैकलिंक बनाने के लिए कहते हैं।

यदि अभी तक आप किसी भी Automatic direct submission रणनीति का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत ऐसा करना बंद कर दें। Automatic Website submission आपके ब्लॉग को स्पैम के रूप में प्रदर्शित करेगा, और यह आपके Domain Authority या Search Engine से आपके ब्लॉग को पूरी तरह से हटाने के मामले में आपको बहुत महंगा पड़ सकता है।

बैकलिंक क्या है ये SEO के लिए क्यों जरूरी होते है के अलावा Domain Authority क्या है  इसे कैसे Increase करे जनना चहते है तो हमारी इस Post को देखे:domain-authority-kya-hai

अन्य वेबसाइट और ब्लोग पर टिप्पणी करे

किसी ब्लोग और वेबसाइट Comment करके उससे Backlinks को प्राप्त करना, ये आज के समय मे सबसे ज्याद यूज़ किया जाने वाला तरिका है इसमे Blogger ऐसी कुछ Blog और Website को तलाशते हैं जो High Domain  Authority के साथ साथ उनके Niche से related हो।

सबसे बडी मुशकील जो सामने आती हैं कि कैसे वो ऐसी वेबसाइट और ब्लोग का पता लगाये जो कि Do-follow Backlinks के साथ High Authority के हो जिनपर comment करके Backlink प्राप्त किया जा सके इसके लिये भी आप “Ahrefs’ Tool“से असानी से पता कर सकते है,

आज आपने बैकलिंक्स के विषय मे क्या नया सिखा 

मुझे उम्मीद है कि यह लेख आपको SEO मे बैकलिंक्स का क्या महत्व हैं मूल बातें समझने में मदद करेगा , और क्यों आपको अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम शुरू करना चाहिए इस पर भी मदद करेगा।

क्या आप वर्तमान में अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम कर रहे हैं? अपने अनुभव हमें नीचे Comment Box में बताएं। अगर अपने ब्लॉग के लिए बैकलिंक्स प्राप्त करने पर काम कर रहे हैं और आप किसी भी तरह कि Help हमसे चाह्ते हैं तो आप हमे Comment कर पूछ सकते हैं,

वनिता कासनियां पंजाब


आपको यह Post कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए,

कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि WhatsApp Facebook,, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये |

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money from facebook page) अगर आपके पास एक स्मार्टफोन होगा तो आप Facebook जरूर चलाते होंगे। Facebook का प्रयोग आमतौर पर हम लोग अपने दोस्तों से जुड़े रहने के लिए ही करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस Facebook का प्रयोग हम लोग चैटिंग करने के लिए करते हैं, उसी Facebook से पैसे भी कमाए जा सकते हैं ? आपको यह सुनकर आश्चर्य जरूर होगा कि आज लोग Facebook से लाखों रूपए कमा रहे हैं। अगर आप भी घर बैठे-बैठे Facebook से पैसे कमाना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हैं। आज हम आपको बताएँगे Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। Facebook से पैसे कमाने के तरीके जानकर आप भी घर बैठे-बैठे लाखों नहीं तो हजारों तो कमा ही सकते हैं। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए Facebook से पैसे कमाने के लिए हमें सबसे पहले एक Facebook पेज बनाना पड़ेगा। Facebook पेज बनाना बहुत ही आसान है। आपको याद रखना होगा कि बात केवल Facebook पेज बनाने पर ही खत्म नहीं हो जाती। यह Facebook पेज बेकार साबित होगा अगर आप अपने इस Facebook पेज पर लोगों को जोड़ नहीं पाते हैं। Facebook पेज बनाने के बाद आपको लोगों को अपने Facebook Page से जोड़ना होगा। जितने ज्यादा लोगों को आप जोड़ पाएँगे, उतनी ही ज्यादा आपकी कमाई होगी। Facebook पेज से लोगों को कैसे जोड़ना है, यह आपके ऊपर निर्भर करता है। Facebook पेज से लोगों को कैसे जोड़ें, इसकी चर्चा हम लोग किसी और पोस्ट में विस्तार से करेंगे। फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके जब आपका Facebook पेज बन जाए और उस पर अच्छे खासे लोग जुड़ जाएँ तो आप अपने इस Facebook पेज से पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि Facebook पेज से पैसे कैसे कमाना है। नीचे दिए गए तीन तरीकों से आप पैसे कमा सकते हैं। फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके 1. अपनी खुद की Website बनाकर Facebook पेज से पैसे कमाने का यह सबसे अच्छा तरीका है। इसके लिए आपको अपनी एक Website बनानी पड़ेगी। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते हैं तो Website बनाने में हम आपकी पूरी मदद करेंगे। जब आपकी Website बन जाए तो जो कुछ भी आप अपनी Website पर लिखेंगे, उसे अपने Facebook पेज पर शेयर करें। इससे जो लोग आपके Facebook पेज से जुड़े होंगे, वह आपकी Website पर उस पोस्ट को पढ़ने पहुँच जाएँगे। जब वह उस पोस्ट को पढेंगे तो उनको उस पोस्ट में कुछ Ad भी देखने को मिलेंगे। उनमें से कुछ लोग उन Ads पर Click भी करेंगे, जिसके आपको पैसे मिलेंगे। Facebook se paise kaise kamaye Facebook से पैसे कैसे कमाए इसको एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते हैं। मान लिया आपका एक Facebook पेज है – हिंदी वाटिका, जिससे एक लाख लोग जुड़े हैं। उसी नाम की आपकी एक Website भी है। आप अपनी Website पर एक लेख लिखते हैं। अब आप इस लेख को अपने Facebook पेज पर शेयर करते हैं। जब आप अपनी पोस्ट को Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो आपकी वह पोस्ट एक लाख लोगों की नजरों में आ जाएगी। अगर एक लाख की वजाय 50 हजार लोग ही उस पोस्ट को पढ़ने आपकी Website पर जाते हैं तो यह संख्या कोई कम नहीं है। अब 50 हजार में कम से कम 10 हजार लोग ऐसे होंगे जो उस पोस्ट को विस्तार से पढेंगे। जब ये 10000 लोग आपकी पोस्ट को पूरा पढेंगे तो उनको कई Ads देखने को मिलेंगे। उन 10000 लोगों में से कम से कम 100 लोग तो होंगे ही जो उन Ads पर Click करेंगे। Website में 10 Click करने पर 1 डॉलर आराम से मिल जाता है तो 100 Click के हो गए 10 डॉलर, मतलब लगभग 600 रूपए एक दिन के, महीने के 18000 रूपए। इसका मतलब यह हुआ कि आप घर बैठे-बैठे अपने Facebook पेज के माध्यम से महीने के 20000 रूपए बहुत आराम से कमा सकते हैं। 2. दूसरे की Websites की पोस्ट के Link शेयर करके Facebook पेज से पैसे कमाने का यह तरीका उन लोगों के लिए है जो अपनी Website नहीं बना सकते। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते तो भी आप Facebook पेज से पैसे कमा सकते हैं। बहुत सी ऐसी Websites हैं जो चाहती हैं कि आप उनकी Website के Link अपने Facebook पेज पर शेयर करें। जब आप उनकी पोस्ट के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो वो आपको इस बात के पैसे देती हैं। इसके लिए आप के Facebook पेज पर कम से कम एक लाख लोग जुड़े होने चाहिए। 3. एफिलिएट मार्केटिंग आपने देखा होगा कि लोग आजकल अपना मनपसंद सामान घर बैठे मँगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाँलाकि भारत में अभी कम लोग ही Online खरीदारी करते हैं लेकिन आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा लोग Online खरीदारी करना पसंद करेंगे। Online खरीदारी के कई फायदे हैं इसलिए धीरे-धीरे लोगों का झुकाव इस ओर हो रहा है। जो कम्पनी अपना सामान Online बेचती हैं, वह इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि आने वाला समय Online खरीदारी का ही होगा। ये कम्पनियाँ कई तरीकों से अपना सामान Online बेचने का प्रयास कर रही हैं। इन्ही में से एक तरीका है – एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा जहाँ एक ओर कम्पनी को भी फायदा होता है कि उनके Product आसानी से बिक जाते हैं, वहीँ इसके एवज में एफिलिएट मार्केटिंग करने वाले को भी मोटा कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग को एक उदाहरण के द्वारा आसान शब्दों में समझ सकते हैं। आपने कई ऐसी कम्पनी का नाम सुना होगा जो Online अपना सामान बेचती हैं। इन्ही में से एक कम्पनी है – Amazon. अगर आप Amazon के किसी Product को बिकवाने में सफल होते हैं तो कम्पनी इसके बदले में आपको कमीशन देती है। मान लिया आप Amazon पर उपलब्ध 500 रूपए की किसी शर्ट को बेचने में सफल हुए तो कम्पनी इसका लगभग 10% कमीशन (50 रूपए) आपको देगी। इसे ही कहते हैं – एफिलिएट मार्केटिंग। अब आपको पता चल गया होगा कि आप अपने Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। जब आप Amazon या Flipkart के किसी अच्छे और सस्ते Product के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो कुछ लोग उस Link के माध्यम से उस Product को जरूर खरीदेंगे। जब लोग आपके द्वारा शेयर किए गए Link से उस सामान को खरीदेंगे तो आपको इसका कमीशन मिलेगा। अगर आपके Facebook पेज से 100000 लोग जुड़े होंगे तो 100000 लोगों में कम से कम 10 लोग तो ऐसे होंगे ही, जो उस Product को खरीदेंगे। मतलब आपके लगभग 500 रूपए पक्के, वो भी एक दिन में। उम्मीद है आपको अपने कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे जैसे कि Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए जाते है (How to earn money from facebook page), फेसबुक पेज से पैसे कमाने का तरीका, Facebook पेज से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से Earning कैसे करे। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), इस वारे में अभी बहुत सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरुरी है। ये बातें हम आपको तभी बताएँगे जब आप इस वारे में Interested होंगे। अगर आप वास्तव में Facebook पेज से पैसे कमाना चाहते हैं तो हमें Comment करके बताइए हम आपकी पूरी मदद करेंगे। यह भी जरूर पढ़ें : इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए – इन्टरनेट से पैसे कमाने के टॉप 10 बेस्ट तरीके Youtube से पैसे कैसे कमाए – Youtube से पैसे कमाने के तरीके – पूरी जानकारी Blogging से पैसे कैसे कमाए – Blog/Website से पैसे कमाने का तरीका – पूरी जानकारी Top 10 Best YouTube Channel Ideas in Hindi – YouTube Channel किस टॉपिक पर बनाये WhatsAppFacebookTwitter

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंयह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए, Domain (disambiguation) देखें।एक डोमेन नाम एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे।[1]पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रमडोमेन नाम डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। DNS में पंजीकृत कोई भी नाम एक डोमेन नाम है। डोमेन नाम DNS रूट डोमेन के अधीनस्थ स्तरों (उप-डोमेन) में आयोजित किए जाते हैं , जो कि नामहीन है। डोमेन नामों का पहला-स्तरीय सेट शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) हैं, जिनमें जेनेरिक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (gTLD) शामिल हैं, जैसे कि प्रमुख डोमेन कॉम, सूचना, नेट, edu और org, और देश कोड शीर्ष -वेल डोमेन(CcTLDs)। DNS पदानुक्रम में इन शीर्ष-स्तरीय डोमेन के नीचे, दूसरे-स्तर और तीसरे-स्तर के डोमेन नाम हैं, जो आमतौर पर अंत-उपयोगकर्ताओं द्वारा आरक्षण के लिए खुले हैं जो स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्ट करना चाहते हैं, अन्य सार्वजनिक रूप से सुलभ इंटरनेट संसाधन बना या चला सकते हैं।इन डोमेन नामों का पंजीकरण आमतौर पर डोमेन नाम रजिस्ट्रार द्वारा प्रशासित किया जाता है जो जनता को अपनी सेवाएँ बेचते हैं।एक पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम (FQDN) एक डोमेन नाम है जो DNS के पदानुक्रम में सभी लेबल के साथ पूरी तरह से निर्दिष्ट है, जिसमें कोई भाग छूटा नहीं है। परंपरागत रूप से एक FQDN DNS पेड़ के शीर्ष को निरूपित करने के लिए एक डॉट (.) में समाप्त होता है।[2] डोमेन नाम प्रणाली में लेबल केस-असंवेदनशील हैं, और इसलिए इसे किसी भी वांछित पूंजीकरण विधि में लिखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश सामान्य डोमेन नाम तकनीकी संदर्भों में छोटे अक्षरों में लिखे जाते हैं।[3]सरल विविरण संपादित करेंडोमेन नाम एक नामकरण है जो इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की पहचान करता है। एक डोमेन नाम अक्षर, संख्या और विशेष वर्ण जैसे किसी भी वर्ण का संयोजन हो सकता है। इसमें विभिन्न एक्सटेंशन जैसे .com, .net, .org आदि होते हैं।सभी वेबसाइट पृष्ठभूमि में एक अद्वितीय आईपी पते से जुड़ी हुई हैं। आईपी ​​एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) एक संख्यात्मक पता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में उस वेबसाइट को कहां रखा गया है।मूल रूप से, किसी भी वेबसाइट की पहचान आईपी पते से होती है। लेकिन संख्यात्मक पता होने के कारण, हम इंसानों को यह याद रखना मुश्किल है। डोमेन नाम अवधारणा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद कर सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।किसी एक डोमेन नाम की मदद से, हम एक या एक से अधिक आईपी पते पा सकते हैं। उदाहरण के लिए, google.com एक डोमेन नाम है जो सैकड़ों आईपी को संदर्भित करता है। किसी विशेष वेबपृष्ठ की खोज करने के लिए URL में डोमेन नाम का भी उपयोग किया जाता है।कार्यपद्धती संपादित करेंइंटरनेट पर सभी वेबसाइटों को होस्ट या सर्वर में संग्रहीत किया जाता है। जो एक विशेष आईपी को इंगित करते हैं और यह कि आईपी एक डोमेन नाम के साथ जुड़ा हुआ है।जब भी हम किसी वेबसाइट का नाम अपने ब्राउज़र के URL बार में जोड़ते हैं, तभी वह डोमेन नाम की सहायता से सर्वर के IP को इंगित करता है, ताकि हम अपनी खोज की गई वेबसाइट और उस पर इससे संबंधित जानकारी देख सकें संगणक।यह एक चक्र की तरह है। जिसमें हम सबसे पहले अपने ब्राउज़र पर एक डोमेन लिखकर डोमेन में प्रवेश करते हैं। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) सर्वर खोज करता है और हमें डोमेन नाम सर्वर, रूट सर्वर और अन्य सर्वर की मदद से उस डोमेन से संबंधित जानकारी भेजता है।डोमेन नाम के प्रकार संपादित करेंTLD - शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंशीर्ष स्तर के डोमेन (TLD) को इंटरनेट डोमेन एक्सटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। यह किसी भी डोमेन का अंतिम भाग है, जहाँ डोमेन नाम समाप्त होता है और इसे पहली बार विकसित किया गया था। यह बहुत एसईओ के अनुकूल होने के कारण, यह वेबसाइट को आसानी से रैंक करने में मदद करता है। साथ ही, यह Google खोज इंजन को अधिक महत्व दे रहा है।TLD एक्सटेंशन का उदाहरण.com (वाणिज्यिक).org (संगठन).net (नेटवर्क).gov (सरकार).edu (शिक्षा).name (नाम).biz (व्यवसाय).info (सूचना)CcTLD - देश कोड शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंइस प्रकार के डोमेन का उपयोग किसी विशेष देश के अनुसार किया जाता है। इसका नाम किसी देश के ISO CODE (नाम के दो अक्षर) के आधार पर रखा गया है।CcTLD एक्सटेंशन का उदाहरण.Us: संयुक्त राज्य अमेरिका.cn: चीन.in: भारत.ch: स्विट्जरलैंड.rs: रूस.br: ब्राज़ीलवैसे, कई अन्य डोमेन नाम भी हैं, लेकिन हम उन्हें ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि आप डोमेन नाम में विभिन्न अन्य भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।उप-डोमेन नाम संपादित करेंउप-डोमेन या सब-डोमेन किसी मुख्य डोमेन नाम का एक हिस्सा होता है। कोई भी डोमेन नाम धारक इसे कई सब-डोमेन में विभाजित कर सकता है।

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए,  Domain (disambiguation)  देखें। एक  डोमेन नाम  एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे। [1] पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रम डोमेन नाम  डोमेन नाम प्रणाली  (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। ...

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?)By वनिता कासनियां पंजाबडिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में.आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है.इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही वे आसानी से किसी भी उत्पाद व सेवाओं के बारे में अच्छा और बुरा पढ़कर उसको अपने जीवन में अपना सकते हैं. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वजह से कई सारे धोखाधड़ी और कालाबाजारी करने वाले लोग कम हो गए हैं. किसी भी प्रकार की वस्तु व सेवाओँ की खरीदारी हम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उचित मूल्य पर आसानी कर सकते है. वह उन वस्तुओं सेवाओं को पाकर संतुष्टि भी प्राप्त करते हैं.बाजार में बहुत सारे उत्पाद व सेवाएं मौजूद है अब किस पर विश्वास किया जाए और नहीं इसमें सबसे बेहद सहायक रास्ता डिजिटल मार्केटिंग है, जो किसी भी ब्रांड पर विश्वास कायम करने में हमारी मदद करता है. यदि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी ब्रांड पर नहीं बनेगा, तो वे उस ब्रांड को उपयोग में नहीं ला पाएंगे. ऐसे में व्यापारियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंच सकती है.यह एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां पर एक ही समय में एक ही वस्तु के कई सारे प्रकार उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित किए जा सकते हैं. जिससे वे उन वस्तुओं व सेवाओं की तुलना करने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार सबसे बेस्ट चीज चुन सकते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Digital Marketing Benefits)डिजिटल मार्केटिंग के जरिए व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचता है. वे किसी भी वस्तु को लेकर जागरूक भी होते हैं, व उससे आसानी से जुड़ते भी हैं. किसी भी वस्तु के लिए जागरूक और उस वस्तु पर विश्वास होने से वे अपनी मनचाही जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती हैं.नई खरीदारों और नए व्यापारियों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफार्म है जिससे वे एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए काम करते हैं. नए व्यापारियों को यह आगे बढ़ने का मौका देता है, तो नए खरीदारों को बेहतर सेवाएं व वस्तुएं प्राप्त करने का एक उचित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है.डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी भी वस्तुओं सेवाओं के विस्तार में बहुत अधिक सहायता मिलती है, क्योंकि यदि एक व्यक्ति को वह वस्तु या सेवा अधिक पसंद आती है, तो वह अपने मित्र व सगे संबंधियों के बीच उसे आसानी से शेयर भी करता है. इससे किसी भी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं को वितरित करने में आसानी होती है.उपभोक्ताओं व उत्पादक का सीधा संपर्क होने की वजह से वह आसानी से किसी भी सेवा व वस्तु का पूरा लाभ शीघ्रता और आसानी से प्राप्त कर सकते है. सही मायने में देखा जाए तो उचित कीमत पर सही वस्तु व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक सबसे सुगम और सरल रास्ता डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसकी वजह से वे पूरी तरह संतुष्ट होते हैं और आनंद की प्राप्ति करते हैं.एक ऐसा सरल रास्ता उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच डिजिटल मार्केटिंग बन चुका है जहां से आसानी से किसी भी ब्रांड की विश्वसनीयता को उपभोक्ताओं के बीच में बढ़ाने में सहायता मिलती है. व्यापारियों द्वारा निर्मित किसी भी वस्तु को अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्थापित करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है.किसी भी व्यवसाय को बढ़ाने और अपने उत्पादों को देश विदेश में पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक किफायती और सुगम तरीका होता है. साथ में उपभोक्ता उत्पादक के बीच के संपर्क को भी बनाने मे सरलता मिलती है. यह एक ऐसा सरल तरीका है, जिसका उपयोग किसी भी देश में बैठे व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं. यह देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार (Digital Marketing Types)मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग और ऑफलाइन मार्केटिंग आते हैं.ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी अपनी अहम भूमिका निभाता है. इसमें बिना इंटरनेट से जुड़े आप अपने व्यवसाय से जुड़ी डिजिटल मार्केटिंग आसानी से कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी डिवाइस का उपयोग करके आप आसानी से ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म पर अपना व्यवसाय ला सकते हैं.रेडियो :- रेडियो के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो बहुत पुराना तरीका है और सबसे आसान भी. जिस समय इंटरनेट का अविष्कार भी नहीं हुआ था उस समय से रेडियो डिजिटल मार्केटिंग में अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी बात आसानी से सभी उपभोक्ताओं के बीच में लाई जा सकती है. इंटरनेट के इतने इस्तेमाल के बाद भी अब तक रेडियो का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है, बल्कि बीते 10 सालों में (साल 2018 तक) रेडियो चैनल्स की कमाई 470 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.टीवी :– टीवी तो आमतौर पर सबके घरों में मिल ही जाती है. उस पर डेली सोप्स और फिल्मों के बीच कितने प्रकार के विज्ञापन आते हैं, कि उन्हें देखकर किसी भी वस्तुओं व सेवाओं के लिए हम जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं. अतः डिजिटल मार्केटिंग का सबसे आसान और सबसे आकर्षित तरीका मात्र टीवी ही है.मोबाइल :- ऑफलाइन तरीके में मोबाइल का इस्तेमाल करके भी डिजिटल मार्केटिंग की जा सकती है, यह एक सबसे आसान तरीका है. ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल ना हो. ऐसे में ऑफलाइन तरीके से फोन करके या फिर मैसेजेस के जरिए आसानी से डिजिटल मार्केटिंग को अंजाम दिया जा सकता है.ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक वृहद रूप प्रदान किया है. इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग आसानी से की जाती है. और सरलता से सभी उत्पाद व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है.सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने वेबसाइट की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ा दी है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट का स्तर बढ़ाने के लिए सर्च इंजन एक बेहतर स्थान है. किसी भी वेबसाइट पर कितने लोग आते हैं और उस विज्ञापन व उस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट को देखते हैं या फिर पढ़ते हैं, यह सब वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत जरूरी होता है और यह ट्रैफिक लाने का सबसे आसान तरीका माना गया है. पाठकों के लिए और बहुत से उपभोक्ताओं के लिए इनके बीच में कई सारे विज्ञापन भी प्रदर्शित किए जाते हैं. वह उन सेवा व वस्तुओं तक आसानी से पहुंचने में मदद भी करते हैं.सर्च इंजन मार्केटिंग :- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए हम बिना कोई मूल्य चुकाए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते हैं. परंतु सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब SEM एक ऐसा तरीका है जिस पर कुछ मूल्य चुकाने के बाद आप अपने विज्ञापनों को बड़ी-बड़ी वेबसाइट पर दिखा सकते हैं, जिससे आपको कई सारे उपभोक्ता आसानी से प्राप्त हो जाते है.पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC) :- किसी भी प्रकार के विज्ञापन को चलाने के लिए यह बहुत आसान और सुगम तरीका है. वेबसाइट पर कुछ इस तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किये जाते है, कि यदि कोई पाठक उस विज्ञापन पर क्लिक कर देता है तो ऐसे में वेबसाइट को एक निर्धारित मूल्य की प्राप्ति होती है. गूगल पर किसी भी प्रकार का सवाल डालने पर उससे जुड़े कई सारे जवाब हमारे सामने प्रदर्शित किए जाते हैं. और उनसे जुड़े बहुत से विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं. ऐसे में उन विज्ञापनों पर मात्र एक क्लिक करने से ही और उसके बारे में वहां पर दी हुई जानकारी देखने से उस वेबसाइट का स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति को गूगल द्वारा स्वयं ही एक राशि का भुगतान कर दिया जाता है.सोशल मीडिया मार्केटिंग :- आज के समय में किसी भी देश व किसी भी स्थान का व्यक्ति सोशल मीडिया के बिना नहीं रह सकता है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे उत्पाद विज्ञापित किए जाते हैं और उनके जरिए आकर्षित वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर बहुत जल्द उन्हें अपने जीवन में अपनाया भी जाता है. जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि. इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत से व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं. अतः उपभोक्ताओं की जरूरत उनकी इच्छा अनुसार पूरी करके कोई भी व्यापारी उनका पसंदीदा बन जाता है.कंटेंट मार्केटिंग :- कंटेंट मार्केटिंग के जरिए नियमित रूप से आने वाले पाठकों के लिए आकर्षित लेख डाले जाते हैं, जिन्हें पढ़कर वे वस्तुओं व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से समझ पाते हैं. जिन्हें पढ़कर कोई भी उपभोक्ता आसानी से किसी ब्रांड पर विश्वास करता है और उसका नियमित कस्टमर बन जाता है. इनमें मुख्य रूप से ब्लॉग पोस्ट वीडियो ई – बुक इंफोग्राफिक पॉडकास्ट आदि सम्मिलित किए जाते हैं, जो आसानी से किसी भी ब्रांड या प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह सबसे सरल और किफायती मार्ग बन चुका है.ई-मेल मार्केटिंग :- ईमेल मार्केटिंग भी पुराने तरीकों में से एक है इसके जरिए आसानी से कोई भी व्यापारी अपने द्वारा बनाए गए उत्पादों व सेवाओं को आसानी से विज्ञापित करके उपभोक्ताओं तक पहुंचा देता है. इसमें सबसे किफायती बात यह है कि यह सबसे सस्ता और सरल तरीका है. यह एक ऐसा सुगम तरीका है जो उपभोक्ताओं को व्यापारियों से जोड़ता है, और व्यापारियों को अपने व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत सहायता मिलती है.एफिलेटेड मार्केटिंग :- एफिलेटेड मार्केटिंग एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो आजकल के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सबके बीच में फैला हुआ है. यह तरीका उपभोक्ताओं तक उत्पाद तो पहुंचाता ही है, साथ ही बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करता है. घर में बैठी ग्रहणी हो या फिर रिटायर्ड हुए कोई व्यक्ति, प्रत्येक व्यक्ति रिलेटेड मार्केटिंग से आज के समय में जुड़ चुका है. मुख्य रूप से इसमें यह कार्य होता है कि कोई भी विश्वसनीय ब्रांड या प्रोडक्ट अपने सर्विस का प्रचार व प्रसार करते हैं और धीरे-धीरे उनसे कई व्यक्तियों को जोड़ लेते हैं. आगे के प्रचार व प्रसार में वे व्यक्ति उनकी मदद करते हैं जिसके बदले वे अपनी सेवाओं और वस्तुओं के विक्रय होने पर उन्हें कुछ कमीशन का भुगतान किया जाता हैं.अंत में यदि देखा जाए और समझा जाए तो डिजिटल मार्केटिंग किसी भी व्यापार को बढ़ाने और उसको उपभोक्ताओं के बीच लाने के लिए एक उचित प्लेटफार्म बन चुका है. यह उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच एक बेहतर और विश्वसनीय संबंध बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए तो धन की प्राप्ति होती ही है, साथ में कुछ ऐसे लोग भी हमसे जुड़ जाते हैं जो अपने खाली समय में धन अर्जित करने में सक्षम हो पाते हैं. व्यवसाय के विस्तार व प्रसार के लिए एक अहम प्लेटफार्म के रूप में डिजिटल मार्केटिंग को जाना जाता है. किसी भी व्यवसाय को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का काम भी डिजिटल मार्केटिंग ही कर रहा है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग ने अपनी एक अच्छी खासी पकड़ व्यापारियों व उपभोक्ता के बीच बना ली है.

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?) By वनिता कासनियां पंजाब डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में. आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है. इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पा...