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IRCTC अकाउंट कैसे बनाएं 2022By वनिता कासनियां पंजाबआपको तो समझ आ गया होगा के IRCTC क्या है, तो चलिए जान लेते है IRCTC खाता कैसे बनाएं. अगर आपको ये tutorial समझ ने में परेशानी हो रही है तो आपके लिए Video भी दिया गया है.1. Official Website पे जाएँ और फॉर्म भरेंi) सबसे पहले आपको IRCTC के Official Account पर जाना होगा. वहां पर आपको Page के उपरी भाग में स्तिथ Sign up या Register पर click करना होता है. यहाँ पर इस लिंक(link) पे Click करें Register करने के लिए.ii) यहाँ पर नीच हमें आपके सुविधा के लिए IRCTC के Home Page की ScreenShot attach कर दी है. इस पेज में आपको ऊपर Register नजर आ रहा होगा उसके उपर click करें.IRCRC Register Hindiiii) उसके बाद ये पेज खुलेगा. ये असल में IRCTC Registration Form होता है. इस पेज में आपको सारे details भरने होंगे, वहीँ आपके सुविधा के लिए मैंने निचे form को उदहारण के तोर पर भरा है. Screenshot में जैसे जैसे form को भरा गया है आपको भी उसी तरह से अपना form भरना है.irctc registration formअब आपको Form को धीरे धीरे सही तरीके से भरना होगा. वहीँ जो चीज़ भरना है उसके विषय में मैंने नीचे आप लोगों को समझाया है. उसे ध्येयान से पढ़ लें, ताकि आगे कोई गलतियाँ न हो. (वनिता कासनियां पंजाब)। 1. User Name : – User Name character, Number या फिर दोनों को मिला के लिंक सकते हैं2. Securuty Question :- जो सवाल आपको असनि से याद रहे वही सवाल चुंने3. Answer : – जो सवाल आप चुने होंगे उसका उसका जवाब (answer) लिखे, मैंने भी उपर Security Question एवं answer का उधाहरण दिया हूँ4. First name: आपके पहला नाम जैसे मैं दिया CM5. Last Name: आपके नाम का पीछे वाला नाम जैसे मैंने दिया SHARMA6. Date Of Birth: आपका जन्म दिन7. Occupation: आपका काम8. Email id: आपका email id लिखो9. Mobile Number: जो नंबर आप इस्तिमाल करते हैं10. Nationality: Indian11. Address: यहाँ पे आप अपना पता लिखे12. Country: आपके देश का नाम13. Pin: आपके लोकल pin code को add करें14. State: आपके राज्य का नाम15. City और distirct: आपके जिला का नाम16. Phone: मोबाइल नंबर जिसका आप इस्तमाल करते हैं. क्यूंकि इसमें आपको एक OTP आने वाला होता है Registration प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए.17. उसके बाद जो भी हैं उन सबको yes करें उसके बाद जो code दिया गया हैं, उसको enter करके submit पे click करें2. अपने रजिस्ट्रेशन को सुनिश्चित करेi) फॉर्म submit करने के बाद एक dialogue box आएगा उसमे I Agree पर click करलें. इस पेज में accept के उपर click करें.irctc accept termsii) Accept करने के बाद आपको एक confirmation page खुलेगा. वहां ये लिखा होगा के आपका registration successfully हो गया है.irctc reg complate3. Mobile और Email को वेरीफाई करेअब यहाँ से आपको आगे login पेज पर जाना है और वहां पर आपको अपने userid और password की मदद से login कर लेना है.अब आगे के Process को Account Verification भी कहा जाता है. इसमें आपको आपके दिए Mobile number और Email Address से आपके account को ओउप्चारिक तोर से verify किया जायेगा तब जाकर registration process पूरा होगा.आपके Mobile number और Email ID दोनों पर IRCTC का message आएगा जिसमे 6 digit का OTP मिलेगा. पहले आप mobile में मिले OTP को डालकर Mobile Number verify करें उसके बाद Email ID में मिले OTP से Email ID को verify करें.irctc email confirm4. टिकेट बुक करेजब आप login करेंगे तो इस तरह का window आपको नज़र आएगा. जिसमें की आपको अपने फ़ोन और ईमेल पर मिले OTP को enter कर के उसे verify करना होता है.Note : कभी कभी OTP आने में समय लग सकता है ये आपके नेटवर्क पर नीतभार है. Email ID में भी थोड़ी देर कभी कभी हो सकती है. इसीलिए आप थोड़ा सब्र से काम लें. जब थोड़ी देर तक भी न मिले तो यहाँ से आप resend भी कर सकते हैं. irctc completeअब आप IRCTC online ticket Book करने के लिए तयार हैं, बस अभी आपको proceed for booking पे click करना है जो की screen shot पे साफ़ साफ़ दिख रहा है. Proceed for booking पे click करते ही ये पेज खुलेगा और इस पेज में आपको password डालना होगा और go पे click करें.irctc goएक बार जब आप OTP डालकर Mobile number और Email ID verify कर लेते हैं तो इस तरह का window आपको दिखाई देगा.Finally आपने successfully registration और confirmation पूरा कर लिया है तो अब आप अपने IRCTC Account से Ticket book करना शुरू कर सकते हैं. इसके लिए अब आप login page को ओपन करें. यहाँ से आप IRCTC Password Kaise Banaye पढ़ सकते है।ट्रेन कोच के प्रकारकक्षा या श्रेणी का मतलब है कि आप सामान्य ट्रेन कोच (General) या SL,1A,2A,3A,SL,2S,CC,GN में यात्रा करना चाहते हैं वो आपको चुनना होगा. चलिए अब अलग अलग श्रेणियों के विषय में जानते हैं.एसएल(SL)– स्लीपर क्लास(sleeper class) – चूँकि भारत में मध्य श्रेणी के लोगों की मात्रा ज्यादा है इसलिए इस Sleeper class का चुनाव सबसे ज्यादा होता है और train में ज्यादातर coaches भी SL की ही होती है. यदि कभी आपको advance या tatkal योजना के लिए इस कोच में सफ़र करने के लिए टिकट बुक करने की ज़रूरत पड़ती है. वहीँ भारत में ज्यादातर लोग बिना tickets के लिए सफ़र करना ज्यादा पसंद करते हैं जो की एक जघन्य अपराध है.1 ए(1A)– प्रथम श्रेणी एसी(First tier AC) – यह class मुख्य रूप से अमीरों और VIPs के लिए बनाया गया है. लकड़ी के सुसज्जित डिब्बों के साथ मूल रूप से एक पांच सितारा होटल(five star hotel) के कमरे की तरह. इसका ticket मूल्य सबसे ज्यादा होती है और इसमें बहुत से प्रकार की सुविधा प्रदान करी जाती है.2 ए(2A) – द्वितीय श्रेणी एसी(Second tier AC) – First Tier AC के बाद इसका number आता है. इसकी तुलना तीन सितारा होटल(three star hotel) से की जा सकती है. इसका मूल्य भी पहले के तुलना में थोडा कम होता है.3 ए(3A) – तीन स्तरीय एसी(Three tier AC) – इसे average indian का AC भी कहा जाता है. इस क्लास की बनावट SL class की तरह होता है, लेकिन इसमें एसी सर्विस साथ में मिलता है, इसलिए इसका मूल्य Sleeper Class से थोडा अधिक होता है.सीसी(CC ) – चेयर कार(Chair Car) – असल में इसकी बनावट बस की तरह होती है. इसमें भी अच्छी व्यवस्था होती है और इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते है with AC and without AC. मौसम के अनुसार आप इसमें सफ़र कर सकते हैं. मुख्य रूप से ये कम दूरता वाले स्थान के लिए उपयुक्त होता है.2 एस(2S) – दूसरी बैठक(Second sitting) – 3:2 सीटें, इसके लिए आपको टिकट advance में आरक्षित करना होगा. यह प्रायतः दिन की गाड़ियों में और छोटी दूरी की गाड़ियों में मौजूद होती हैं.जीएन(GN ) – इसे “सामान्य बोगी(general bogie)” कहा जाता है – यह एक द्वितीय श्रेणी के कोच होता है और इसका मूल्य सबसे कम होता है जिसके कारन इसमें हर कोई सफ़र कर सकता है.इसमें सफ़र करने के लिय आपको यात्रा की तारीख में ही टिकट बुक करना होता है क्यूंकि पहले से आप इसमें ticket book नहीं कर सकते हैं. भारत में सबसे सस्ती ticket होने के वाबजूद भी लोग इसमें free का सफ़र करना ज्यादा पसंद करते हैं.IRCTC को कौन देखरेख करता है?पहले BroadVision IRCTC को maintain करता था जो की सच में बहुत ही घटया था. लेकिन new IRCTC NGeT (Next Generation e-Ticketing) site को develop और maintain किया जाता है CRIS (Center for Railway Information Systems).CRIS ही इस site को पुरे तरीके से maintain भी करती है, वहीँ लेकिन IRCTC manage करती है System के commercial interfaces को.IRCTC नई वेबसाइट क्या है?हाल ही में ही IRCTC ने अपनी नयि New IRCTC next-generation e-ticketing website को लांच किया है : हाल ही में ही, Indian Railways की e-ticketing हिस्से ने i.e., Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने अपने Official Website को modernized किया है.इस new IRCTC Website में आपको बहुत से नए features देखने को मिलेंगे जो की पुराने website में नहीं थे. वहीँ बहुत से पुराने features को इसमें नए ढंग से पेश किया गया है. वहीँ ये बहुत ही ज्यादा Fast हैं और इसे migrate करना भी बड़ा आसान है पुराने के तुलना में. वहीँ irctc next generation login करना भी बहुत ही सरल है.IRCTC Train Status कैसे चेक करे?यदि आप IRCTC Live Train Status check करना चाहते हैं तब ये आप आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए लेकिन आपको Internet connection की जरुरत पड़ सकती है. ऐसे बहुत से sites हैं जहाँ पर आप Online IRCTC Live Train Status Check कर सकते हैं. उनमें से कुछ हैंRunning Status: https://runningstatus.inRail Yatri: https://www.railyatri.in/live-train-statuseRail.in: https://erail.ineTrain.info: https://etrain.info/in?PAGE=runningstatusवहीँ इसमें आप IRCTC Ticket की PNR status भी check कर सकते हैं. साथ में irctc Train availablity भी check कर सकते हैं.IRCTC की कस्टमर केयर नंबर क्या है?यदि आप IRCTC के Customer Care के साथ संपर्क करना चाहते हैं तब उसकी details निचे प्रदान की गयी है.Customer Care Numbers: 0755-6610661, 0755-4090600 (Language: Hindi और English)For Railway tickets booked through IRCTCGeneral InformationI-tickets/e-tickets : care@irctc.co.inFor Cancellation E-tickets : etickets@irctc.co.inIRCTC का फुल फॉर्म क्या है?IRCTC का फुल फॉर्म है “Indian Railway Catering and Tourism Corporation”.IRCTC का मालिक कौन है?Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC), एक subsidiary हिस्सा होता है Indian Railways का जो की catering, tourism और online ticketing operations को संभालता है Indian railways की.Indian Railways का मालिक है Government of India (भारत सरकार). इसे भारत सरकार के द्वारा ही maintain किया जाता है, वो भी Ministers of Railways के द्वारा.IRCTC का हिंदी रूपान्तरण क्या होगा?IRCTC का हिंदी रूपान्तरण होगा –“भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम”.आज आप ने क्या सीखामुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को IRCTC क्या है और इर्कटक अकाउंट कैसे बनाये के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को भारतीय रेलवे के बारे में समझ आ गया होगा.मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूंगीआपको यह लेख IRCTC एजेंट कैसे बने कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये. धन्यवाद, जय हिन्द.


IRCTC अकाउंट कैसे बनाएं 2022


आपको तो समझ आ गया होगा के IRCTC क्या है, तो चलिए जान लेते है IRCTC खाता कैसे बनाएं. अगर आपको ये tutorial समझ ने में परेशानी हो रही है तो आपके लिए Video भी दिया गया है.


1. Official Website पे जाएँ और फॉर्म भरें

i) सबसे पहले आपको IRCTC के Official Account पर जाना होगा. वहां पर आपको Page के उपरी भाग में स्तिथ Sign up या Register पर click करना होता है. यहाँ पर इस लिंक(link) पे Click करें Register करने के लिए.

ii) यहाँ पर नीच हमें आपके सुविधा के लिए IRCTC के Home Page की ScreenShot attach कर दी है. इस पेज में आपको ऊपर Register नजर आ रहा होगा उसके उपर click करें.

IRCRC Register Hindi

iii) उसके बाद ये पेज खुलेगा. ये असल में IRCTC Registration Form होता है. इस पेज में आपको सारे details भरने होंगे, वहीँ आपके सुविधा के लिए मैंने निचे form को उदहारण के तोर पर भरा है. Screenshot में जैसे जैसे form को भरा गया है आपको भी उसी तरह से अपना form भरना है.

irctc registration form

अब आपको Form को धीरे धीरे सही तरीके से भरना होगा. वहीँ जो चीज़ भरना है उसके विषय में मैंने नीचे आप लोगों को समझाया है. उसे ध्येयान से पढ़ लें, ताकि आगे कोई गलतियाँ न हो.

  (वनिता कासनियां पंजाब)। 



1. User Name : – User Name character, Number या फिर दोनों को मिला के लिंक सकते हैं
2. Securuty Question :- जो सवाल आपको असनि से याद रहे वही सवाल चुंने
3. Answer : – जो सवाल आप चुने होंगे उसका उसका जवाब (answer) लिखे, मैंने भी उपर Security Question एवं answer का उधाहरण दिया हूँ
4. First name:  आपके पहला नाम जैसे मैं दिया CM
5. Last Name:  आपके नाम का पीछे वाला नाम जैसे मैंने दिया SHARMA
6. Date Of Birth:  आपका जन्म दिन
7. Occupation: आपका काम
8. Email id: आपका email id लिखो
9. Mobile Number: जो नंबर आप इस्तिमाल करते हैं
10. Nationality: Indian
11. Address: यहाँ पे आप अपना पता लिखे
12. Country: आपके देश का नाम
13. Pin: आपके लोकल pin code को add करें
14. State: आपके राज्य का नाम
15. City और distirct:  आपके जिला का नाम
16. Phone: मोबाइल नंबर जिसका आप इस्तमाल करते हैं. क्यूंकि इसमें आपको एक OTP आने वाला होता है Registration प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए.
17. उसके बाद जो भी हैं उन सबको yes करें  उसके बाद जो code दिया गया हैं, उसको enter करके submit पे click करें

2. अपने रजिस्ट्रेशन को सुनिश्चित करे

i) फॉर्म submit करने के बाद एक dialogue box आएगा उसमे I Agree पर click करलें. इस पेज में accept के उपर click करें.

irctc accept terms

ii) Accept करने के बाद आपको एक confirmation page खुलेगा. वहां ये लिखा होगा के आपका registration successfully हो गया है.

irctc reg complate

3. Mobile और Email को वेरीफाई करे

अब यहाँ से आपको आगे login पेज पर जाना है और वहां पर आपको अपने userid और password की मदद से login कर लेना है.

अब आगे के Process को Account Verification भी कहा जाता है. इसमें आपको आपके दिए Mobile number और Email Address से आपके account को ओउप्चारिक तोर से verify किया जायेगा तब जाकर registration process पूरा होगा.

आपके Mobile number और Email ID दोनों पर IRCTC का message आएगा जिसमे 6 digit का OTP मिलेगा. पहले आप mobile में मिले OTP को डालकर Mobile Number verify करें उसके बाद Email ID में मिले OTP से Email ID को verify करें.

irctc email confirm

4. टिकेट बुक करे

जब आप login करेंगे तो इस तरह का window आपको नज़र आएगा. जिसमें की आपको अपने फ़ोन और ईमेल पर मिले OTP को enter कर के उसे verify करना होता है.

Note : कभी कभी OTP आने में समय लग सकता है ये आपके नेटवर्क पर नीतभार है. Email ID में भी थोड़ी देर कभी कभी हो सकती है. इसीलिए आप थोड़ा सब्र से काम लें. जब थोड़ी देर तक भी न मिले तो यहाँ से आप resend भी कर सकते हैं. 

irctc complete

अब आप IRCTC online ticket Book करने के लिए तयार हैं, बस अभी आपको proceed for booking पे click करना है जो की screen shot पे साफ़ साफ़ दिख रहा है. Proceed for booking पे click करते ही ये पेज खुलेगा और इस पेज में आपको password डालना होगा और go पे click करें.

irctc go


एक बार जब आप OTP डालकर Mobile number और Email ID verify कर लेते हैं तो इस तरह का window आपको दिखाई देगा.

Finally आपने successfully registration और confirmation पूरा कर लिया है तो अब आप अपने IRCTC Account से Ticket book करना शुरू कर सकते हैं. इसके लिए अब आप login page को ओपन करें. यहाँ से आप IRCTC Password Kaise Banaye पढ़ सकते है।

ट्रेन कोच के प्रकार

कक्षा या श्रेणी का मतलब है कि आप सामान्य ट्रेन कोच (General) या SL,1A,2A,3A,SL,2S,CC,GN में यात्रा करना चाहते हैं वो आपको चुनना होगा. चलिए अब अलग अलग श्रेणियों के विषय में जानते हैं.

एसएल(SL)– स्लीपर क्लास(sleeper class) – चूँकि भारत में मध्य श्रेणी के लोगों की मात्रा ज्यादा है इसलिए इस Sleeper class का चुनाव सबसे ज्यादा होता है और train में ज्यादातर coaches भी SL की ही होती है. यदि कभी आपको advance या tatkal योजना के लिए इस कोच में सफ़र करने के लिए टिकट बुक करने की ज़रूरत पड़ती है. वहीँ भारत में ज्यादातर लोग बिना tickets के लिए सफ़र करना ज्यादा पसंद करते हैं जो की एक जघन्य अपराध है.

1 ए(1A)– प्रथम श्रेणी एसी(First tier AC) – यह class मुख्य रूप से अमीरों और VIPs के लिए बनाया गया है. लकड़ी के सुसज्जित डिब्बों के साथ मूल रूप से एक पांच सितारा होटल(five star hotel) के कमरे की तरह. इसका ticket मूल्य सबसे ज्यादा होती है और इसमें बहुत से प्रकार की सुविधा प्रदान करी जाती है.

2 ए(2A) – द्वितीय श्रेणी एसी(Second tier AC) – First Tier AC के बाद इसका number आता है. इसकी तुलना तीन सितारा होटल(three star hotel) से की जा सकती है. इसका मूल्य भी पहले के तुलना में थोडा कम होता है.

3 ए(3A) – तीन स्तरीय एसी(Three tier AC) – इसे average indian का AC भी कहा जाता है. इस क्लास की बनावट SL class की तरह होता है, लेकिन इसमें एसी सर्विस साथ में मिलता है, इसलिए इसका मूल्य Sleeper Class से थोडा अधिक होता है.

सीसी(CC ) – चेयर कार(Chair Car) – असल में इसकी बनावट बस की तरह होती है. इसमें भी अच्छी व्यवस्था होती है और इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते है with AC and without AC. मौसम के अनुसार आप इसमें सफ़र कर सकते हैं. मुख्य रूप से ये कम दूरता वाले स्थान के लिए उपयुक्त होता है.

2 एस(2S) – दूसरी बैठक(Second sitting) – 3:2 सीटें, इसके लिए आपको टिकट advance में आरक्षित करना होगा. यह प्रायतः दिन की गाड़ियों में और छोटी दूरी की गाड़ियों में मौजूद होती हैं.

जीएन(GN ) – इसे “सामान्य बोगी(general bogie)” कहा जाता है – यह एक द्वितीय श्रेणी के कोच होता है और इसका मूल्य सबसे कम होता है जिसके कारन इसमें हर कोई सफ़र कर सकता है.

इसमें सफ़र करने के लिय आपको यात्रा की तारीख में ही टिकट बुक करना होता है क्यूंकि पहले से आप इसमें ticket book नहीं कर सकते हैं. भारत में सबसे सस्ती ticket होने के वाबजूद भी लोग इसमें free का सफ़र करना ज्यादा पसंद करते हैं.

IRCTC को कौन देखरेख करता है?

पहले BroadVision IRCTC को maintain करता था जो की सच में बहुत ही घटया था. लेकिन new IRCTC NGeT (Next Generation e-Ticketing) site को develop और maintain किया जाता है CRIS (Center for Railway Information Systems).

CRIS ही इस site को पुरे तरीके से maintain भी करती है, वहीँ लेकिन IRCTC manage करती है System के commercial interfaces को.

IRCTC नई वेबसाइट क्या है?

हाल ही में ही IRCTC ने अपनी नयि New IRCTC next-generation e-ticketing website को लांच किया है : हाल ही में ही, Indian Railways की e-ticketing हिस्से ने i.e., Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने अपने Official Website को modernized किया है.

इस new IRCTC Website में आपको बहुत से नए features देखने को मिलेंगे जो की पुराने website में नहीं थे. वहीँ बहुत से पुराने features को इसमें नए ढंग से पेश किया गया है. वहीँ ये बहुत ही ज्यादा Fast हैं और इसे migrate करना भी बड़ा आसान है पुराने के तुलना में. वहीँ irctc next generation login करना भी बहुत ही सरल है.

IRCTC Train Status कैसे चेक करे?

यदि आप IRCTC Live Train Status check करना चाहते हैं तब ये आप आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए लेकिन आपको Internet connection की जरुरत पड़ सकती है. ऐसे बहुत से sites हैं जहाँ पर आप Online IRCTC Live Train Status Check कर सकते हैं. उनमें से कुछ हैं

Running Status: https://runningstatus.in
Rail Yatri: https://www.railyatri.in/live-train-status
eRail.in: https://erail.in
eTrain.info: https://etrain.info/in?PAGE=runningstatus


वहीँ इसमें आप IRCTC Ticket की PNR status भी check कर सकते हैं. साथ में irctc Train availablity भी check कर सकते हैं.

IRCTC की कस्टमर केयर नंबर क्या है?

यदि आप IRCTC के Customer Care के साथ संपर्क करना चाहते हैं तब उसकी details निचे प्रदान की गयी है.

Customer Care Numbers: 0755-6610661, 0755-4090600 (Language: Hindi और English)
For Railway tickets booked through IRCTC
General Information
I-tickets/e-tickets : care@irctc.co.in
For Cancellation E-tickets : etickets@irctc.co.in

IRCTC का फुल फॉर्म क्या है?

IRCTC का फुल फॉर्म है “Indian Railway Catering and Tourism Corporation”.

IRCTC का मालिक कौन है?

Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC), एक subsidiary हिस्सा होता है Indian Railways का जो की catering, tourism और online ticketing operations को संभालता है Indian railways की.

Indian Railways का मालिक है Government of India (भारत सरकार). इसे भारत सरकार के द्वारा ही maintain किया जाता है, वो भी Ministers of Railways के द्वारा.

IRCTC का हिंदी रूपान्तरण क्या होगा?

IRCTC का हिंदी रूपान्तरण होगा –“भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम”.

आज आप ने क्या सीखा

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को IRCTC क्या है और इर्कटक अकाउंट कैसे बनाये के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को भारतीय रेलवे के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूंगी

आपको यह लेख IRCTC एजेंट कैसे बने कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये. धन्यवाद, जय हिन्द.




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पोस्ट में कुछ Ad भी देखने को मिलेंगे। उनमें से कुछ लोग उन Ads पर Click भी करेंगे, जिसके आपको पैसे मिलेंगे। Facebook se paise kaise kamaye Facebook से पैसे कैसे कमाए इसको एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते हैं। मान लिया आपका एक Facebook पेज है – हिंदी वाटिका, जिससे एक लाख लोग जुड़े हैं। उसी नाम की आपकी एक Website भी है। आप अपनी Website पर एक लेख लिखते हैं। अब आप इस लेख को अपने Facebook पेज पर शेयर करते हैं। जब आप अपनी पोस्ट को Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो आपकी वह पोस्ट एक लाख लोगों की नजरों में आ जाएगी। अगर एक लाख की वजाय 50 हजार लोग ही उस पोस्ट को पढ़ने आपकी Website पर जाते हैं तो यह संख्या कोई कम नहीं है। अब 50 हजार में कम से कम 10 हजार लोग ऐसे होंगे जो उस पोस्ट को विस्तार से पढेंगे। जब ये 10000 लोग आपकी पोस्ट को पूरा पढेंगे तो उनको कई Ads देखने को मिलेंगे। उन 10000 लोगों में से कम से कम 100 लोग तो होंगे ही जो उन Ads पर Click करेंगे। Website में 10 Click करने पर 1 डॉलर आराम से मिल जाता है तो 100 Click के हो गए 10 डॉलर, मतलब लगभग 600 रूपए एक दिन के, महीने के 18000 रूपए। इसका मतलब यह हुआ कि आप घर बैठे-बैठे अपने Facebook पेज के माध्यम से महीने के 20000 रूपए बहुत आराम से कमा सकते हैं। 2. दूसरे की Websites की पोस्ट के Link शेयर करके Facebook पेज से पैसे कमाने का यह तरीका उन लोगों के लिए है जो अपनी Website नहीं बना सकते। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते तो भी आप Facebook पेज से पैसे कमा सकते हैं। बहुत सी ऐसी Websites हैं जो चाहती हैं कि आप उनकी Website के Link अपने Facebook पेज पर शेयर करें। जब आप उनकी पोस्ट के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो वो आपको इस बात के पैसे देती हैं। इसके लिए आप के Facebook पेज पर कम से कम एक लाख लोग जुड़े होने चाहिए। 3. एफिलिएट मार्केटिंग आपने देखा होगा कि लोग आजकल अपना मनपसंद सामान घर बैठे मँगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाँलाकि भारत में अभी कम लोग ही Online खरीदारी करते हैं लेकिन आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा लोग Online खरीदारी करना पसंद करेंगे। Online खरीदारी के कई फायदे हैं इसलिए धीरे-धीरे लोगों का झुकाव इस ओर हो रहा है। जो कम्पनी अपना सामान Online बेचती हैं, वह इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि आने वाला समय Online खरीदारी का ही होगा। ये कम्पनियाँ कई तरीकों से अपना सामान Online बेचने का प्रयास कर रही हैं। इन्ही में से एक तरीका है – एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा जहाँ एक ओर कम्पनी को भी फायदा होता है कि उनके Product आसानी से बिक जाते हैं, वहीँ इसके एवज में एफिलिएट मार्केटिंग करने वाले को भी मोटा कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग को एक उदाहरण के द्वारा आसान शब्दों में समझ सकते हैं। आपने कई ऐसी कम्पनी का नाम सुना होगा जो Online अपना सामान बेचती हैं। इन्ही में से एक कम्पनी है – Amazon. अगर आप Amazon के किसी Product को बिकवाने में सफल होते हैं तो कम्पनी इसके बदले में आपको कमीशन देती है। मान लिया आप Amazon पर उपलब्ध 500 रूपए की किसी शर्ट को बेचने में सफल हुए तो कम्पनी इसका लगभग 10% कमीशन (50 रूपए) आपको देगी। इसे ही कहते हैं – एफिलिएट मार्केटिंग। अब आपको पता चल गया होगा कि आप अपने Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। जब आप Amazon या Flipkart के किसी अच्छे और सस्ते Product के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो कुछ लोग उस Link के माध्यम से उस Product को जरूर खरीदेंगे। जब लोग आपके द्वारा शेयर किए गए Link से उस सामान को खरीदेंगे तो आपको इसका कमीशन मिलेगा। अगर आपके Facebook पेज से 100000 लोग जुड़े होंगे तो 100000 लोगों में कम से कम 10 लोग तो ऐसे होंगे ही, जो उस Product को खरीदेंगे। मतलब आपके लगभग 500 रूपए पक्के, वो भी एक दिन में। उम्मीद है आपको अपने कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे जैसे कि Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए जाते है (How to earn money from facebook page), फेसबुक पेज से पैसे कमाने का तरीका, Facebook पेज से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से Earning कैसे करे। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), इस वारे में अभी बहुत सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरुरी है। ये बातें हम आपको तभी बताएँगे जब आप इस वारे में Interested होंगे। अगर आप वास्तव में Facebook पेज से पैसे कमाना चाहते हैं तो हमें Comment करके बताइए हम आपकी पूरी मदद करेंगे। यह भी जरूर पढ़ें : इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए – इन्टरनेट से पैसे कमाने के टॉप 10 बेस्ट तरीके Youtube से पैसे कैसे कमाए – Youtube से पैसे कमाने के तरीके – पूरी जानकारी Blogging से पैसे कैसे कमाए – Blog/Website से पैसे कमाने का तरीका – पूरी जानकारी Top 10 Best YouTube Channel Ideas in Hindi – YouTube Channel किस टॉपिक पर बनाये WhatsAppFacebookTwitter

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंयह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए, Domain (disambiguation) देखें।एक डोमेन नाम एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे।[1]पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रमडोमेन नाम डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। DNS में पंजीकृत कोई भी नाम एक डोमेन नाम है। डोमेन नाम DNS रूट डोमेन के अधीनस्थ स्तरों (उप-डोमेन) में आयोजित किए जाते हैं , जो कि नामहीन है। डोमेन नामों का पहला-स्तरीय सेट शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) हैं, जिनमें जेनेरिक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (gTLD) शामिल हैं, जैसे कि प्रमुख डोमेन कॉम, सूचना, नेट, edu और org, और देश कोड शीर्ष -वेल डोमेन(CcTLDs)। DNS पदानुक्रम में इन शीर्ष-स्तरीय डोमेन के नीचे, दूसरे-स्तर और तीसरे-स्तर के डोमेन नाम हैं, जो आमतौर पर अंत-उपयोगकर्ताओं द्वारा आरक्षण के लिए खुले हैं जो स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्ट करना चाहते हैं, अन्य सार्वजनिक रूप से सुलभ इंटरनेट संसाधन बना या चला सकते हैं।इन डोमेन नामों का पंजीकरण आमतौर पर डोमेन नाम रजिस्ट्रार द्वारा प्रशासित किया जाता है जो जनता को अपनी सेवाएँ बेचते हैं।एक पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम (FQDN) एक डोमेन नाम है जो DNS के पदानुक्रम में सभी लेबल के साथ पूरी तरह से निर्दिष्ट है, जिसमें कोई भाग छूटा नहीं है। परंपरागत रूप से एक FQDN DNS पेड़ के शीर्ष को निरूपित करने के लिए एक डॉट (.) में समाप्त होता है।[2] डोमेन नाम प्रणाली में लेबल केस-असंवेदनशील हैं, और इसलिए इसे किसी भी वांछित पूंजीकरण विधि में लिखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश सामान्य डोमेन नाम तकनीकी संदर्भों में छोटे अक्षरों में लिखे जाते हैं।[3]सरल विविरण संपादित करेंडोमेन नाम एक नामकरण है जो इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की पहचान करता है। एक डोमेन नाम अक्षर, संख्या और विशेष वर्ण जैसे किसी भी वर्ण का संयोजन हो सकता है। इसमें विभिन्न एक्सटेंशन जैसे .com, .net, .org आदि होते हैं।सभी वेबसाइट पृष्ठभूमि में एक अद्वितीय आईपी पते से जुड़ी हुई हैं। आईपी ​​एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) एक संख्यात्मक पता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में उस वेबसाइट को कहां रखा गया है।मूल रूप से, किसी भी वेबसाइट की पहचान आईपी पते से होती है। लेकिन संख्यात्मक पता होने के कारण, हम इंसानों को यह याद रखना मुश्किल है। डोमेन नाम अवधारणा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद कर सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।किसी एक डोमेन नाम की मदद से, हम एक या एक से अधिक आईपी पते पा सकते हैं। उदाहरण के लिए, google.com एक डोमेन नाम है जो सैकड़ों आईपी को संदर्भित करता है। किसी विशेष वेबपृष्ठ की खोज करने के लिए URL में डोमेन नाम का भी उपयोग किया जाता है।कार्यपद्धती संपादित करेंइंटरनेट पर सभी वेबसाइटों को होस्ट या सर्वर में संग्रहीत किया जाता है। जो एक विशेष आईपी को इंगित करते हैं और यह कि आईपी एक डोमेन नाम के साथ जुड़ा हुआ है।जब भी हम किसी वेबसाइट का नाम अपने ब्राउज़र के URL बार में जोड़ते हैं, तभी वह डोमेन नाम की सहायता से सर्वर के IP को इंगित करता है, ताकि हम अपनी खोज की गई वेबसाइट और उस पर इससे संबंधित जानकारी देख सकें संगणक।यह एक चक्र की तरह है। जिसमें हम सबसे पहले अपने ब्राउज़र पर एक डोमेन लिखकर डोमेन में प्रवेश करते हैं। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) सर्वर खोज करता है और हमें डोमेन नाम सर्वर, रूट सर्वर और अन्य सर्वर की मदद से उस डोमेन से संबंधित जानकारी भेजता है।डोमेन नाम के प्रकार संपादित करेंTLD - शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंशीर्ष स्तर के डोमेन (TLD) को इंटरनेट डोमेन एक्सटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। यह किसी भी डोमेन का अंतिम भाग है, जहाँ डोमेन नाम समाप्त होता है और इसे पहली बार विकसित किया गया था। यह बहुत एसईओ के अनुकूल होने के कारण, यह वेबसाइट को आसानी से रैंक करने में मदद करता है। साथ ही, यह Google खोज इंजन को अधिक महत्व दे रहा है।TLD एक्सटेंशन का उदाहरण.com (वाणिज्यिक).org (संगठन).net (नेटवर्क).gov (सरकार).edu (शिक्षा).name (नाम).biz (व्यवसाय).info (सूचना)CcTLD - देश कोड शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंइस प्रकार के डोमेन का उपयोग किसी विशेष देश के अनुसार किया जाता है। इसका नाम किसी देश के ISO CODE (नाम के दो अक्षर) के आधार पर रखा गया है।CcTLD एक्सटेंशन का उदाहरण.Us: संयुक्त राज्य अमेरिका.cn: चीन.in: भारत.ch: स्विट्जरलैंड.rs: रूस.br: ब्राज़ीलवैसे, कई अन्य डोमेन नाम भी हैं, लेकिन हम उन्हें ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि आप डोमेन नाम में विभिन्न अन्य भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।उप-डोमेन नाम संपादित करेंउप-डोमेन या सब-डोमेन किसी मुख्य डोमेन नाम का एक हिस्सा होता है। कोई भी डोमेन नाम धारक इसे कई सब-डोमेन में विभाजित कर सकता है।

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए,  Domain (disambiguation)  देखें। एक  डोमेन नाम  एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे। [1] पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रम डोमेन नाम  डोमेन नाम प्रणाली  (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। ...

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?)By वनिता कासनियां पंजाबडिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में.आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है.इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही वे आसानी से किसी भी उत्पाद व सेवाओं के बारे में अच्छा और बुरा पढ़कर उसको अपने जीवन में अपना सकते हैं. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वजह से कई सारे धोखाधड़ी और कालाबाजारी करने वाले लोग कम हो गए हैं. किसी भी प्रकार की वस्तु व सेवाओँ की खरीदारी हम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उचित मूल्य पर आसानी कर सकते है. वह उन वस्तुओं सेवाओं को पाकर संतुष्टि भी प्राप्त करते हैं.बाजार में बहुत सारे उत्पाद व सेवाएं मौजूद है अब किस पर विश्वास किया जाए और नहीं इसमें सबसे बेहद सहायक रास्ता डिजिटल मार्केटिंग है, जो किसी भी ब्रांड पर विश्वास कायम करने में हमारी मदद करता है. यदि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी ब्रांड पर नहीं बनेगा, तो वे उस ब्रांड को उपयोग में नहीं ला पाएंगे. ऐसे में व्यापारियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंच सकती है.यह एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां पर एक ही समय में एक ही वस्तु के कई सारे प्रकार उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित किए जा सकते हैं. जिससे वे उन वस्तुओं व सेवाओं की तुलना करने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार सबसे बेस्ट चीज चुन सकते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Digital Marketing Benefits)डिजिटल मार्केटिंग के जरिए व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचता है. वे किसी भी वस्तु को लेकर जागरूक भी होते हैं, व उससे आसानी से जुड़ते भी हैं. किसी भी वस्तु के लिए जागरूक और उस वस्तु पर विश्वास होने से वे अपनी मनचाही जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती हैं.नई खरीदारों और नए व्यापारियों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफार्म है जिससे वे एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए काम करते हैं. नए व्यापारियों को यह आगे बढ़ने का मौका देता है, तो नए खरीदारों को बेहतर सेवाएं व वस्तुएं प्राप्त करने का एक उचित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है.डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी भी वस्तुओं सेवाओं के विस्तार में बहुत अधिक सहायता मिलती है, क्योंकि यदि एक व्यक्ति को वह वस्तु या सेवा अधिक पसंद आती है, तो वह अपने मित्र व सगे संबंधियों के बीच उसे आसानी से शेयर भी करता है. इससे किसी भी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं को वितरित करने में आसानी होती है.उपभोक्ताओं व उत्पादक का सीधा संपर्क होने की वजह से वह आसानी से किसी भी सेवा व वस्तु का पूरा लाभ शीघ्रता और आसानी से प्राप्त कर सकते है. सही मायने में देखा जाए तो उचित कीमत पर सही वस्तु व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक सबसे सुगम और सरल रास्ता डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसकी वजह से वे पूरी तरह संतुष्ट होते हैं और आनंद की प्राप्ति करते हैं.एक ऐसा सरल रास्ता उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच डिजिटल मार्केटिंग बन चुका है जहां से आसानी से किसी भी ब्रांड की विश्वसनीयता को उपभोक्ताओं के बीच में बढ़ाने में सहायता मिलती है. व्यापारियों द्वारा निर्मित किसी भी वस्तु को अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्थापित करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है.किसी भी व्यवसाय को बढ़ाने और अपने उत्पादों को देश विदेश में पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक किफायती और सुगम तरीका होता है. साथ में उपभोक्ता उत्पादक के बीच के संपर्क को भी बनाने मे सरलता मिलती है. यह एक ऐसा सरल तरीका है, जिसका उपयोग किसी भी देश में बैठे व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं. यह देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार (Digital Marketing Types)मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग और ऑफलाइन मार्केटिंग आते हैं.ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी अपनी अहम भूमिका निभाता है. इसमें बिना इंटरनेट से जुड़े आप अपने व्यवसाय से जुड़ी डिजिटल मार्केटिंग आसानी से कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी डिवाइस का उपयोग करके आप आसानी से ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म पर अपना व्यवसाय ला सकते हैं.रेडियो :- रेडियो के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो बहुत पुराना तरीका है और सबसे आसान भी. जिस समय इंटरनेट का अविष्कार भी नहीं हुआ था उस समय से रेडियो डिजिटल मार्केटिंग में अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी बात आसानी से सभी उपभोक्ताओं के बीच में लाई जा सकती है. इंटरनेट के इतने इस्तेमाल के बाद भी अब तक रेडियो का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है, बल्कि बीते 10 सालों में (साल 2018 तक) रेडियो चैनल्स की कमाई 470 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.टीवी :– टीवी तो आमतौर पर सबके घरों में मिल ही जाती है. उस पर डेली सोप्स और फिल्मों के बीच कितने प्रकार के विज्ञापन आते हैं, कि उन्हें देखकर किसी भी वस्तुओं व सेवाओं के लिए हम जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं. अतः डिजिटल मार्केटिंग का सबसे आसान और सबसे आकर्षित तरीका मात्र टीवी ही है.मोबाइल :- ऑफलाइन तरीके में मोबाइल का इस्तेमाल करके भी डिजिटल मार्केटिंग की जा सकती है, यह एक सबसे आसान तरीका है. ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल ना हो. ऐसे में ऑफलाइन तरीके से फोन करके या फिर मैसेजेस के जरिए आसानी से डिजिटल मार्केटिंग को अंजाम दिया जा सकता है.ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक वृहद रूप प्रदान किया है. इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग आसानी से की जाती है. और सरलता से सभी उत्पाद व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है.सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने वेबसाइट की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ा दी है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट का स्तर बढ़ाने के लिए सर्च इंजन एक बेहतर स्थान है. किसी भी वेबसाइट पर कितने लोग आते हैं और उस विज्ञापन व उस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट को देखते हैं या फिर पढ़ते हैं, यह सब वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत जरूरी होता है और यह ट्रैफिक लाने का सबसे आसान तरीका माना गया है. पाठकों के लिए और बहुत से उपभोक्ताओं के लिए इनके बीच में कई सारे विज्ञापन भी प्रदर्शित किए जाते हैं. वह उन सेवा व वस्तुओं तक आसानी से पहुंचने में मदद भी करते हैं.सर्च इंजन मार्केटिंग :- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए हम बिना कोई मूल्य चुकाए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते हैं. परंतु सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब SEM एक ऐसा तरीका है जिस पर कुछ मूल्य चुकाने के बाद आप अपने विज्ञापनों को बड़ी-बड़ी वेबसाइट पर दिखा सकते हैं, जिससे आपको कई सारे उपभोक्ता आसानी से प्राप्त हो जाते है.पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC) :- किसी भी प्रकार के विज्ञापन को चलाने के लिए यह बहुत आसान और सुगम तरीका है. वेबसाइट पर कुछ इस तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किये जाते है, कि यदि कोई पाठक उस विज्ञापन पर क्लिक कर देता है तो ऐसे में वेबसाइट को एक निर्धारित मूल्य की प्राप्ति होती है. गूगल पर किसी भी प्रकार का सवाल डालने पर उससे जुड़े कई सारे जवाब हमारे सामने प्रदर्शित किए जाते हैं. और उनसे जुड़े बहुत से विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं. ऐसे में उन विज्ञापनों पर मात्र एक क्लिक करने से ही और उसके बारे में वहां पर दी हुई जानकारी देखने से उस वेबसाइट का स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति को गूगल द्वारा स्वयं ही एक राशि का भुगतान कर दिया जाता है.सोशल मीडिया मार्केटिंग :- आज के समय में किसी भी देश व किसी भी स्थान का व्यक्ति सोशल मीडिया के बिना नहीं रह सकता है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे उत्पाद विज्ञापित किए जाते हैं और उनके जरिए आकर्षित वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर बहुत जल्द उन्हें अपने जीवन में अपनाया भी जाता है. जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि. इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत से व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं. अतः उपभोक्ताओं की जरूरत उनकी इच्छा अनुसार पूरी करके कोई भी व्यापारी उनका पसंदीदा बन जाता है.कंटेंट मार्केटिंग :- कंटेंट मार्केटिंग के जरिए नियमित रूप से आने वाले पाठकों के लिए आकर्षित लेख डाले जाते हैं, जिन्हें पढ़कर वे वस्तुओं व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से समझ पाते हैं. जिन्हें पढ़कर कोई भी उपभोक्ता आसानी से किसी ब्रांड पर विश्वास करता है और उसका नियमित कस्टमर बन जाता है. इनमें मुख्य रूप से ब्लॉग पोस्ट वीडियो ई – बुक इंफोग्राफिक पॉडकास्ट आदि सम्मिलित किए जाते हैं, जो आसानी से किसी भी ब्रांड या प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह सबसे सरल और किफायती मार्ग बन चुका है.ई-मेल मार्केटिंग :- ईमेल मार्केटिंग भी पुराने तरीकों में से एक है इसके जरिए आसानी से कोई भी व्यापारी अपने द्वारा बनाए गए उत्पादों व सेवाओं को आसानी से विज्ञापित करके उपभोक्ताओं तक पहुंचा देता है. इसमें सबसे किफायती बात यह है कि यह सबसे सस्ता और सरल तरीका है. यह एक ऐसा सुगम तरीका है जो उपभोक्ताओं को व्यापारियों से जोड़ता है, और व्यापारियों को अपने व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत सहायता मिलती है.एफिलेटेड मार्केटिंग :- एफिलेटेड मार्केटिंग एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो आजकल के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सबके बीच में फैला हुआ है. यह तरीका उपभोक्ताओं तक उत्पाद तो पहुंचाता ही है, साथ ही बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करता है. घर में बैठी ग्रहणी हो या फिर रिटायर्ड हुए कोई व्यक्ति, प्रत्येक व्यक्ति रिलेटेड मार्केटिंग से आज के समय में जुड़ चुका है. मुख्य रूप से इसमें यह कार्य होता है कि कोई भी विश्वसनीय ब्रांड या प्रोडक्ट अपने सर्विस का प्रचार व प्रसार करते हैं और धीरे-धीरे उनसे कई व्यक्तियों को जोड़ लेते हैं. आगे के प्रचार व प्रसार में वे व्यक्ति उनकी मदद करते हैं जिसके बदले वे अपनी सेवाओं और वस्तुओं के विक्रय होने पर उन्हें कुछ कमीशन का भुगतान किया जाता हैं.अंत में यदि देखा जाए और समझा जाए तो डिजिटल मार्केटिंग किसी भी व्यापार को बढ़ाने और उसको उपभोक्ताओं के बीच लाने के लिए एक उचित प्लेटफार्म बन चुका है. यह उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच एक बेहतर और विश्वसनीय संबंध बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए तो धन की प्राप्ति होती ही है, साथ में कुछ ऐसे लोग भी हमसे जुड़ जाते हैं जो अपने खाली समय में धन अर्जित करने में सक्षम हो पाते हैं. व्यवसाय के विस्तार व प्रसार के लिए एक अहम प्लेटफार्म के रूप में डिजिटल मार्केटिंग को जाना जाता है. किसी भी व्यवसाय को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का काम भी डिजिटल मार्केटिंग ही कर रहा है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग ने अपनी एक अच्छी खासी पकड़ व्यापारियों व उपभोक्ता के बीच बना ली है.

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?) By वनिता कासनियां पंजाब डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में. आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है. इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पा...