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Restorent kaise Khole - रेस्टोरेंट खोलकर लाखो पैसे कमाए 2022

दोस्तो  आज के इस पोस्ट में हम आपको रेस्टोरेंट्स कैसे खोले के बारे में बताने वाले हैं हम में से अधिकतर लोग अपने कैरियर में कुछ बड़ा करने का सोच रहे हैं, ऐसे में बहुत लोग अपना कैरियर रेस्टोरेंट का बिजनेस कर के बनाना चाहते हैं,

इसलिए आज के इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं को रेस्टोरेंट कैसे खोले और रेस्टोरेंट खोलकर लाखों कैसे कमाए.
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दोस्तो अगर बात करे रेस्टोरेंट के बिजनेस की तो अधिकतर लोग इस बिजनेस को धन के कमी से नहीं कर पाते, इसलिए हम इस पोस्ट में रेस्टोरेंट खोलने के लिए पैसा कैसे जुटाए के बारे में भी बताने वाले हैं, तो चलिए अब हम आपको विस्तार से बताते हैं कि "Restaurant Kaise Khole"


Restaurant Kaise Khole - रेस्टोरेंट खोलकर लाखो पैसे कमाए 2022

1: एक जगह चुने

अगर आप अपने रेस्टोरेंट से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो रेस्टोरेंट खोलने से पहले आपको एक अच्छा जगह को चुनना होगा, आप खुद सोचिए जिस जगह पर ज्यादा लोग घूमने आते हैं मुमकिन हैं की वहां आपका रेस्टोरेंट खूब चले. 

लेकिन अगर आप ऐसे जगह होटल खोल लेते हैं, जहां पर आदमी घूमने फिरने नहीं आते हैं, या वहां को जनसंख्या बिल्कुल कम हैं, तो वहां आपका होटल बिल्कुल नहीं चलेगा इसलिए आपको रेस्टोरेंट खोलते समय एक अच्छी जगह का चुनाव करना चाहिए,
आप होटल ऐसी जगह खोले जहां पर शांत वातावरण हो और वहां लोगो का आना जाना लगा रहता हो, होटल के लिए जगह का चुनाव करते समय आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए, की आपका वो जगह मेंन रोड से कितना दूर हैं, 

2: रेस्टोरेंट्स के मॉडल को चुने

रेस्टोरेंट्स खोलने का दूसरा कदम हैं रेस्टोरेंट के मॉडल को चुनना, रेस्टोरेंट कई प्रकार के होते हैं और सब का बजट भी अलग अलग होता है, जैसे कुछ रेस्टोरेंट में लिफ्ट, 24 घंटा बिजली, डांस क्लब, कि भी सुविधा होती है, वह कुछ रेस्टोरेंट ऐसे भी होते जिनमें एक सीमित सुविधा होती हैं,

रेस्टोरेंट खोलने से पहले आपको यह भी तय करना चाहिए, की आपके रेस्टोरेंट में कौन कौन से खाने के आईटम मिलेंगे, और उन सब का प्राइस क्या होगा,

अगर बात करें भारतीय रेस्टोरेंट कि तो कुछ लोग रेस्टोरेंट का मतलब एक साधारण होटल खोलना समझते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है दरसअल एक रेस्टोरेंट खोलने का मतलब अपने कस्टमर को खिलाना नहीं है बल्कि उनके मनोरंजन, पार्किंग एरिया, जैसे सुविधा भी उपलब्ध करवाना है,

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3: तय करें कि आप रेस्टोरेंट के लिए बिल्डिंग खरीदना चाहते हैं या बनवाना

रेस्टोरेंट खोलने का तीसरा कदम यह हैं कि आप तय करे कि आप रेस्टोरेंट के लिए बना बनाया हुआ बिल्डिंग खरीदना चाहते हैं, या मकान बनवाना चाहते हैं, अगर आप बना बनाया हुआ रेस्टोरेंट के लिए बिल्डिंग खरीदते हैं, तो शायद यह आपके लिए सस्ता पड़ जाएं,

लेकिन आपके पास प्रयाप्त पैसा हैं तो आप एक माकान बनवाकर उसमे रेस्टोरेंट का बिजनेस शुरू कर सकते हैं माकन बनवाने  यह फायदा होगा की आप अपने हिसाब से अपने रेस्टोरेंट का साइज सेट कर पाएंगे, लेकिन वही आप बना बनाया हुआ मकान खरीदते हैं तो उसमे आप कुछ नहीं कर सकते,  जैसा उस बिल्डिंग का डिजाइन रहेगा मजबूरन आपको अपने रेस्टोरेंट का डिजाइन भी वैसा ही करना पड़ेगा

इससे निष्कर्ष यह निकलता हैं कि अगर आपके पास प्राप्त पैसा कहने का मतलब ज्यादा पैसा है, तो आपको अपने हिसाब से एक बिल्डिंग बनवाकर उसमे रेस्टोरेंट का बिजनेस करना चाहिए, लेकिन अगर आपके पास उतना पैसा नहीं है तो आप सस्ते में मकान/बिल्डिंग खोलकर रेस्टोरेंट का बिजनेस शुरू कर सकते हैं, 

4: बजट तैयार करें और प्रॉफिट का अनुमान लगाए

अब जब आपने यह तय कर लिया है कि आपको रेस्टोरेंट खोलने के लिए मकान खरीदना है या बनवाना, तो इसके बाद आपको रेस्टोरेंट का बजट डिसाइड करना चाहिए, बजट बनाते समय आप बिल्डिंग बनवाने का बजट, बिल्डिंग की डिजाइन करने का बजट, रेस्टोरेंट सेटअप करने का बजट, फूड आइटम्स का बजट आदि को जरूर जोड़े,

 जब आप अपने रेस्टोरेंट के लिए बजट तैयार कर ले तो अगला स्टेप यह हैं कि आप यह अनुमान लगाए को जिस बिजनेस में आप इतना पैसा लगा रहे, आखिर उससे आप कितना प्रॉफिट कमा पाएंगे,  क्योंकि कोई भी बिजनेस प्रॉफिट को देखकर ही किया जाता हैं, हालांकि टीम लाइटहिंदी और मेरे अनुसार. रेस्टोरेंट के बिजनेस में बहुत प्रॉफिट होता हैं, लेकिन फिर भी आप अपने तौर तरीके से रेस्टोरेंट के प्रॉफिट के बारे में अनुमान लगा ले

5: पैसे इकट्ठा करें

 बहुत सारे लोग रेस्टोरेंट खोलने के सपने की धन की कमी के कारण नहीं पूरा कर पाते हैं, और आप भी उनमें से ही हैं, तो हम आपको पैसे इकट्ठा करने का कुछ तरीका बताने जा रहे हैं, जिसे अगर आप फॉलो करते हैं तो आप अपने रेस्टोरेंट के लिए एक अच्छा फंड इकट्ठा कर पाएंगे

1: बैंक से लोन ले

अगर आपके पास रेस्टोरेंट खोलने के लिए पैसे कम पड़ रहे हैं, तो आप बैंक से लोन ले सकते हैं, आज कल लगभग सभी बैंक में बिजनेस लोन आसानी से मिल जाता है, लेकिन ध्यान रहे लोन लेते समय आपको कई दलाल मिलेंगे जिनसे आपको बच के रहना है, लोन लेने के लिए आपको सीधे बैंक मैनेजर से बात करनी चाहिए, 

2: दोस्तो, रिश्तेदारों, से पैसे उधार ले

रेस्टोरेंट के लिए पैसे जमा करने का दूसरा बेहतरीन तरीका है | दोस्तो या अपने करीबी रिश्तेदारों से पैसे उधार लेना, लेकिन दोस्तो या रिस्तेदारो से पैसे लेते समय आप ध्यान रखे कि वो आपके जज्बातों, को समझता हो, अन्यथा हो सकता है कि रेस्टोरेंट खोलने से पहले ही अपने पैसे वापस मांगने लगे

3: पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट खोले

पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट खोलना पैसे इकट्ठा करने का बेहतरीन तरीका है, (जब दो लोग एक साथ मिलकर  रेस्टोरेंट खोलते हैं तो उसे पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट खोलना कहते हैं,)  पार्टनरशिप में एक रेस्टोरेंट खोलना बेहतरीन उपाय इसलिए हैं, क्योंकि यह निवेश के जोखिमों को भी कम करता है, यानी भविष्य में अगर आपका रेस्टोरेंट अच्छे तरीके से नहीं चलता है, तो इससे आपका
कम नुकसान होगा, 

पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट खोलते समय आप कोशिश करे कि आपका पैसा ज्यादा लगे ताकि आप ज्यादा मुनाफा कमा सके 
 

6: बिल्डिंग को रेस्टोरेंट में बदले

चाहे आप रेस्टोरेंट के लिए बिल्डिंग बनवाए हैं, या बिल्डिंग खरीदे हैं, इसे रेस्टोरेंट का लुक देना बहुत जरूरी है, रेस्टोरेंट का लुक देते समय आपको यह डिसाइड करना होगा कि आपके रेस्टोरेंट में लोग खाना कहां खाएंगे, कहां Drink पिएंगे, डांस कहां करेंगे, और कहा मूर्त बिर्सजन यानी कि टॉलेट करेंगे,

रेस्टोरेंट का लुक बनाते समय आपको अपने रेस्टोरेंट के लाइटिंग, टेबल कूर्सी, काउंटर, मेन गेट इत्यादि को भी सेटअप करना होता है, मतलब आपको अपने बिल्डिंग को एक बेहतरीन रेस्टोरेंट में बदल देना है, रेस्टोरेंट का लुक देते समय आपको 1 या 2 महीने या इससे भी ज्यादा का समय लग सकता है, लेकिन भले ही इस प्रक्रिया में देरी हो लेकिन आप कोशिश करें कि आपके रेस्टोरेंट का लुक बिल्कुल जबरदस्त हो,

7: खाने के आईटम को चुने

जिस तरह एक एक्टर कि पहचान उसकी एक्टिंग से होती है, ठीक उसी प्रकार एक रेस्टोरेंट की पहचान उसके खाने की क्वॉलिटी और प्रकार से होती हैं, इसलिए आपको रेस्टोरेंट का मेनू कार्ड बनाते समय ऐसे ऐसे खाने के आईटम को चुनना चाहिए,  जिसे लोग बहुत पसंद करते हैं, आप अपने रेस्टोरेंट में भारतीय भोजन, चाईनीज भोजन, अमेरिकी भोजन, इत्यादि रख सकते हैं,

आज कल के लोग रेस्टोरेंट मसालेदार भोजन खाने के लिए जाते हैं, तो आप कोशिश करें आपके रेस्टोरेंट में भी ऐसे भोजन की व्यवस्था हो, 

8: Fssai का लाइसेंस ले

Fssai (Food Safety And Standards Authority Of India)  एक भारतीय संस्था हैं जो खाद्य उत्पादित कंपनी, और रेस्टोरेंट को लाइसेंस देती हैं, बिना Fssai के लाइसेंस का आप अपने रेस्टोरेंट को बड़े पैमाने पर नहीं चला सकते, अगर आप अपने होटल को भारतीय सरकार के नियम अनुसार चलाना चाहते हैं, तो Fssai यानी Food Safety And Standards Authority Of India) का लाइसेंस लेना अनिवार्य है,

रेस्टोरेंट के लाइसेंस के लिए Fssai के ऑफिसियल।वेबसाइट Fssai.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, तथा अपने लाइसेंस को ऑनलाइन ही डाउनलोड भी  कर सकते हैं, आवेदन करते समय आपसे रेस्टोरेंट का नाम, पता, मालिक, फूड आइटम्स, इत्यादि मांगा जाता है, जिसे आपको बिल्कुल सटीक भरना होता है. अगर आपको नहीं पता कि Fssai में रेस्टोरेंट्स लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जाता हैं, तो आप इस वीडियो को देख सकते हैं,



Note - बड़े रेस्टोरेंट्स के लिए Fssai का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फीस के तौर पर 5 हजार से 10 हजार तक रुपए लग सकते हैं, इस फीस को आपको ऑनलाइन आवेदन करते समय देना होता है, 

9: अपने रेस्टोरेंट का प्रचार करें

जब आप अपना रेस्टोरेंट पूरे तरीके से सेटअप कर ले और आपके रेस्टोरेंट में कस्टमर आने लगे तथा आप प्रॉफिट कमाने लगे, तो आप अपने प्रॉफिट का 2% मार्केटिंग यानी अपने रेस्टोरेंट का प्रचार करने में जरूर लगाए, आप अपने रेस्टोरेंट का बैनर निकलवाकर चौक चौराहे पर लगा सकते हैं, जिसे पढ़ कर कस्टमर आपके रेस्टोरेंट में आ सके,

अपने रेस्टोरेंट के पास एक बड़ा सा बैनर जरूर लगाए जिससे लोगो और पर्यटकों को आसानी से पता चल सके कि यह रेस्टोरेंट यही है,

जैसा कि आप जानते हैं कि आज को जो जमाना हैं वो डिजिटल जमाना है, इस डिजिटल ज़माने में आप इंटरनेट पर लाखों यूजर के पास अपने रेस्टोरेंट का विज्ञापन दिखा सकते हैं,

अगर आप अपने रेस्टोरेंट का ऑनलाइन प्रचार करना चाहते हैं तो आप Google Ads के माध्यम से यह काम आसानी से कर सकते हैं, यहां आप तय कर सकते हैं कि आपका एड्स(प्रचार) किस जगह और किस उम्र के आदमी को दिखाया जाए,

उदहारण के लिए अगर आपका रेस्टोरेंट पटना में हैं, तो आप Google Ads के माध्यम से अपने रेस्टोरेंट का विज्ञापन(Ads) सिर्फ पटना में भी दिखा पायेंगे, जिससे  लोकल लोग भी आपके रेस्टोरेंट के बारे में अच्छी तरह से जान पाएंगे, 

10: यात्रियों को खाना खिलाने के लिए ट्रैवल कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करें

अपनी इनकम को और ज्यादा बढ़ाने के लिए आप किसी ट्रैवल कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन कर सकते हैं, इस कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ट्रैवल कंपनिया अपने यात्री को आपके रेस्टोरेंट में भोजन कराने के लिए ले आएगी, और बदले में आपको उस ट्रैवल कंपनी के बस चालक और कंडक्टर को फ़्री में भोजन कराना होगा,

इसके लिए आप अपने लोकल बस मालिक या लोकल ट्रैवल एजेंसी से मिल सकते हैं, इस तरीके को अपनाकर आप अपनी कमाई में बहुत ब्रिधि कर सकते हैं, 

हमारे यहां ऐसे बहुत सारे रेस्टोरेंट हैं, जो बस चालक से जुड़ कर बहुत सारे कस्टमर को अपने रेस्टोरेंट पर ले आते हैं, और बदले में वो सिर्फ वो बस ड्राइवर और बस कनडक्टर को‌ Free का खाना खिला देते है,

11: अपने रेस्टोरेंट को साफ रखें

अपने  क्योंकि आज के समय में भारतीय रेस्टोरेंट इसलिए बदनाम हो रहे हैं, क्योंकि यहां पर साफ सफाई पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता, और कभी कभी कस्टमर्स के प्लेट में कोकोरोच जैसे कीड़े निकल आते हैं, जिससे कस्टमर्स के मन में आपके रेस्टोरेंट के प्रति घृणा आने लगती हैं, जिसके कारण वो दुबारा आपके रेस्टोरेंट में नहीं आते, और वो बाहर जाकर यह खबर लोगो तक भी पहुंचा देते हैं, 

जिससे बहुत सारे लोग आपके रेस्टोरेंट में आना बंद कर देते हैं, इसलिए अगर आप अपने रेस्टोरेंट को उच्चे लेबल का रेस्टोरेंट बनाना चाहते हैं, तो साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे


12: स्टाफ को ट्रेनिंग दे

एक अच्छे होटल और रेस्टोरेंट की पहचान वहां काम कर रहे स्टाफ के व्यवहार से भी होता है, अगर आपके रेस्टोरेंट के स्टाफ व्यवहार में अच्छे रहेंगे तो लोग भी आपके रेस्टोरेंट में आना बेहद पसंद करेंगे,

इसके लिए आप अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दे, उन्हें बताए की उन्हे कस्टमर्स से किस तरीके से बात करनी चाहिए और कैसा व्यवहार करना चाहिए, ट्रेनिंग देते समय स्टाफ को यह भी बताए की टिप के लिए किसी कस्टमर्स पर फोर्स बिल्कुल ना बनाए,

13: लोकल एरिया में डिलीवरी की सुविधा दे

आजकल के लोग हर चीज घर पर मंगाकर सकून से खाना पसंद करते हैं, इसके लिए वो Sweegy जैसे ऐप का मदद लेते हैं, तो यह सब ध्यान में रखते हुए आप भी अपने लोकल एरिया में अपने रेस्टोरेंट से खाना डिलीवर करने का काम शुरू कर सकते हैं, आप Per/KM एक निश्चित डिलीवरी चार्ज अपने कस्टमर्स से ले सकते हैं, 

डिलीवरी सर्विस चालू करने के लिए आप अपना मोबाइल नम्बर कस्टमर्स को देंगे या आप चाहे तो किसी एप्प डेवलपर के माध्यम से खुद का एप्प या वेबसाइट भी बना सकते हैं, जिससे कोई भी आपके रेस्टोरेंट का एप्प डाउनलोड करके खाना ऑर्डर कर पाएगा,

14: इनकम बढ़ाने के लिए swiggy से जुड़े

अगर आपका रेस्टोरेंट्स बड़े शहर में हैं, तो आप Swiggy जैसे कंपनी से जुड़ कर अपने रेस्टोरेंट्स के बिजनेस को ऑनलाइन लेकर जा सकते हैं, इसके लिए आप Swiggy के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर पाएंगे, जिसके बाद लोग Swiggy के ऐप के माध्यम से आपके रेस्टोरेंट्स का खाना ऑर्डर कर सकेंगे, इस प्रक्रिया में आपको डिलीवरी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि Swiggy के माध्यम से आपके पास जो भी ऑर्डर आएगा, उसे Swiggy के डिलीवरी बॉय डिलीवर करेंगे,

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कस्टमर्स को अपने रेस्टोरेंट्स के तरफ कैसे आकर्षित करें?

किसी भी रेस्टोरेंट्स को कमाई इस बात पर निर्भर करती है, की उस रेस्टोरेंट्स में डेली कितने लोग भोजन करने आ रहे हैं, यदि आप अभी अभी रेस्टोरेंट्स खोले हैं, या पहले से ही रेस्टोरेंट्स खोले हैं लेकिन आपके रेस्टोरेंट्स में कस्टमर्स नहीं आ रहे हैं तो हम कुछ टिप्स एंड ट्रिक्स बताने जा रहे हैं, जिसे फॉलो करके आप कस्टमर्स को अपने रेस्टोरेंट्स के तरफ आकर्षित कर सकते हैं,

1: रेस्टोरेंट्स को साफ रखें

किसी भी रेस्टोरेंट्स को अगर गुणवत्ता जांच करनी होती हैं, तो सबसे पहले लोग यह देखते हैं कि जिस रेस्टोरेंट्स में वो खाना खाने जा रहें हैं, आखिर वो कितना साफ सुथरा हैं, आपने आय दिन ये खबरें सुनी होगी कि कई जगह रेस्टोरेंट्स के किचन रूम में कोकोरोच जैसे कीड़े निकल आते हैं, इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके रेस्टोरेंट्स में अधिक से अधिक लोग आएं तो आप अपने रेस्टोरेंट्स को साफ यानी स्वच्छ जरूर रखें,

2: अपने कस्टमर्स को ऑफर दे

क्या आप अपने कस्टमर्स को ऐसा ऑफर दे सकते हैं, जिससे आपके कस्टमर्स आपके रेस्टोरेंट्स में आने के लिए मजबुर हो जाएं, कैसे आप अपने कस्टमर्स के लिए एक ऑफर निकाल सकते हैं, की इस रेस्टोरेंट्स जो 5 दिन लगातार भोजन करेगा उसे अगले दिन वही भोजन आधे प्राइस पर दिया जाएगा,

इसके अलावा आप अपने कस्टमर्स को कोई अन्य ऑफर दे सकते हैं, जैसे खाने के बाद फ़्री आइसक्रीम की सुविधा, हिंग की सुविधा, कोल्ड्रिंक्स की सुविधा, इत्यादि इससे कस्टमर्स के मन में आपके रेस्टोरेंट्स के प्रति लगाव बढ़ जाएगा, जिससे वो बार बार आपके रेस्टोरेंट्स में आयेगे,

3: प्राइवेट जगह की व्यवस्था दे

एक अनुमान के मुताबिक आज कल के रेस्टोरेंट्स में अधिकतर प्रेमी जोड़े डिनर, या लॉन्च करने आते हैं, और वो चाहते हैं कि उन्हें एक प्राइवेट खाने के जगह दिया जाए ताकि वो आसानी से बात करते करते खाना खा सके, अगर आप उन प्रेमी जोड़ो को एक प्राइवेट जगह उपलब्ध करा सकते हैं, तो यह आपके रेस्टोरेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद होगा

रेस्टोरेंट्स खोलने में कितना पैसा लगेगा

एक रेस्टोरेंट खोलने में कितना पैसा लगेगा यह इस बात पर निर्भर करता है, की आप किस प्रकार का रेस्टोरेंट खोलना चाहते, एक साधारण रेस्टोरेंट्स खोलने में लगभग 3 से 6 लाख़ या इससे भी ज्यादा रुपए लग सकते हैं, जब की fivestar रेस्टोरेंट खोलने में 50 लाख़ से 2 करोड़ या इससे भी ज्यादा रुपया लग सकता है|

रेस्टोरेंट किस जगह पर खोले ताकि ज्यादा मुनाफा हो?

रेस्टोरेंट से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए आप रेस्टोरेंट बड़े शहर(जैसे दिल्ली, मुंबई, पटना,) खोले, इससे आपके रेस्टोरेंट में अधिक लोग खाना खाने आएंगे जिससे आपका ज्यादा मुनाफा भी होगा, 


रेस्टोरेंट का क्या स्कोप हैं,

भारतीय रेस्टोरेंट तेज़ी से विकसित होने वाले क्षेत्र हैं, जिसमे बहुत अच्छा कैरियर स्कोप हैं आज टूरिस्ट और लोग रेस्टोरेंट का भोजन करना बेहद पसंद करते हैं. लोग बड़े ही स्नेह के साथ रेस्टोरेंट में भोजन करने जाते हैं अतः रेस्टोरेंट बिजनेस का बहुत अच्छा स्कोप हैं,

रेस्टोरेंट्स का नाम क्या रखे?

आपको अपने रेस्टोरेंट्स का नाम सकारत्मक और आसान रखना चाहिए जिसे आम लोग आसानी से बोल, पढ़, और याद रख सके, कोशिश करें कि आपके रेस्टोरेंट्स का नाम इंग्लिश में हो,

रेस्टोरेंट्स खोलकर कितना पैसा कमा सकते हैं?

अगर आपका रेस्टोरेंट्स बड़े शहर जैसे दिल्ली मुंबई, में हैं तो आप महीने के 10 लाख से लेकर 20 लाख या इससे भी ज्यादा कमा सकते हैं. रेस्टोरेंट्स से कमाई इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपके रेस्टोरेंट्स के खाने की क्वॉलिटी क्या हैं,

रेस्टोरेंट्स को फेमस कैसे करें ?

रेस्टोरेंट्स को फेमस करने का एक बेहतरीन तरीका है कि अपने लोकल सोशल मीडिया स्टार, YouTubers, आदि जैसे फेमस हस्तियों को अपने रेस्टोरेंट्स में बुलाए और उनके साथ अपने रेस्टोरेंट्स का फोटो शूट कराए और उसे सोशल मीडिया पर डाले,

इससे होगा यह की जितने लोग भी उस सोशल मीडिया स्टार के फैन होंगे वो आपके रेस्टोरेंट्स में आना शुरू कर देंगे, इसके अलवा आप अपने रेस्टोरेंट्स को फेमस करने के लिए अपने रेस्टोरेंट्स का बैनर बस गाड़ियों, टेम्पु इत्यादि पर लगा सकते हैं,

रेस्टोरेंट्स में कौन कौन से खाने के आइटम्स रखे ?

अपने रेस्टोरेंट्स में ये खाने के आइटम को जरूर रखे जो इस प्रकार हैं,

  • चाईनीज फूड
  • फास्ट फूड(बर्गर, पाव इत्यादि)
  • नॉन वेज(चिकन, मछली इत्यादि)
  • वेज
  • दाल,चावल, जैसे स्वदेशी खाने
  • समोसा
  • पूरी, सब्जी
  • पिज्जा
  • इत्यादि 



निष्कर्ष

तो दोस्तों आशा करते हैं कि यह जानकारी रेस्टोरेंट्स कैसे खोले आपको पसंद आयी होगी, और हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप एक बेहतरीन रेस्टोरेंट्स खोल पाएंगे, 

हमने इस पोस्ट में रेस्टोरेंट्स कैसे खोले से लेकर रेस्टोरेंट्स को कैसे फेमस करें, तक के बारे में बताया है, जिससे आपको रेस्टोरेंट्स के बिजनेस को समझने में आसानी होगी, इस पोस्ट को अपने तमाम दोस्तो, रिस्तेदारो में जरूर शेयर करें ताकि वो भी इस जानकारी का लाभ उठा सके,

Thanks for reading

नमस्कार दोस्तों मैं वनिता कासनियां पंजाब इस ब्लॉग की लेखक और मालिक हूँ | मैं अपने ब्लॉग पर Career, Job, Earn Money Tips, और लोगो के Success Story के ऊपर लेख लिखती हूँ, ,


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आप घर बैठे-बैठे अपने Facebook पेज के माध्यम से महीने के 20000 रूपए बहुत आराम से कमा सकते हैं। 2. दूसरे की Websites की पोस्ट के Link शेयर करके Facebook पेज से पैसे कमाने का यह तरीका उन लोगों के लिए है जो अपनी Website नहीं बना सकते। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते तो भी आप Facebook पेज से पैसे कमा सकते हैं। बहुत सी ऐसी Websites हैं जो चाहती हैं कि आप उनकी Website के Link अपने Facebook पेज पर शेयर करें। जब आप उनकी पोस्ट के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो वो आपको इस बात के पैसे देती हैं। इसके लिए आप के Facebook पेज पर कम से कम एक लाख लोग जुड़े होने चाहिए। 3. एफिलिएट मार्केटिंग आपने देखा होगा कि लोग आजकल अपना मनपसंद सामान घर बैठे मँगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाँलाकि भारत में अभी कम लोग ही Online खरीदारी करते हैं लेकिन आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा लोग Online खरीदारी करना पसंद करेंगे। Online खरीदारी के कई फायदे हैं इसलिए धीरे-धीरे लोगों का झुकाव इस ओर हो रहा है। जो कम्पनी अपना सामान Online बेचती हैं, वह इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि आने वाला समय Online खरीदारी का ही होगा। ये कम्पनियाँ कई तरीकों से अपना सामान Online बेचने का प्रयास कर रही हैं। इन्ही में से एक तरीका है – एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा जहाँ एक ओर कम्पनी को भी फायदा होता है कि उनके Product आसानी से बिक जाते हैं, वहीँ इसके एवज में एफिलिएट मार्केटिंग करने वाले को भी मोटा कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग को एक उदाहरण के द्वारा आसान शब्दों में समझ सकते हैं। आपने कई ऐसी कम्पनी का नाम सुना होगा जो Online अपना सामान बेचती हैं। इन्ही में से एक कम्पनी है – Amazon. अगर आप Amazon के किसी Product को बिकवाने में सफल होते हैं तो कम्पनी इसके बदले में आपको कमीशन देती है। मान लिया आप Amazon पर उपलब्ध 500 रूपए की किसी शर्ट को बेचने में सफल हुए तो कम्पनी इसका लगभग 10% कमीशन (50 रूपए) आपको देगी। इसे ही कहते हैं – एफिलिएट मार्केटिंग। अब आपको पता चल गया होगा कि आप अपने Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। जब आप Amazon या Flipkart के किसी अच्छे और सस्ते Product के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो कुछ लोग उस Link के माध्यम से उस Product को जरूर खरीदेंगे। जब लोग आपके द्वारा शेयर किए गए Link से उस सामान को खरीदेंगे तो आपको इसका कमीशन मिलेगा। अगर आपके Facebook पेज से 100000 लोग जुड़े होंगे तो 100000 लोगों में कम से कम 10 लोग तो ऐसे होंगे ही, जो उस Product को खरीदेंगे। मतलब आपके लगभग 500 रूपए पक्के, वो भी एक दिन में। उम्मीद है आपको अपने कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे जैसे कि Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए जाते है (How to earn money from facebook page), फेसबुक पेज से पैसे कमाने का तरीका, Facebook पेज से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से Earning कैसे करे। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), इस वारे में अभी बहुत सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरुरी है। ये बातें हम आपको तभी बताएँगे जब आप इस वारे में Interested होंगे। अगर आप वास्तव में Facebook पेज से पैसे कमाना चाहते हैं तो हमें Comment करके बताइए हम आपकी पूरी मदद करेंगे। यह भी जरूर पढ़ें : इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए – इन्टरनेट से पैसे कमाने के टॉप 10 बेस्ट तरीके Youtube से पैसे कैसे कमाए – Youtube से पैसे कमाने के तरीके – पूरी जानकारी Blogging से पैसे कैसे कमाए – Blog/Website से पैसे कमाने का तरीका – पूरी जानकारी Top 10 Best YouTube Channel Ideas in Hindi – YouTube Channel किस टॉपिक पर बनाये WhatsAppFacebookTwitter

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंयह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए, Domain (disambiguation) देखें।एक डोमेन नाम एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे।[1]पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रमडोमेन नाम डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। DNS में पंजीकृत कोई भी नाम एक डोमेन नाम है। डोमेन नाम DNS रूट डोमेन के अधीनस्थ स्तरों (उप-डोमेन) में आयोजित किए जाते हैं , जो कि नामहीन है। डोमेन नामों का पहला-स्तरीय सेट शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) हैं, जिनमें जेनेरिक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (gTLD) शामिल हैं, जैसे कि प्रमुख डोमेन कॉम, सूचना, नेट, edu और org, और देश कोड शीर्ष -वेल डोमेन(CcTLDs)। DNS पदानुक्रम में इन शीर्ष-स्तरीय डोमेन के नीचे, दूसरे-स्तर और तीसरे-स्तर के डोमेन नाम हैं, जो आमतौर पर अंत-उपयोगकर्ताओं द्वारा आरक्षण के लिए खुले हैं जो स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्ट करना चाहते हैं, अन्य सार्वजनिक रूप से सुलभ इंटरनेट संसाधन बना या चला सकते हैं।इन डोमेन नामों का पंजीकरण आमतौर पर डोमेन नाम रजिस्ट्रार द्वारा प्रशासित किया जाता है जो जनता को अपनी सेवाएँ बेचते हैं।एक पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम (FQDN) एक डोमेन नाम है जो DNS के पदानुक्रम में सभी लेबल के साथ पूरी तरह से निर्दिष्ट है, जिसमें कोई भाग छूटा नहीं है। परंपरागत रूप से एक FQDN DNS पेड़ के शीर्ष को निरूपित करने के लिए एक डॉट (.) में समाप्त होता है।[2] डोमेन नाम प्रणाली में लेबल केस-असंवेदनशील हैं, और इसलिए इसे किसी भी वांछित पूंजीकरण विधि में लिखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश सामान्य डोमेन नाम तकनीकी संदर्भों में छोटे अक्षरों में लिखे जाते हैं।[3]सरल विविरण संपादित करेंडोमेन नाम एक नामकरण है जो इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की पहचान करता है। एक डोमेन नाम अक्षर, संख्या और विशेष वर्ण जैसे किसी भी वर्ण का संयोजन हो सकता है। इसमें विभिन्न एक्सटेंशन जैसे .com, .net, .org आदि होते हैं।सभी वेबसाइट पृष्ठभूमि में एक अद्वितीय आईपी पते से जुड़ी हुई हैं। आईपी ​​एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) एक संख्यात्मक पता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में उस वेबसाइट को कहां रखा गया है।मूल रूप से, किसी भी वेबसाइट की पहचान आईपी पते से होती है। लेकिन संख्यात्मक पता होने के कारण, हम इंसानों को यह याद रखना मुश्किल है। डोमेन नाम अवधारणा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद कर सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।किसी एक डोमेन नाम की मदद से, हम एक या एक से अधिक आईपी पते पा सकते हैं। उदाहरण के लिए, google.com एक डोमेन नाम है जो सैकड़ों आईपी को संदर्भित करता है। किसी विशेष वेबपृष्ठ की खोज करने के लिए URL में डोमेन नाम का भी उपयोग किया जाता है।कार्यपद्धती संपादित करेंइंटरनेट पर सभी वेबसाइटों को होस्ट या सर्वर में संग्रहीत किया जाता है। जो एक विशेष आईपी को इंगित करते हैं और यह कि आईपी एक डोमेन नाम के साथ जुड़ा हुआ है।जब भी हम किसी वेबसाइट का नाम अपने ब्राउज़र के URL बार में जोड़ते हैं, तभी वह डोमेन नाम की सहायता से सर्वर के IP को इंगित करता है, ताकि हम अपनी खोज की गई वेबसाइट और उस पर इससे संबंधित जानकारी देख सकें संगणक।यह एक चक्र की तरह है। जिसमें हम सबसे पहले अपने ब्राउज़र पर एक डोमेन लिखकर डोमेन में प्रवेश करते हैं। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) सर्वर खोज करता है और हमें डोमेन नाम सर्वर, रूट सर्वर और अन्य सर्वर की मदद से उस डोमेन से संबंधित जानकारी भेजता है।डोमेन नाम के प्रकार संपादित करेंTLD - शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंशीर्ष स्तर के डोमेन (TLD) को इंटरनेट डोमेन एक्सटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। यह किसी भी डोमेन का अंतिम भाग है, जहाँ डोमेन नाम समाप्त होता है और इसे पहली बार विकसित किया गया था। यह बहुत एसईओ के अनुकूल होने के कारण, यह वेबसाइट को आसानी से रैंक करने में मदद करता है। साथ ही, यह Google खोज इंजन को अधिक महत्व दे रहा है।TLD एक्सटेंशन का उदाहरण.com (वाणिज्यिक).org (संगठन).net (नेटवर्क).gov (सरकार).edu (शिक्षा).name (नाम).biz (व्यवसाय).info (सूचना)CcTLD - देश कोड शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंइस प्रकार के डोमेन का उपयोग किसी विशेष देश के अनुसार किया जाता है। इसका नाम किसी देश के ISO CODE (नाम के दो अक्षर) के आधार पर रखा गया है।CcTLD एक्सटेंशन का उदाहरण.Us: संयुक्त राज्य अमेरिका.cn: चीन.in: भारत.ch: स्विट्जरलैंड.rs: रूस.br: ब्राज़ीलवैसे, कई अन्य डोमेन नाम भी हैं, लेकिन हम उन्हें ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि आप डोमेन नाम में विभिन्न अन्य भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।उप-डोमेन नाम संपादित करेंउप-डोमेन या सब-डोमेन किसी मुख्य डोमेन नाम का एक हिस्सा होता है। कोई भी डोमेन नाम धारक इसे कई सब-डोमेन में विभाजित कर सकता है।

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए,  Domain (disambiguation)  देखें। एक  डोमेन नाम  एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे। [1] पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रम डोमेन नाम  डोमेन नाम प्रणाली  (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। ...

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?)By वनिता कासनियां पंजाबडिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में.आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है.इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही वे आसानी से किसी भी उत्पाद व सेवाओं के बारे में अच्छा और बुरा पढ़कर उसको अपने जीवन में अपना सकते हैं. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वजह से कई सारे धोखाधड़ी और कालाबाजारी करने वाले लोग कम हो गए हैं. किसी भी प्रकार की वस्तु व सेवाओँ की खरीदारी हम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उचित मूल्य पर आसानी कर सकते है. वह उन वस्तुओं सेवाओं को पाकर संतुष्टि भी प्राप्त करते हैं.बाजार में बहुत सारे उत्पाद व सेवाएं मौजूद है अब किस पर विश्वास किया जाए और नहीं इसमें सबसे बेहद सहायक रास्ता डिजिटल मार्केटिंग है, जो किसी भी ब्रांड पर विश्वास कायम करने में हमारी मदद करता है. यदि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी ब्रांड पर नहीं बनेगा, तो वे उस ब्रांड को उपयोग में नहीं ला पाएंगे. ऐसे में व्यापारियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंच सकती है.यह एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां पर एक ही समय में एक ही वस्तु के कई सारे प्रकार उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित किए जा सकते हैं. जिससे वे उन वस्तुओं व सेवाओं की तुलना करने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार सबसे बेस्ट चीज चुन सकते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Digital Marketing Benefits)डिजिटल मार्केटिंग के जरिए व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचता है. वे किसी भी वस्तु को लेकर जागरूक भी होते हैं, व उससे आसानी से जुड़ते भी हैं. किसी भी वस्तु के लिए जागरूक और उस वस्तु पर विश्वास होने से वे अपनी मनचाही जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती हैं.नई खरीदारों और नए व्यापारियों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफार्म है जिससे वे एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए काम करते हैं. नए व्यापारियों को यह आगे बढ़ने का मौका देता है, तो नए खरीदारों को बेहतर सेवाएं व वस्तुएं प्राप्त करने का एक उचित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है.डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी भी वस्तुओं सेवाओं के विस्तार में बहुत अधिक सहायता मिलती है, क्योंकि यदि एक व्यक्ति को वह वस्तु या सेवा अधिक पसंद आती है, तो वह अपने मित्र व सगे संबंधियों के बीच उसे आसानी से शेयर भी करता है. इससे किसी भी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं को वितरित करने में आसानी होती है.उपभोक्ताओं व उत्पादक का सीधा संपर्क होने की वजह से वह आसानी से किसी भी सेवा व वस्तु का पूरा लाभ शीघ्रता और आसानी से प्राप्त कर सकते है. सही मायने में देखा जाए तो उचित कीमत पर सही वस्तु व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक सबसे सुगम और सरल रास्ता डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसकी वजह से वे पूरी तरह संतुष्ट होते हैं और आनंद की प्राप्ति करते हैं.एक ऐसा सरल रास्ता उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच डिजिटल मार्केटिंग बन चुका है जहां से आसानी से किसी भी ब्रांड की विश्वसनीयता को उपभोक्ताओं के बीच में बढ़ाने में सहायता मिलती है. व्यापारियों द्वारा निर्मित किसी भी वस्तु को अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्थापित करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है.किसी भी व्यवसाय को बढ़ाने और अपने उत्पादों को देश विदेश में पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक किफायती और सुगम तरीका होता है. साथ में उपभोक्ता उत्पादक के बीच के संपर्क को भी बनाने मे सरलता मिलती है. यह एक ऐसा सरल तरीका है, जिसका उपयोग किसी भी देश में बैठे व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं. यह देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार (Digital Marketing Types)मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग और ऑफलाइन मार्केटिंग आते हैं.ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी अपनी अहम भूमिका निभाता है. इसमें बिना इंटरनेट से जुड़े आप अपने व्यवसाय से जुड़ी डिजिटल मार्केटिंग आसानी से कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी डिवाइस का उपयोग करके आप आसानी से ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म पर अपना व्यवसाय ला सकते हैं.रेडियो :- रेडियो के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो बहुत पुराना तरीका है और सबसे आसान भी. जिस समय इंटरनेट का अविष्कार भी नहीं हुआ था उस समय से रेडियो डिजिटल मार्केटिंग में अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी बात आसानी से सभी उपभोक्ताओं के बीच में लाई जा सकती है. इंटरनेट के इतने इस्तेमाल के बाद भी अब तक रेडियो का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है, बल्कि बीते 10 सालों में (साल 2018 तक) रेडियो चैनल्स की कमाई 470 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.टीवी :– टीवी तो आमतौर पर सबके घरों में मिल ही जाती है. उस पर डेली सोप्स और फिल्मों के बीच कितने प्रकार के विज्ञापन आते हैं, कि उन्हें देखकर किसी भी वस्तुओं व सेवाओं के लिए हम जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं. अतः डिजिटल मार्केटिंग का सबसे आसान और सबसे आकर्षित तरीका मात्र टीवी ही है.मोबाइल :- ऑफलाइन तरीके में मोबाइल का इस्तेमाल करके भी डिजिटल मार्केटिंग की जा सकती है, यह एक सबसे आसान तरीका है. ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल ना हो. ऐसे में ऑफलाइन तरीके से फोन करके या फिर मैसेजेस के जरिए आसानी से डिजिटल मार्केटिंग को अंजाम दिया जा सकता है.ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक वृहद रूप प्रदान किया है. इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग आसानी से की जाती है. और सरलता से सभी उत्पाद व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है.सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने वेबसाइट की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ा दी है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट का स्तर बढ़ाने के लिए सर्च इंजन एक बेहतर स्थान है. किसी भी वेबसाइट पर कितने लोग आते हैं और उस विज्ञापन व उस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट को देखते हैं या फिर पढ़ते हैं, यह सब वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत जरूरी होता है और यह ट्रैफिक लाने का सबसे आसान तरीका माना गया है. पाठकों के लिए और बहुत से उपभोक्ताओं के लिए इनके बीच में कई सारे विज्ञापन भी प्रदर्शित किए जाते हैं. वह उन सेवा व वस्तुओं तक आसानी से पहुंचने में मदद भी करते हैं.सर्च इंजन मार्केटिंग :- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए हम बिना कोई मूल्य चुकाए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते हैं. परंतु सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब SEM एक ऐसा तरीका है जिस पर कुछ मूल्य चुकाने के बाद आप अपने विज्ञापनों को बड़ी-बड़ी वेबसाइट पर दिखा सकते हैं, जिससे आपको कई सारे उपभोक्ता आसानी से प्राप्त हो जाते है.पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC) :- किसी भी प्रकार के विज्ञापन को चलाने के लिए यह बहुत आसान और सुगम तरीका है. वेबसाइट पर कुछ इस तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किये जाते है, कि यदि कोई पाठक उस विज्ञापन पर क्लिक कर देता है तो ऐसे में वेबसाइट को एक निर्धारित मूल्य की प्राप्ति होती है. गूगल पर किसी भी प्रकार का सवाल डालने पर उससे जुड़े कई सारे जवाब हमारे सामने प्रदर्शित किए जाते हैं. और उनसे जुड़े बहुत से विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं. ऐसे में उन विज्ञापनों पर मात्र एक क्लिक करने से ही और उसके बारे में वहां पर दी हुई जानकारी देखने से उस वेबसाइट का स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति को गूगल द्वारा स्वयं ही एक राशि का भुगतान कर दिया जाता है.सोशल मीडिया मार्केटिंग :- आज के समय में किसी भी देश व किसी भी स्थान का व्यक्ति सोशल मीडिया के बिना नहीं रह सकता है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे उत्पाद विज्ञापित किए जाते हैं और उनके जरिए आकर्षित वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर बहुत जल्द उन्हें अपने जीवन में अपनाया भी जाता है. जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि. इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत से व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं. अतः उपभोक्ताओं की जरूरत उनकी इच्छा अनुसार पूरी करके कोई भी व्यापारी उनका पसंदीदा बन जाता है.कंटेंट मार्केटिंग :- कंटेंट मार्केटिंग के जरिए नियमित रूप से आने वाले पाठकों के लिए आकर्षित लेख डाले जाते हैं, जिन्हें पढ़कर वे वस्तुओं व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से समझ पाते हैं. जिन्हें पढ़कर कोई भी उपभोक्ता आसानी से किसी ब्रांड पर विश्वास करता है और उसका नियमित कस्टमर बन जाता है. इनमें मुख्य रूप से ब्लॉग पोस्ट वीडियो ई – बुक इंफोग्राफिक पॉडकास्ट आदि सम्मिलित किए जाते हैं, जो आसानी से किसी भी ब्रांड या प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह सबसे सरल और किफायती मार्ग बन चुका है.ई-मेल मार्केटिंग :- ईमेल मार्केटिंग भी पुराने तरीकों में से एक है इसके जरिए आसानी से कोई भी व्यापारी अपने द्वारा बनाए गए उत्पादों व सेवाओं को आसानी से विज्ञापित करके उपभोक्ताओं तक पहुंचा देता है. इसमें सबसे किफायती बात यह है कि यह सबसे सस्ता और सरल तरीका है. यह एक ऐसा सुगम तरीका है जो उपभोक्ताओं को व्यापारियों से जोड़ता है, और व्यापारियों को अपने व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत सहायता मिलती है.एफिलेटेड मार्केटिंग :- एफिलेटेड मार्केटिंग एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो आजकल के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सबके बीच में फैला हुआ है. यह तरीका उपभोक्ताओं तक उत्पाद तो पहुंचाता ही है, साथ ही बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करता है. घर में बैठी ग्रहणी हो या फिर रिटायर्ड हुए कोई व्यक्ति, प्रत्येक व्यक्ति रिलेटेड मार्केटिंग से आज के समय में जुड़ चुका है. मुख्य रूप से इसमें यह कार्य होता है कि कोई भी विश्वसनीय ब्रांड या प्रोडक्ट अपने सर्विस का प्रचार व प्रसार करते हैं और धीरे-धीरे उनसे कई व्यक्तियों को जोड़ लेते हैं. आगे के प्रचार व प्रसार में वे व्यक्ति उनकी मदद करते हैं जिसके बदले वे अपनी सेवाओं और वस्तुओं के विक्रय होने पर उन्हें कुछ कमीशन का भुगतान किया जाता हैं.अंत में यदि देखा जाए और समझा जाए तो डिजिटल मार्केटिंग किसी भी व्यापार को बढ़ाने और उसको उपभोक्ताओं के बीच लाने के लिए एक उचित प्लेटफार्म बन चुका है. यह उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच एक बेहतर और विश्वसनीय संबंध बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए तो धन की प्राप्ति होती ही है, साथ में कुछ ऐसे लोग भी हमसे जुड़ जाते हैं जो अपने खाली समय में धन अर्जित करने में सक्षम हो पाते हैं. व्यवसाय के विस्तार व प्रसार के लिए एक अहम प्लेटफार्म के रूप में डिजिटल मार्केटिंग को जाना जाता है. किसी भी व्यवसाय को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का काम भी डिजिटल मार्केटिंग ही कर रहा है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग ने अपनी एक अच्छी खासी पकड़ व्यापारियों व उपभोक्ता के बीच बना ली है.

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?) By वनिता कासनियां पंजाब डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में. आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है. इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पा...