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Hosting क्या है और कहाँ से खरीदें?आज में आपको बताउंगी के, वेब होस्टिंग क्या है. अपना खुदका एक website होना बहुत बड़ी बात है. Website को maintain कर पाना सबके बस की बात नही, इसके लिए proper knowledge का होना बहुत ज़रूरी है. ,Website बनाने केलिए बहुत सी चीज़ों को ध्यान मे रखना होता है जैसे आपके website के लिए domain name और hosting का होना बेहद ज़रूरी है जिसके वजह से हमारे website को पहचान मिलती है.लेकिन जो blogging के दुनिया मे नये हैं उन्हे होस्टिंग का अर्थ के बारे मे ज़्यादा जानकारी नही होती, और इसी कारण वो उनके ज़रूरतों के हिसाब से ग़लत hosting चुन लेते हैं जिसके वजह से उन्हे आगे जा कर बहुत सी परेशानियाँ झेलनी पड़ती है.इसलिए आज में इस लेख मे आपको होस्टिंग मीनिंग इन हिंदी के बारे मे ही जानकारी दूँगी की और ये कितने प्रकार के होते हैं. ताकि आप अपने वेबसाइट के लिए सही hosting चुन सके.अनुक्रम दिखाएँ इन्टरनेट क्या है?आप सोच रहे होंगे के में Internet के बारे में क्यों बता रही हूँ. होस्टिंग सेवा समझने से पहले आपको Internet क्या है जानना बहुत जरुरी है. Internet है दुनिया का सबसे बड़ा interconnected network. Interconnected का मतलब है एक दुसरे से जुड़ा हुआ. आज की पूरी दुनिया, mobile से ले कर computer तक इस बड़ी network से जुड़े हुए हैं.अपने अगर कभी किसी computer lab में एक दुशरे से जुड़े हुए computers को देखा है तो आप उसको भी Internet का नाम दे सकते हैं. जब आपका computer कोई public network से जुड़ जाता है, तो वो भी Internet का एक हिस्सा बन जाता है. जिससे आप web server या web host भी कह सकते हैं.Domain कैसे खरीदेंतो आप ये सोच रहे होंगें, के अगर आपका computer भी एक server है तो दुसरे लोग इससे क्यों नहीं देख पाते? इसका जवाब ये है के, हर computer और mobile में privacy और security रहता है, इसीलिए दुसरों इसे access नहिं कर पाते. अगर आप इसी security को हटा के public access दे देते है तो हर कोई आपकी computer में रखे गए contents को देख पायेगा. चलिए अब web hosting के बारे में जान लेते है.वेब होस्टिंग क्या है – What is Web Hosting in HindiWeb Hosting Kya Haiवेब होस्टिंग सारे websites को Internet मे जगह देने की सेवा प्रदान करता है. इसकी वजह से किसी एक व्यक्ति या organization के website को पूरी दुनिया मे Internet के ज़रिए access किया जा सकता है. जगह देता है से मेरा मतलब है की आपके website के files, images, videos, etc को एक special computer पे store करके रखता है. इशी को हम web server कहते हैं.वो computer हर वक़्त 24×7 Internet से connected हो कर रहता है. Web hosting की सेवा हमे बहुत सारे companies प्रदान करते हैं जैसे Godaddy, Hostgator, Bluehost, etc. और इनको हम web host भी कहते हैं.एक हिसाब से हम ये भी कह सकते हैं की अपने वेबसाइट को दूसरे high powered computers (web servers) मे store करके रखने के लिए हम उन्हे किराया देते हैं जैसे हम किसी अंजान के घर मे रहने के लिए किराया देते हैं ठीक उसी तरह.वेब होस्टिंग काम कैसे करता है?जब हम अपना website बनाते हैं तो हम यही चाहते हैं की हम अपना knowledge और information लोगों के साथ बाटें, तो उसके लिए हमे पहले अपने files को web hosting पर upload करना पड़ता है.ऐसा कर लेने के बाद, जब भी कोई Internet यूज़र अपने web browser(Mozilla Firefox, Google Chrome, Opera) पे आपका domain name टाइप करता है जैसे मान लीजिए https://hindime.net, फिर उसके बाद Internet आपके domain name को उस web server से जोड़ देता है जहाँ आपके website का फाइल्स पहले से ही store हो कर रखा गया है. जोड़ने के बाद website का सारा information उस यूज़र के कंप्यूटर मे पहुँच जाता है फिर वहाँ से यूज़र अपने ज़रूरतो के हिसाब से पेज को view करता है और ज्ञान ग्रहण करता है.Free Website कैसे बनायेDomain Name क्या है और कैसे काम करता हैDomain Name को hosting में जोड़ने केलिए DNS(Domain Name Syatem) का इस्तिमाल किया जाता है. इससे domain को ये पता चलता है के आपका website कौनसे web server में रखा गया है. क्यूँ की हर server का DNS अलग अलग होते है.वेब होस्टिंग कहाँ से खरीदें?दुनियां में बहुत सारे companies है जो बेहतर से बेहतर hosting provide करते है. अगर आप चाहते है के आपके सारे visitors India से ही हो, तो आपको India से hosting खरीदना बेहरत रहेगा. आपकी hosting का server आपके country से जितना दूर रहेगा, website को access करने में आपको उतना time लगेगा.Hostgator 50% Off on Hostingअगर आप India के जितने web hosting providers है, उनसे hosting खरीदते है तो आपको उसके लिए credit card की जरुरत नहिं पड़ेगा. आप अपने ATM card या फिर Internet banking के जरिये खरीद सकते है. एक बार आप hosting खरीद लेते है तो आप आसानी से उसको अपने domain name के साथ जोड़ कर access कर सकते हैं. निचे आपको कुछ website के नाम मिलेंगे, जो के भरोशे के लायक है और अच्छा service देते हैं.Hostgator India (We are using it)GodaddyBlueHostBigRockहमारा ब्लॉग Hostgator India के hosting में चल रहा है. WordPress blog केलिए WordPress company BlueHost को recommend करता है. आप चाहे तो दुशरे hosting भी ले सकते है.Coupon: HINDIMEकौन सी कंपनी से होस्टिंग खरीदें?Web Hosting खरीदने केलिए आपके पास बहुत सारे options आयेंगे, पर आपको ये decide करना पड़ेगा के आपके जरूरतों के हिसाब से कौनसा company ठीक रहेगा. Hosting खरीदने से पहले कुछ जानकारिय होना बेहद जरुरी है.Disk SpaceDisk Space होता है आपके hosting का storage capacity. जैसे आपके computer में रहता है 500GB और 1TB space, उसी तरह hosting में भी storage रहता है. हो सके तो unlimited disk space वाला hosting खरीदें. इससे आपको कभी disk full होने का खतरा नहिं रहेगा.Bandwidthएक second में आपकी website के कितने data access कर सकते है उसे हम bandwidth कहते है. जब कोई आपकी website को access कर रहा होता है तो आपकी server कुछ data use करके उसे information share करता है. अगर आपका bandwidth कम है और आपके website को ज्यादा visitor access कर रहे है तो आपकी website down हो जायेगा.Uptimeआपकी website जितने time online या available रहता है उसे uptime कहते है. कभी कभी कुछ problems के कारण आपका website down हो जाता है, मतलब खुल नहिं पता. उसे हम downtime कहते है. आज कल हर company 99.99% uptime के guarantee देते है.Customer serviceहर hosting company कहता है के वो 24×7 customer service provide करते है. पर आखिर में ऐसे नहिं होता. में जितना भी hosting service use कि हूँ, सबसे अच्छा customer service Hostgator देता है. Godaddy के customer service केलिए आपको फ़ोन पे ही बात करना पड़ेगा, जो के free नहिं है.वेब होस्टिंग के प्रकार – Types of Web Hosting in Hindiआपने तो जान लिया web hosting kya hai और कैसे काम करता है. अब जानते है के ये कितने तरह के होते हैं. Web hosting बहुत से प्रकार का होता है, लेकिन आज के वक़्त मे जो सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है हम सिर्फ़ उन्ही के बारे मे जानेगे. तो मूल रूप से web hosting 3 प्रकार के होते हैं. यहाँ से आप Hostgator से होस्टिंग कैसे खरीदें पढ़ सकते हो.1) Shared web hosting2) VPS (Virtual Private Server)3) Dedicated hosting4) Cloud Web HostingShared Web Hostingजब हम घर से बहार कहीं पढने जाते हैं या job के लिए जाते हैं तो हम एक किराये वाले घर में रहते हैं जहाँ हमारे साथ और भी बहुत से दुसरे लोग एक साथ एक ही रूम share करते हैं ठीक उसी तरह shared web hosting भी ऐसा ही काम करता है.Shared web hosting में एक ही server होता है जहाँ हजारों websites के files एक साथ एक ही server computer में store हो कर रहता हैं इसलिए इस hosting का नाम shared रखा गया है.Shared web hosting उन लोगों के लिए सही है जिन्होंने अपना website नया नया बनाया हो क्यूंकि ये hosting सबसे सस्ती होती है. इस hosting से आपको तब तक मुसीबत नहीं झेलनी पड़ेगी जब तक आपका website मसहुर न हो जाये और जब आपके websites में visitor बढ़ने लगेंगे तो आप अपना hosting change भी कर सकते हैं. जैसा की ये shared web server है अगर कोई website बहुत व्यस्त हो जाये तो बाकि सारे website उसके कारण धीमें हो जायेंगे और उनके page को खुलने में वक़्त लग जायेगा, ये इस web hosting का सबसे बड़ा demerit है. Shared hosting का इस्तेमाल ज्यादा तर नए bloggers ही करते हैं. इसमें बहुत सारे users एक ही system का CPU, RAM इस्तिमाल करते है.Shared Hosting के फायेदेये hosting का इस्तमाल और setup करना बहुत ही आसान है.Basic Websites के लिए ये बढ़िया option है.इसकी कीमत बहुत कम होती है इसलिए इसे सभी खरीद सकते हैं.इसकी control panel बहुत ही user friendly होती है.Shared Hosting के नुखसानइसमें आपको बहुत ही limited resources access करने को मिलेंगी.चूँकि आप इसमें server को दूसरों के साथ share करते हैं इसलिए इसकी performance में थोडा ऊपर निचे होने की संभावनाएं होती है.इसकी security उतनी बेहतर नहीं होती है.प्राय सभी companies इसमें ज्यादा support प्रदान नहीं करती हैं.VPS HostingVPS hosting एक hotel के रूम की तरह होता है. जहाँ उस room के सारे चीजों पर बस आपका हक रहता है. इसमें और किसीका भी शेयरिंग नहिं होता. VPS hosting में visualization technology का प्रोयाग किया जाता है. ज्सिमे एक strong और secure server को virtually अलग अलग हिस्सों में divide कर दिया जाता है.पर हर एक virtual server केलिए अलग अलग resource use किया जाता है. जिससे आपके website को जितना resource की जरुरत होता है वो उतना use कर सकता है. यहाँ आपको दुशरे किसी website के साथ share करना नहिं पड़ता और आपके website को best security और performance मिलता है.ये hosting थोडा costly है और ज्यादा visitor वाले website इस्तिमाल करते हैं. अगर आपको कम पैसो में dedicated server जैसे performance चाहिए तो आपके लिए VPS best है.VPS Hosting के फायेदेइस Hosting में सबसे बेहतर performance प्रदान करी जाती है.इसमें एक dedicated hosting के तरह ही आपको full control मिलती है.इसमें आपको ज्यादा flexibility मिलती है क्यूंकि आप इसे अपने तरीके से customize कर सकते हैं और memory upgrades, bandwidth जैसे बदल सकते हैं .Dedicated Hosting के तुलना में ये ज्यादा कीमती नहीं है जिसके चलते इसे कोई भी खरीद सकता है जिनकी traffic ज्यादा हो.इसकी privacy और security बहुत ही बेहतर होती है.इसके अलावा इसमें आपको अच्छा support प्रदान किया जाता है.VPS Hosting के नुखसानइसमें आपको dedicated hosting के तुलना में कम resources प्रदान किया जाता है.इसे इस्तमाल करने के लिए आपके पास technical knowledge का होना आवश्यक है.Dedicated Hostingजीस तरह shared hosting में बहुत से website एक ही server का जगह share करते हैं dedicated hosting उसका पूरा ही उल्टा है. इसका उधारण ठीक वैसा ही है जैसे एक व्यक्ति का अपना एक बड़ा सा घर होता है और उसमे किसी और को रहने के लिए इज़ाज़त नहीं होती और उस घर की सारी ज़िम्मेदारी केवल उस व्यक्ति की होती है, dedicated hosting का काम भी कुछ ऐसा ही है.Dedicated hosting में जो server होता है वो सिर्फ और सिर्फ एक ही website का files store करके रखता है और ये सबसे तेज server होता है. इसमें sharing नहीं होता है. और ये hosting सबसे मेहेंगी होती है क्यूंकि इसका पूरा किराया केवल एक ही व्यक्ति को भरना पड़ता है.जिनकी website पर हर महीने ज्यादा visitor आते हैं ये hosting सिर्फ उनके लिए ही सही है. और उनके लिए भी जो अपने website से ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं. बहुत सारे e-commerce site जैसे Flipkart, Amazon, Snapdeal dedicated hosting ही इस्तेमाल करते हैं.Dedicated Hosting के फायेदेइसमें client को server के ऊपर ज्यादा control और flexibility दिया जाता है.सभी Hosting की तुलना में इसमें security सबसे ज्यादा होती है.ये सबसे ज्यादा stable होता है.इसमें client को full root/administrative access प्रदान किया जाता है.Dedicated Hosting के नुखसानये सभी hosting के तुलना में महंगा होता है.इसे control करने के लिए आपके पास technical knowledge का होना आवश्यक होता है.यहाँ पर आप अपने problems को खुद solve नहीं कर सकते जिसके चलते आपको technicians को hire करना होता है.Cloud Web HostingCloud webhosting एक ऐसा प्रकार का hosting है जो की दुसरे clustered servers के resources का इस्तमाल करते हैं. Basically, इसका मतलब ये हैं की आपकी website दुसरे servers के virtual resources का इस्तमाल करती है जिससे ये आपके hosting के सभी aspects को पूर्ण करती है.यहाँ पर load को balance किया जाता है, security का ख़ास ध्यान रखा जाता है और इसमें सारे hardware resources virtually available होते हैं जिससे की इसे कभी भी और कहीं प्र भी इस्तमाल किया जा सकता है. यहाँ पर cluster of servers को ही cloud कहते हैं.Cloud Hosting के फायेदेयहाँ पर Server down होने के chances बहुत ही कम होते हैं क्यूंकि सभी चीज़ें cloud में उपलब्ध होती है.यहाँ पर बड़े high traffic को भी आसानी से handle किया जा सकता है.Cloud Hosting के नुखसानयहाँ पर root access की सुविधा प्रदान नहीं की जाती है.बाकियों की तुलना में ये hosting थोडा ज्यादा महंगा होता है.Linux vs Windows Web Hosting in HindiHosting खरीदते समय आपके पास दो options रहते है. एक है Linux का उर दुशर है Windows का. कभी अपने ये सोचा है के दोने में क्या फर्क है? आप दोनों में से कोई भी hosting use कर सकते है, पर Windows hosting थोडा महंगा पड़ता है. Linux एक open source operating system है, तो इसीलिए इसे use करने केलिए hosting company को पैसे देने नहिं पड़ते. इसीलिए ये सस्ता होता है.पर Windows के license के लिए company को पैसे देने पड़ते है, इसीलिए ये महंगा है. दोनों हो server बहुत बढ़िया है पर Linux को Windows से ज्यादा secure माना जाता है. आप ज्यादातर blog और websites को Linux के server में ही पाएंगे, क्यूँ की ये सस्ता होते है और Windows से ज्यादा features देते है.Server Uptime का मतलब क्या होता है?Server uptime उस समय को दर्शाता है जब आपका web server पूरी तरह से functional और online होता है। इस समय आपका ब्लॉग या वेब्सायट पूरी ठीक तरीक़े से कार्यरत होता है।हमें किस प्रकार की वेब होस्टिंग लेनी चाहिए अपने साइट के लिए?ये निर्भर करता है की आपकी साइट कितनी बड़ी है, उसमें कितना ट्रैफ़िक आता है इत्यादि। यदि आप नयी साइट शुरू कर रहे हैं तब आपको Shared Hosting ही लेनी चाहिए जो की सबसे ज़्यादा खिफ़ायती होतीवनिता कासनियां पंजाबआज आपने क्या सीखामुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Web Hosting क्या है ? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को Web Hosting के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह post Web Hosting क्या होता है in hindi पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये.

आज में आपको बताउंगी के, वेब होस्टिंग क्या है. अपना खुदका एक website होना बहुत बड़ी बात है. Website को maintain कर पाना सबके बस की बात नही, इसके लिए proper knowledge का होना बहुत ज़रूरी है. Website बनाने केलिए बहुत सी चीज़ों को ध्यान मे रखना होता है जैसे आपके website के लिए domain name और hosting का होना बेहद ज़रूरी है जिसके वजह से हमारे website को पहचान मिलती है.

लेकिन जो blogging के दुनिया मे नये हैं उन्हे होस्टिंग का अर्थ के बारे मे ज़्यादा जानकारी नही होती, और इसी कारण वो उनके ज़रूरतों के हिसाब से ग़लत hosting चुन लेते हैं जिसके वजह से उन्हे आगे जा कर बहुत सी परेशानियाँ झेलनी पड़ती है.

इसलिए आज में इस लेख मे आपको होस्टिंग मीनिंग इन हिंदी के बारे मे ही जानकारी दूँगी की और ये कितने प्रकार के होते हैं. ताकि आप अपने वेबसाइट के लिए सही hosting चुन सके.

अनुक्रम  दिखाएँ 

इन्टरनेट क्या है?

आप सोच रहे होंगे के में Internet के बारे में क्यों बता रही हूँ. होस्टिंग सेवा समझने से पहले आपको Internet क्या है जानना बहुत जरुरी है. Internet है दुनिया का सबसे बड़ा interconnected network. Interconnected का मतलब है एक दुसरे से जुड़ा हुआ. आज की पूरी दुनिया, mobile से ले कर computer तक इस बड़ी network से जुड़े हुए हैं.

अपने अगर कभी किसी computer lab में एक दुशरे से जुड़े हुए computers को देखा है तो आप उसको भी Internet का नाम दे सकते हैं. जब आपका computer कोई public network से जुड़ जाता है, तो वो भी Internet का एक हिस्सा बन जाता है. जिससे आप web server या web host भी कह सकते हैं.

तो आप ये सोच रहे होंगें, के अगर आपका computer भी एक server है तो दुसरे लोग इससे क्यों नहीं देख पाते? इसका जवाब ये है के, हर computer और mobile में privacy और security रहता है, इसीलिए दुसरों इसे access नहिं कर पाते. अगर आप इसी security को हटा के public access दे देते है तो हर कोई आपकी computer में रखे गए contents को देख पायेगा. चलिए अब web hosting के बारे में जान लेते है.

वेब होस्टिंग क्या है – What is Web Hosting in Hindi

Web Hosting Kya Hai

वेब होस्टिंग सारे websites को Internet मे जगह देने की सेवा प्रदान करता है. इसकी वजह से किसी एक व्यक्ति या organization के website को पूरी दुनिया मे Internet के ज़रिए access किया जा सकता है. जगह देता है से मेरा मतलब है की आपके website के files, images, videos, etc को एक special computer पे store करके रखता है. इशी को हम web server कहते हैं.

वो computer हर वक़्त 24×7 Internet से connected हो कर रहता है. Web hosting की सेवा हमे बहुत सारे companies प्रदान करते हैं जैसे Godaddy, Hostgator, Bluehost, etc. और इनको हम web host भी कहते हैं.

एक हिसाब से हम ये भी कह सकते हैं की अपने वेबसाइट को दूसरे high powered computers (web servers) मे store करके रखने के लिए हम उन्हे किराया देते हैं जैसे हम किसी अंजान के घर मे रहने के लिए किराया देते हैं ठीक उसी तरह.

वेब होस्टिंग काम कैसे करता है?

जब हम अपना website बनाते हैं तो हम यही चाहते हैं की हम अपना knowledge और information लोगों के साथ बाटें, तो उसके लिए हमे पहले अपने files को web hosting पर upload करना पड़ता है.

ऐसा कर लेने के बाद, जब भी कोई Internet यूज़र अपने web browser(Mozilla Firefox, Google Chrome, Opera) पे आपका domain name टाइप करता है जैसे मान लीजिए https://hindime.net, फिर उसके बाद Internet आपके domain name को उस web server से जोड़ देता है जहाँ आपके website का फाइल्स पहले से ही store हो कर रखा गया है. जोड़ने के बाद website का सारा information उस यूज़र के कंप्यूटर मे पहुँच जाता है फिर वहाँ से यूज़र अपने ज़रूरतो के हिसाब से पेज को view करता है और ज्ञान ग्रहण करता है.

Domain Name को hosting में जोड़ने केलिए DNS(Domain Name Syatem) का इस्तिमाल किया जाता है. इससे domain को ये पता चलता है के आपका website कौनसे web server में रखा गया है. क्यूँ की हर server का DNS अलग अलग होते है.

वेब होस्टिंग कहाँ से खरीदें?

दुनियां में बहुत सारे companies है जो बेहतर से बेहतर hosting provide करते है. अगर आप चाहते है के आपके सारे visitors India से ही हो, तो आपको India से hosting खरीदना बेहरत रहेगा. आपकी hosting का server आपके country से जितना दूर रहेगा, website को access करने में आपको उतना time लगेगा.

Hostgator 50% Off on Hosting

अगर आप India के जितने web hosting providers है, उनसे hosting खरीदते है तो आपको उसके लिए credit card की जरुरत नहिं पड़ेगा. आप अपने ATM card या फिर Internet banking के जरिये खरीद सकते है. एक बार आप hosting खरीद लेते है तो आप आसानी से उसको अपने domain name के साथ जोड़ कर access कर सकते हैं. निचे आपको कुछ website के नाम मिलेंगे, जो के भरोशे के लायक है और अच्छा service देते हैं.

हमारा ब्लॉग Hostgator India के hosting में चल रहा है. WordPress blog केलिए WordPress company BlueHost को recommend करता है. आप चाहे तो दुशरे hosting भी ले सकते है.

Coupon: HINDIME

कौन सी कंपनी से होस्टिंग खरीदें?

Web Hosting खरीदने केलिए आपके पास बहुत सारे options आयेंगे, पर आपको ये decide करना पड़ेगा के आपके जरूरतों के हिसाब से कौनसा company ठीक रहेगा. Hosting खरीदने से पहले कुछ जानकारिय होना बेहद जरुरी है.

Disk Space

Disk Space होता है आपके hosting का storage capacity. जैसे आपके computer में रहता है 500GB और 1TB space, उसी तरह hosting में भी storage रहता है. हो सके तो unlimited disk space वाला hosting खरीदें. इससे आपको कभी disk full होने का खतरा नहिं रहेगा.

Bandwidth

एक second में आपकी website के कितने data access कर सकते है उसे हम bandwidth कहते है. जब कोई आपकी website को access कर रहा होता है तो आपकी server कुछ data use करके उसे information share करता है. अगर आपका bandwidth कम है और आपके website को ज्यादा visitor access कर रहे है तो आपकी website down हो जायेगा.

Uptime

आपकी website जितने time online या available रहता है उसे uptime कहते है. कभी कभी कुछ problems के कारण आपका website down हो जाता है, मतलब खुल नहिं पता. उसे हम downtime कहते है. आज कल हर company 99.99% uptime के guarantee देते है.

Customer service

हर hosting company कहता है के वो 24×7 customer service provide करते है. पर आखिर में ऐसे नहिं होता. में जितना भी hosting service use कि हूँ, सबसे अच्छा customer service Hostgator देता है. Godaddy के customer service केलिए आपको फ़ोन पे ही बात करना पड़ेगा, जो के free नहिं है.

वेब होस्टिंग के प्रकार – Types of Web Hosting in Hindi

आपने तो जान लिया web hosting kya hai और कैसे काम करता है. अब जानते है के ये कितने तरह के होते हैं. Web hosting बहुत से प्रकार का होता है, लेकिन आज के वक़्त मे जो सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है हम सिर्फ़ उन्ही के बारे मे जानेगे. तो मूल रूप से web hosting 3 प्रकार के होते हैं. यहाँ से आप Hostgator से होस्टिंग कैसे खरीदें पढ़ सकते हो.

1) Shared web hosting
2) VPS (Virtual Private Server)
3) Dedicated hosting
4) Cloud Web Hosting

Shared Web Hosting

जब हम घर से बहार कहीं पढने जाते हैं या job के लिए जाते हैं तो हम एक किराये वाले घर में रहते हैं जहाँ हमारे साथ और भी बहुत से दुसरे लोग एक साथ एक ही रूम share करते हैं ठीक उसी तरह shared web hosting भी ऐसा ही काम करता है.

Shared web hosting में एक ही server होता है जहाँ हजारों websites के files एक साथ एक ही server computer में store हो कर रहता हैं इसलिए इस hosting का नाम shared रखा गया है.

Shared web hosting उन लोगों के लिए सही है जिन्होंने अपना website नया नया बनाया हो क्यूंकि ये hosting सबसे सस्ती होती है. इस hosting से आपको तब तक मुसीबत नहीं झेलनी पड़ेगी जब तक आपका website मसहुर न हो जाये और जब आपके websites में visitor बढ़ने लगेंगे तो आप अपना hosting change भी कर सकते हैं. जै

सा की ये shared web server है अगर कोई website बहुत व्यस्त हो जाये तो बाकि सारे website उसके कारण धीमें हो जायेंगे और उनके page को खुलने में वक़्त लग जायेगा, ये इस web hosting का सबसे बड़ा demerit है. Shared hosting का इस्तेमाल ज्यादा तर नए bloggers ही करते हैं. इसमें बहुत सारे users एक ही system का CPU, RAM इस्तिमाल करते है.

Shared Hosting के फायेदे

  • ये hosting का इस्तमाल और setup करना बहुत ही आसान है.
  • Basic Websites के लिए ये बढ़िया option है.
  • इसकी कीमत बहुत कम होती है इसलिए इसे सभी खरीद सकते हैं.
  • इसकी control panel बहुत ही user friendly होती है.

Shared Hosting के नुखसान

  • इसमें आपको बहुत ही limited resources access करने को मिलेंगी.
  • चूँकि आप इसमें server को दूसरों के साथ share करते हैं इसलिए इसकी performance में थोडा ऊपर निचे होने की संभावनाएं होती है.
  • इसकी security उतनी बेहतर नहीं होती है.
  • प्राय सभी companies इसमें ज्यादा support प्रदान नहीं करती हैं.

VPS Hosting

VPS hosting एक hotel के रूम की तरह होता है. जहाँ उस room के सारे चीजों पर बस आपका हक रहता है. इसमें और किसीका भी शेयरिंग नहिं होता. VPS hosting में visualization technology का प्रोयाग किया जाता है. ज्सिमे एक strong और secure server को virtually अलग अलग हिस्सों में divide कर दिया जाता है.

पर हर एक virtual server केलिए अलग अलग resource use किया जाता है. जिससे आपके website को जितना resource की जरुरत होता है वो उतना use कर सकता है. यहाँ आपको दुशरे किसी website के साथ share करना नहिं पड़ता और आपके website को best security और performance मिलता है.

ये hosting थोडा costly है और ज्यादा visitor वाले website इस्तिमाल करते हैं. अगर आपको कम पैसो में dedicated server जैसे performance चाहिए तो आपके लिए VPS best है.

VPS Hosting के फायेदे

  • इस Hosting में सबसे बेहतर performance प्रदान करी जाती है.
  • इसमें एक dedicated hosting के तरह ही आपको full control मिलती है.
  • इसमें आपको ज्यादा flexibility मिलती है क्यूंकि आप इसे अपने तरीके से customize कर सकते हैं और memory upgrades, bandwidth जैसे बदल सकते हैं .
  • Dedicated Hosting के तुलना में ये ज्यादा कीमती नहीं है जिसके चलते इसे कोई भी खरीद सकता है जिनकी traffic ज्यादा हो.
  • इसकी privacy और security बहुत ही बेहतर होती है.
  • इसके अलावा इसमें आपको अच्छा support प्रदान किया जाता है.

VPS Hosting के नुखसान

  • इसमें आपको dedicated hosting के तुलना में कम resources प्रदान किया जाता है.
  • इसे इस्तमाल करने के लिए आपके पास technical knowledge का होना आवश्यक है.

Dedicated Hosting

जीस तरह shared hosting में बहुत से website एक ही server का जगह share करते हैं dedicated hosting उसका पूरा ही उल्टा है. इसका उधारण ठीक वैसा ही है जैसे एक व्यक्ति का अपना एक बड़ा सा घर होता है और उसमे किसी और को रहने के लिए इज़ाज़त नहीं होती और उस घर की सारी ज़िम्मेदारी केवल उस व्यक्ति की होती है, dedicated hosting का काम भी कुछ ऐसा ही है.

Dedicated hosting में जो server होता है वो सिर्फ और सिर्फ एक ही website का files store करके रखता है और ये सबसे तेज server होता है. इसमें sharing नहीं होता है. और ये hosting सबसे मेहेंगी होती है क्यूंकि इसका पूरा किराया केवल एक ही व्यक्ति को भरना पड़ता है.

जिनकी website पर हर महीने ज्यादा visitor आते हैं ये hosting सिर्फ उनके लिए ही सही है. और उनके लिए भी जो अपने website से ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं. बहुत सारे e-commerce site जैसे Flipkart, Amazon, Snapdeal dedicated hosting ही इस्तेमाल करते हैं.

Dedicated Hosting के फायेदे

  • इसमें client को server के ऊपर ज्यादा control और flexibility दिया जाता है.
  • सभी Hosting की तुलना में इसमें security सबसे ज्यादा होती है.
  • ये सबसे ज्यादा stable होता है.
  • इसमें client को full root/administrative access प्रदान किया जाता है.

Dedicated Hosting के नुखसान

  • ये सभी hosting के तुलना में महंगा होता है.
  • इसे control करने के लिए आपके पास technical knowledge का होना आवश्यक होता है.
  • यहाँ पर आप अपने problems को खुद solve नहीं कर सकते जिसके चलते आपको technicians को hire करना होता है.

Cloud Web Hosting

Cloud webhosting एक ऐसा प्रकार का hosting है जो की दुसरे clustered servers के resources का इस्तमाल करते हैं. Basically, इसका मतलब ये हैं की आपकी website दुसरे servers के virtual resources का इस्तमाल करती है जिससे ये आपके hosting के सभी aspects को पूर्ण करती है.

यहाँ पर load को balance किया जाता है, security का ख़ास ध्यान रखा जाता है और इसमें सारे hardware resources virtually available होते हैं जिससे की इसे कभी भी और कहीं प्र भी इस्तमाल किया जा सकता है. यहाँ पर cluster of servers को ही cloud कहते हैं.

Cloud Hosting के फायेदे

  • यहाँ पर Server down होने के chances बहुत ही कम होते हैं क्यूंकि सभी चीज़ें cloud में उपलब्ध होती है.
  • यहाँ पर बड़े high traffic को भी आसानी से handle किया जा सकता है.

Cloud Hosting के नुखसान

  • यहाँ पर root access की सुविधा प्रदान नहीं की जाती है.
  • बाकियों की तुलना में ये hosting थोडा ज्यादा महंगा होता है.

Linux vs Windows Web Hosting in Hindi

Hosting खरीदते समय आपके पास दो options रहते है. एक है Linux का उर दुशर है Windows का. कभी अपने ये सोचा है के दोने में क्या फर्क है? आप दोनों में से कोई भी hosting use कर सकते है, पर Windows hosting थोडा महंगा पड़ता है. Linux एक open source operating system है, तो इसीलिए इसे use करने केलिए hosting company को पैसे देने नहिं पड़ते. इसीलिए ये सस्ता होता है.

पर Windows के license के लिए company को पैसे देने पड़ते है, इसीलिए ये महंगा है. दोनों हो server बहुत बढ़िया है पर Linux को Windows से ज्यादा secure माना जाता है. आप ज्यादातर blog और websites को Linux के server में ही पाएंगे, क्यूँ की ये सस्ता होते है और Windows से ज्यादा features देते है.

Server Uptime का मतलब क्या होता है?

Server uptime उस समय को दर्शाता है जब आपका web server पूरी तरह से functional और online होता है। इस समय आपका ब्लॉग या वेब्सायट पूरी ठीक तरीक़े से कार्यरत होता है।

हमें किस प्रकार की वेब होस्टिंग लेनी चाहिए अपने साइट के लिए?

ये निर्भर करता है की आपकी साइट कितनी बड़ी है, उसमें कितना ट्रैफ़िक आता है इत्यादि। यदि आप नयी साइट शुरू कर रहे हैं तब आपको Shared Hosting ही लेनी चाहिए जो की सबसे ज़्यादा खिफ़ायती होती

वनिता कासनियां पंजाब

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Web Hosting क्या है ? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को Web Hosting के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

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ब्लॉगर (सेवा) साहित्य सेवा सदन किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख ब्लॉगर नामक चिट्ठाकारी सेवा के बारे में है। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब उपयोक्ता (व्यक्ति) के लिए, ब्लॉगर (उपयोक्ता) देखें। यह लेख आज का आलेख के लिए निर्वाचित हुआ है। अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें। ब्लॉगर (पूर्व नाम: ब्लॉगस्पॉट) एक चिट्ठा होस्टिंग सेवा है जो गूगल ब्लॉगर प्रोग्राम के द्वारा उपलब्ध कराई जाती है, व जिसके द्वारा ब्लॉगर्स अपने नए ब्लॉग शीघ्र ही बना सकते हैं। इसकी मदद से डोमेन नेम और होस्टिंग जब तक ब्लॉगर चाहे निःशुल्क उपलब्ध रहती है। गूगल के एडसेंस कार्यक्रम के द्वारा ब्लोगर्स अपने ब्लॉग से आय भी कर सकते हैं।[2] यह सुविधा अन्य चिट्ठाकारी कार्यक्रमों पर निर्भर नहीं होती। एक ब्लॉग किसी भी कार्य के लिए प्रयोग किया जा सकता है, चाहे वह निजी दैनंदिनी के रूप में हो या व्यावसायिक कार्य के लिए या सामान्य रूप में अपने विचार दूसरों तक पहुंचाने के लिए ब्लॉग्गिंग का ज्यादा उपयोग किया जाता है। ब्लॉगस्पॉट का आरंभ १९९९ में एक होस्टिंग टूल के रूप में पायरा लैब्स ने की थी। सन् २००३ में इसे गूगल ने खरीद लिया था, और तब से यह इंटरनेट पर सबसे प्रसिद्ध शुल्करहित होस्टिंग वेबसाइट बनी हुई है। ब्लॉगर ब्लॉगर का प्रतिक चिन्ह Blogger screen.png ब्लॉगर जालस्थल का मुखपृष्ठ (हिन्दी में), अभिगमन:२३ अप्रैल २०१० प्रकार ब्लॉग होस्ट इनमें उपलब्ध अंग्रेज़ी , हिंदी , फ़ारसी और अन्य ५७ मालिक गूगल इंका. निर्माता पायरा लैब्स जालस्थल www.blogger.com Edit this at Wikidata एलेक्सा रैंक १९६ जनवरी २०१९ व्यापारिक? हां पंजीकरण वैकल्पिक, निःशुल्क उद्घाटन तिथि २३ अगस्त १९९९[1] वर्तमान स्थिति सक्रिय प्रयोग इस पर ब्लॉग निर्माण के लिए कोई जटिल सॉफ्टवेयर या तकनीकी जानकारी को डाउनलोड करना या उसका प्रयोग नहीं करना पड़ता। इस पर अपना ब्लॉग बनाने के लिए प्रयोक्ताओं को केवल गूगल पर अपना खाता बनाना पड़ता है। इस पर साइनअप के लिए प्रयोक्ता को एक अलग नाम रखना होता है जो उसके ब्लॉग का नाम होगा। यही नाम डोमेन नेम के रूप में भी प्रयोग होता है।[2] ब्लॉगस्पॉट पर अन्य कुछ ब्लॉगिंग सेवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, लेकिन इसके सर्वसाधारण टूल्स और अन्य सुविधाएं ब्लॉगिंग को अत्यंत सरल बना देती हैं। किन्तु इसका अर्थ ये नहीं है, कि ब्लॉगस्पॉट पर आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। अधिकांश उन्नत प्रयोक्ता अपने ब्लॉग में कई परिवर्तन ला सकते हैं, जिसमें अपना साँचा (टेम्प्लेट) डिजाइन करना और गूगल का जालस्थल विश्लेषण (वेबसाइट एनलाइजिंग) कार्यक्रम का प्रयोग करने तक की भी सुविधाएं हैं। गूगल पर कई हजार उपकरण (गैजेट) हैं जिनको ब्लॉग्स पर जोड़ा (अटैच किया) जा सकता है। इनकी मदद से ब्लॉगर बहुउपयोगी उपयोक्ता ब्लॉग तैयार कर सकते हैं, जिसकी मदद से कई ब्लॉगर एक ही ब्लॉग पर अपना योगदान दे सकते हैं। सीमाएं ब्लॉगर ने सामग्री भंडारण एवं तरंगदैर्घ्य (बैंडविड्थ), प्रति उपयोक्ता खाते की सीमाएं नियत की हैं[3]: ब्लॉगस की संख्या = असीमित पृष्ठ का नाप = विशिष्ट पृष्ठ (ब्लॉग का मुखपृष्ठ या पुरालेख पृष्ठ) १ एम.बी. पर सीमित हैं। लेबल्स की संख्या = २,००० अपूर्व लेबल/ब्लॉग, २० अपूर्व लेबल/पोस्ट चित्र संख्या (उपयोक्ता पिकासा जाल संग्रह से हाइपरलिंक्ड) = कुल भंडार के १ जी.बी तक चित्रों का नाप = यदि ब्लॉगर मोबाइल द्वाआ पोस्ट किया गया, तब २५० के.बी. प्रति चित्र; पोस्ट की हुए चित्र 800px पर परिसीमित किये जाते हैं। टीम सदस्य (जो एक ब्लॉग को लिख सकते हों) = १०० १८ फ़रवरी २०१० को,[4] ब्लॉगर ने स्वतः-पृष्ठांकन "ऑटो-पेजिनेशन" आरंभ किया है, जिससे प्रति पृष्ठ प्रदर्शित पोस्ट सीमित हो गयी हैं। जिसके कारण मुखपृष्ठ पर पोस्टों की संख्या उपयोक्ता द्वारा बतायी गई संख्या से कम होती है और कुछ उपयोक्ता रुष्ट भी हुए हैं।[5][6] अवरुद्ध ब्लॉगर को समय-समय पर निम्न देशों में अवरुद्ध किया गया है: फीजी चीन ईरान पाकिस्तान[7] सीरियाई अरब गणराज्य म्याँमार तुर्की (अक्तूबर, २००८ में चार दिनों के लिये)[8] इन्हें भी देखें वर्डप्रेस ब्लॉगजगत ब्लॉग ब्लॉगर ब्लॉगवाणी ब्लॉगरोल हिन्दी ब्लॉगिंग संस्कृत ब्लॉग गूगल चिट्ठाजगत.इन

, ईमेल एन्क्रिप्शन FAQट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन महत्वपूर्ण क्यों है? By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब आपके और आपके इच्छित प्राप्तकर्ताओं के बीच ईमेल भेजे या प्राप्त किए जाते समय ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन आपके ईमेल को तांक-झांक से बचाने में सहायता करता है. दुर्भाग्य से, रोज़ लाखों-करोड़ों एन्क्रिप्ट नहीं किए गए ईमेल "बिना किसी सुरक्षा" के भेजे और प्राप्त किए जाते हैं, जोकि दर्ज़नों ऑप्टिकल फ़ाइबर और राउटर से गुज़रते हुए गुप्त रूप से छेड़छाड़ और सामूहिक अटकाव का मुख्य लक्ष्य होते हैं.अगर ट्रांज़िट में मेरा ईमेल एन्क्रिप्ट किया गया है, तो क्या इसका मतलब यह है कि कभी भी कोई मेरे ईमेल में तांक-झांक नहीं कर सकता?सुरक्षा एक अविरत चुनौती है जहां कोई समाधान परिपूर्ण नहीं होता है और प्रगति वृद्धिशील होती है. ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन, ईमेल में ताक-झांक करना और कठिन बनाता है और ट्रांज़िट में ईमेल का सार्वभौमिक एन्क्रिप्शन, ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता के लिए एक बड़ा कदम होगा. लेकिन एन्क्रिप्शन ताक-झांक को असंभव नहीं बना सकता. इसके अलावा, ईमेल न केवल ट्रांज़िट में असुरक्षित हैं—बल्कि डिलीवर होने के बाद भी उसमें ताक-झांक की जा सकती है. उदाहरण के लिए, आप ईमेल को पढ़ने के लिए जिस कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, उस पर मैलवेयर स्थापित करके अनधिकृत पक्ष तब भी आपके ईमेल को एक्सेस कर सकते हैं.ट्रांज़िट में ईमेल के एन्क्रिप्शन का मतलब क्या है o?जब ट्रांज़िट में ईमेल एन्क्रिप्ट किया जाता है, तो उसका यह अर्थ होता है कि उसे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं पढ़ सकता, जिसकी उन नेटवर्क तक पहुंच होती है, जहां से ईमेल प्रेषक से गंतव्य की ओर जाते समय गुज़रता है. आप इसे सुरक्षा के एक ऐसे अस्थायी आवरण की तरह देख सकते हैं, जिसमें आपके ईमेल को इच्छित प्राप्तकर्ता तक भेजते समय उसे निजी बनाए रखने के लिए रखा गया होता है. परिवहन परत सुरक्षा (TLS), ईमेल के लिए ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन करने का मानक माध्यम है.TLS निष्क्रिय डेटा को एन्क्रिप्ट नहीं करता है—अर्थात यह किसी सर्वर में संग्रहीत ईमेल को एन्क्रिप्ट नहीं करता है. ऐसा करने के कई तरीके हैं, जैसे कि PGP का उपयोग करना (नीचे देखें).मेरे ईमेल के ट्रांज़िट में होने पर क्या उसे सुरक्षित रखने के लिए TLS सर्वश्रेष्ठ समाधान है?कोई भी एक इंटरनेट सुरक्षा समाधान सटीक नहीं होता है, लेकिन ईमेल को एन्क्रिप्ट न करना एक बहुत बड़ा जोखिम है. ईमेल प्रदाताओं के बीच ईमेल के आदान-प्रदान के समय उसे एन्क्रिप्ट करना एक बहुत बड़ा सुधार है, जिसे उपयोगकर्ताओं को किसी भी असुविधा पहुंचाए बिना बहुत आसानी से लागू किया जा सकता है. ईमेल के लिए TLS की स्थिति और उसके प्रवाह के बारे में कुछ और जानकारी Facebook की इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में देखी जा सकती है.क्या ट्रांज़िट में Google उपयोगकर्ताओं की ओर से अन्य Google उपयोगकर्ताओं को भेजा गया ईमेल एन्क्रिप्ट किया जाता है?हां. इसमें Gmail, Google Apps और Google+ के नोटिफ़िकेशन शामिल हैं. इसीलिए इस रिपोर्ट में केवल उन ईमेल वितरणों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिनमें Google दो शामिल प्रदाताओं में से केवल एक हो.ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन, Gmail की HTTPS एक्सेस से कैसे संबंधित है?2010 से Gmail में प्रवेश करने पर HTTPS डिफ़ॉल्ट रूप से उपयोग होता है. इसका मतलब है कि Google के डेटा केंद्रों और जिस कंप्यूटर का आप ईमेल पढ़ने के लिए उपयोग करते हैं, उसके बीच यात्रा करते समय आपका ईमेल एन्क्रिप्ट किया गया और सुरक्षित होता है. यह रिपोर्ट किसी भिन्न विषय के बारे में है: क्या आपका ईमेल Google के डेटा केंद्रों से बाहर जिस व्यक्ति को आप ईमेल कर रहे हैं, उसके बाहरी मेल सर्वर पर जाने के दौरान TLS से सुरक्षित होता है या नहीं.हमने Gmail के लिए HTTPS को अपने आप चालू कर दिया है, लेकिन जब विभिन्न मेल प्रदाताओं के बीच ईमेल भेजे जाते हैं, तो ईमेल को ट्रांज़िट में एन्क्रिप्ट करने के लिए दोनों प्रदाताओं की ओर से TLS सुविधा देना आवश्यक होता है.ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन, ईमेल एन्क्रिप्शन के अन्य प्रकारों, जैसे PGP से कैसे संबंधित है?PGP आपके ईमेल की सामग्री को कुछ इस तरह से एन्क्रिप्ट करता है कि अगर आप सबकुछ बिल्कुल सटीकता से करते हैं, तो उसे आपके और इच्छित प्राप्तकर्ता के अलावा कोई कभी नहीं देख पाएगा. उदाहरण के लिए, जब किसी Gmail उपयोगकर्ता को PGP से एन्क्रिप्ट किया गया ईमेल मिलता है, तो Gmail बाद में खोजने के लिए अनुक्रमित नहीं कर पाता, क्योंकि Gmail सामग्री को नहीं देख सकता. अतिरिक्त सुरक्षा की सुविधा की यह दुविधा यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उचित होती है, जो जोखिम में होते हैं और यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ती है जो ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन प्रदान नहीं करता.लेकिन ट्रांज़िट में एन्क्रिप्शन PGP में एक महत्वपूर्ण गोपनीयता लाभ जोड़ता है. PGP केवल आपके ईमेल की सामग्री को एन्क्रिप्ट करता है, उसके शीर्षलेखों को नहीं (उदाहरण के लिए, ईमेल कौन भेज और प्राप्त कर रहा/रही है). PGP से एन्क्रिप्ट किए गए ईमेल के वितरण को “संयोग से जान“ लेने वाला व्यक्ति यह देख पाएगा कि संदेश किस पते पर भेजा गया था, लेकिन संदेश की सामग्री नहीं देख पाएगा. लेकिन जब PGP से एन्क्रिप्ट किए गए संदेश को ट्रांज़िट में होने पर TLS से भी एन्क्रिप्ट कर दिया जाता है, तो संदेश का प्रेषक और प्राप्तकर्ता किसी बुरे इरादे वाले व्यक्ति को दिखाई नहीं देंगे.Gmail से आने–जाने वाले सभी ईमेल ट्रांज़िट में एन्क्रिप्ट क्यों नहीं किए जाते हैं?दशकों से, डिफ़ॉल्ट रूप से ईमेल का इंटरनेट पर बिना किसी एन्क्रिप्शन के आदान-प्रदान किया जाता रहा है—जैसे कि उसे किसी पोस्टकार्ड पर लिखा गया हो. Gmail अपने भेजे और प्राप्त किए जाने वाले ईमेल को एन्क्रिप्ट करने में सक्षम है, लेकिन केवल तभी जब अन्य ईमेल प्रदाता TLS एन्क्रिप्शन का समर्थन करता हो.दूसरे शब्दों में, इंटरनेट पर सभी ईमेल को 100% एन्क्रिप्ट करने के लिए सभी ऑनलाइन मेल प्रदाताओं के सहयोग की आवश्यकता है.इस रिपोर्ट में किस चीज़ की गणना की जा रही है?हम संदेश के प्राप्तकर्ताओं को गिनते हैं, SMTP कनेक्शन को नहीं. हम उन ईमेल को नहीं गिनते हैं जिन्हें हमारे सिस्टम स्पैम के रूप में फ़्लैग करते हैं. हम उन होस्ट से आने वाले संदेश नहीं गिनते हैं जिनके फ़ॉरवर्ड या रिवर्स DNS उपलब्ध नहीं हैं या असमान हैं. ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि आने वाले संदेशों को अर्थपूर्ण रूप से विशिष्ट बनाया जा सके, क्योंकि एक संदेश प्रेषक अपनी इच्छानुसार कोई भी "प्रेषक" पता डाल सकता है.“Y के माध्यम से X” का मतलब क्या है?

Email Encryption FAQ  Why is encryption important in transit?  Encryption in transit helps protect your email from snooping when emails are sent or received between you and your intended recipients. Unfortunately, millions of unencrypted emails are sent and received daily with "no security", which are the main targets of covert tampering and mass surveillance through dozens of optical fibers and routers.  If my email is encrypted in transit, does that mean that no one can ever peep into my email?  Security is an ongoing challenge where no solution is perfected and progress is incremental. Encryption in transit makes it more difficult to snoop on email, and universal encryption of email in transit will be a major step towards online security and privacy. But encryption does not make snooping impossible. In addition, emails are not only unsafe in transit — they can also be snooped on once delivered. For example, by installing malware on a computer you use to read ...

سمارٽ هندي گائيڊ - خالص ۽ صاف ٻولي ۾ مڪمل ‏informationاڻ ڀليڪار اسان جي بلاگ تي. ، ونيتا پنجاب طرفان جتي اسان هندي ۾ بلاگنگ ، انٽرنيٽ ، ٽيڪنالاجي ۽ ڪمپيوٽر سان لاڳاپيل سڀني معلومات تائين رسائي رکون ٿا. جيڪڏهن توهان چاهيو ، توهان به اسان کي سوشل ميڊيا تي فالو ڪري سگهو ٿا. توهان جي مهرباني ڳنcribeيو صفحو گهر بابت رابطو وڌيڪ ويب سائيٽ کانسواءِ ايفيبل مارڪيٽنگ ڪئين ڪجي؟ | ويب سائيٽ کانسواءِ ايفيبل مارڪيٽنگ ڪئين ڪجي؟ ويب سائيٽ کانسواءِ ايفيبل مارڪيٽنگ ڪئين ڪجي؟ ڇا الحاق مارڪيٽنگ ضروري آهي ته ڪا ويب سائيٽ هجي ، پوءِ دوستو ، اچو ته ان ماڙيءَ سان گڏ هلون ته الحاق مارڪيٽنگ هڪ ويب سائيٽ کانسواءِ ٿي سگهي ٿي. ڪيئن ٿيو اچو ته هلون دوستو منهنجو نالو پريتم ڪمار آهي ۽ سمارٽ هندي گائيڊ جي هڪ ٻي پوسٽ تي ڀليڪار. سو ، وقت ضايع ڪرڻ جي شروعات ڪريون. ويب سائيٽ کانسواءِ ايفيبل مارڪيٽنگ ڪئين ڪجي؟ مواد [لڪايو] ملندڙ مارڪيٽنگ ڇا آهي؟ پهرين ڳالھ بابت ٻڌائيندا هلون ٿا الحاق مارڪيٽنگ ڇا چيو ويندو آهي؟ تنهن ڪري ساٿي مارڪيٽنگ هڪ اهڙو عمل آهي جنهن ۾ توهان ٻين وينڊرز جهڙوڪ ايم ڊي ۽ فلپ ڪارٽ کان پراڊڪٽس کي اشتهار ڏيو يا واڌو ڪندا آهيو ، ۽ جيڪو توهان جي ملندڙ لنڪ مان توهان جون شيون خريد ڪري ٿو هڪ نن ‏commissionڙو ڪميشن حاصل ڪندو آهي. انهي ڪري هن کي الحاق مارڪيٽنگ سڏيو ويندو آهي. ڇا هي مستقبل جو ثبوت هڪ مفت الحاق مارڪيٽيندڙ لاءِ مفت آهي؟ ڏسو ، اهو صحيح طريقو آهي الحاق مارڪيٽنگ کي شروع ڪرڻ جي. پر اڳتي اھو ونڊيو تبصرو پوسٽ ڪريو بلاگ ۽ ڇا بلاگ آهي ۽ انهي جو مفت ۾ تخليق ذريعي پئسا ڪئين ڪئين ٺاهڻ جيڪڏهن توهان اهو به ‏toاڻڻ چاهيو ته بلاگنگ ۽ بلاگنگ ڇا آهي؟ ۽ پئسا اهو آهي ته اها ڪئين مفت بلاگ ڪورس پوسٽ ڪرڻ لازمي آهي هڪ مفت پيڊيگاگ بلاگ شروع ٿئي جتان آئون توهان کي ٻڌايان ۽ انهي کي سيٽ ڪرڻ لاءِ ۽ بلاگ کي ڪسٽم ڊومين جو نالو خريد ڪرڻ لازمي آهي. . توھان کي ‏toاڻڻ لاءِ ھي پوسٽ ضرور پڙھندؤ. دوستو ، منهنجو نالو پريتم ۽ سمارٽ هندي گائيڊ جي هن پوسٽ ۾ ڀليڪار آهيان ، سو اچو ته وقت ضايع ڪرڻ کان سواءِ شروع ڪريون. مواد [لڪايو] ڇا هڪ بلاگ آهي؟ (هندي ۾) ڇا بلاگنگ آهي؟ (هندي ۾) مفت بلاگ سان پئسا ڪئين ڪمائي سگهجن ٿا؟ ڇا لازمي آهي مفت بلاگنگ لاءِ ڪسٽم ڊومين جو نالو خريد ڪرڻ؟ ايجوڪيشن بلاگ ۾ ڪهڙو بهترين موضوع آهي؟ ڇا توهان ورڈپریس ۽ موبائل کان بلاگ ڪري سگهو ٿا؟ بلاگ يو آر ايل ڪيئن چونڊيو؟ نتيجو ڇا هڪ بلاگ آهي؟ (هندي ۾) هڪ بلاگ ساڳئي نالي جي ويب سائيٽ آهي ، جنهن جو پورو نالو ويب بلاگ ماڻهو آهي. پر هڪ بلاگ ۽ هڪ ويبسائيٽ ۾ فرق اهو آهي ته اسان بلاگ کي مسلسل اپڊيٽ ڪندا آهيون ۽ ان تي نئين مواد کي مسلسل شايع ڪندا آهيون. ساڳي ئي وقت ، بلاگ ماڻهن کي اطلاع ڏيڻ جي مقصد سان لکيا ويندا آهن. پسند ڪريو جئين توهان هي پوسٽ پڙهي رهيا آهيو ، اهو پڻ هڪ بلاگ آهي. ڇا بلاگنگ آهي؟ (هندي ۾) تنهن ڪري توهان ماڻهن کي خبر آهي ته هڪ بلاگ ڇا آهي ۽ اهو هڪ ويب سائيٽ جي مقابلي ۾ ڇا آهي. اچو ته سکو ته بلاگنگ ڇا آهي. ڇا بلاگنگ آهي؟ ڇا بلاگنگ آهي؟ اچو ته ڳولا ڪريون هاڻي توهان ‏youاڻو ٿا ته ويب بلاگ کي مختصر ۾ بلاگ سڏيو ويندو آهي. بلاگنگ اهو آهي جتي اسان وانگر بلاگرز توهان جي ماڻهن لاءِ توهان جي بلاگ تي سخت محنت ڪن. هر روز هڪ نئين بلاگ پوسٽ رکائڻ جتي ڪجهه معلوماتي مواد هجي ، ان کي ايڊٽ ڪرڻ ۽ صحيح طريقي سان برقرار رکڻ کي بلاگنگ چئجي. مفت بلاگ سان پئسا ڪئين ڪمائي سگهجن ٿا؟ بلاگنگ لاءِ صرف ٻه مفت پليٽ فارم آهن جتي توهان مفت بلاگ ڪري سگهو ٿا. هڪڙو ‏Blogger.com ‎آهي ۽ ٻيو ‏WordPress.com ‎آهي. ياد رکو ته توهان کي ‏WordPress.com ‎ڏانهن وڃڻو پوندو ۽ ورڈپریس آر او استعمال ڪرڻ گهرجي. ۽ نه ، پر آئون توهان کي صلاح ڏيان ها جيڪڏهن توهان 0 سيڙپڪاري سان مفت بلاگنگ شروع ڪرڻ چاهيندا. تنهن ڪري توهان کي ‏Blogger.com ‎سان وڃڻ گهرجي ڇاڪاڻ ته ‏WordPress.com ‎۾ توهان کي پريميئم فيچر نه ملنديون جيڪي ورڈپریس جي پريميئم هوسٽنگ سروس ۾ موجود آهن ، ۽ اهو پڻ ته توهان ڪوبه پلگ ان انسٽال نٿا ڪري سگهندا. سو جيڪڏهن توهان مفت ۾ بلاگ ڪرڻ چاهيو ٿا ، توهان کي ڪجهه ڪرڻ جي ضرورت نه آهي ، بس انهن ٻنهي پليٽفارم تي وڃو ۽ مفت ۾ اڪائونٽ ٺاهيندا. مفت بلاگر بلاگر پليٽ فارم مفت بلاگر بلاگر پليٽ فارم مفت بلاگنگ پليٽ فارم ورڈپریس مفت بلاگنگ پليٽ فارم ورڈپریس پر جيڪڏهن توهان اهو سوچيو ته توهان وٽ ڪجهه پئسا آهن ته جيئن ته توهان انهي هوسٽنگ سروس جو سٺو حصو حاصل ڪري سگهو ، ته پوءِ توهان هتي اهو لنڪ وٺي سگهو ٿا هوسٽنگر ، هوسٽ گيٽر ، بليو هاسٽ ، وغيره. تمام نن ‏moneyن پئسن جي لاءِ هڪ تيز ۽ قابل اعتماد ويب هوسٽنگ سان ، توهان پنهنجي خريداري تي 10 سيڪڙو بچت حاصل ڪرڻ لاءِ هي ڪوڊ مي بايوڊ استعمال ڪري سگهو ٿا. ڇا لازمي آهي مفت بلاگنگ لاءِ ڪسٽم ڊومين جو نالو خريد ڪرڻ؟ نه ، اهو هرگز نه آهي .اگر توهان بلاگر تي مفت بلاگ ڪرڻ چاهين ٿا ، ته مڪمل طور تي ڪسٽم ڊومين نالي خريد ڪرڻ جي ضرورت نه آهي ڇو ته هاڻي گوگل پنهنجي سب ڊومين بلاگ اسپاٽ. جيڪڏهن توهان بلاگ تي مفت ۾ بلاگ ڪيو ٿا ، توهان کي هڪ ڪسٽم ڊومين جو نالو خريد ڪرڻو آهي ۽ اهو ئي سبب آهي جو آئون توهان کي بلاگرز لاءِ مفت بلاگنگ جي صلاح ڏيان ٿو. ايجوڪيشن بلاگ ۾ ڪهڙو بهترين موضوع آهي؟ توهان انهن سڀني عنوانن تي هڪ تعليمي بلاگ ٺاهي سگهو ٿا ، جيڪو بهترين آهي ۽ هڪ ئي وقت انهن ۾ تمام گهٽ مقابلو آهي. جنهن جو مطلب آهي ته توهان گوگل ۾ اهي بلاگ کي تمام جلد ۽ آساني سان درجابند ڪري سگهو ٿا. تعليمي بلاگس لاءِ هي 3 عنوان بهترين آهي. توهان اسڪول جي قسم سان هڪ بلاگ ٺاهي سگهو ٿا ۽ تمام گهٽ مقابلو آهي. توهان مددگار / ‏guidesاڻ جي رهنمائي سان بلاگ ٺاهڻ سان ماڻهن جي مدد ڪري سگهو ٿا مقابلو گهٽ ، ٿورو ، پر منهنجو مشورو اهو هوندو ته توهان هن قسم جو مواد هندي ۾ لکندا. توهان ميٿ بسٽرز سان هڪ بلاگ پڻ ٺاهي سگهو ٿا ۽ ان تي سٺو مواد لکي سگهو ٿا. ڇا توهان ورڈپریس ۽ موبائل کان بلاگ ڪري سگهو ٿا؟ تنهن ڪري جواب ها يا نه آهي. جيڪڏهن ائين آهي ، ٻيو ڪيئن؟ ڇو نه؟ اچو ته پهرين بابت ‏yesاڻون. ڏسو ، توهان ورڈپریس موبائيل تي بنيادي شيون پڻ ڪري سگهو ٿا ، جهڙوڪ پوسٽون لکڻ ، صفحا ٺاهڻ ۽ انهن کي شامل ڪرڻ ، ۽ توهان هڪ بلاگ جو انتظام به ڪري سگهو ٿا. پر منهنجو جواب اهو نه هو ڇاڪاڻ ته توهان سوچيو ٿا ته جيڪڏهن توهان موبائيل تي توهان جي بلاگ لاءِ هڪ پوسٽ لکي رهيا آهيو جيڪا 1500 لفظ يا وڌيڪ آهي ، توهان ڪيتري وقت ۾ هن پوسٽ کي موبائل تي ٽائپ ڪرڻ ۾ گذاريندا ۽ توهان کي شايد لڳي به نه ، پر جيڪڏهن توهان اڻيو ته ڪمپيوٽر يا ليپ ٽاپ تي ڪئين لکڻو آهي ، توهان بلاگ پوسٽ لکڻ ۾ به مزو وٺندا ۽ جلدي ئي توهان اها پوسٽ لکڻ جي قابل ٿي ويندا. پر جيڪڏهن توهان وٽ ڪمپيوٽر يا ليپ ٽاپ نه آهي ، ٻيو ڪو رستو ناهي ، توهان کي پنهنجي موبائيل فون کان بلاگ ڪرڻو پوندو. بلاگ يو آر ايل ڪيئن چونڊيو؟ توهان جي بلاگ جو ‏URL ‎جنهن کي ‏Permalink ‎به سڏيو وڃي ٿو. اهو توهان جي پوسٽ جي ايس اي او لاءِ تمام گهڻو ضروري آهي ڇاڪاڻ ته انهي کان بغير گوگل توهان جي پوسٽ ۽ لنڪ جي وچ ۾ گڙٻڙجي وڃي ٿو. لڳي ٿو توهان ڪنهن ٻئي جي باري ۾ توهان جي پوسٽ لکي ۽ توهان جو يو آر ايل ڪنهن ٻئي نالي هيٺ آهي. تنهن ڪري هاڻي اهو سوال جيڪو توهان جي ذهن ۾ اچڻ گهرجي اهو اهو آهي ته توهان پنهنجي بلاگ پوسٽ جو ‏URL ‎ڪيئن چونڊيندا؟ تنهن ڪري جواب اهو آهي ته فرض ڪيو وڃي ته توهان جو مکيه ڪيليس 20K ‎کان گهٽ ۾ گهٽ بهترين موبائل فون آهي ، تنهن ڪري توهان جي بلاگ پوسٽ جو پريم لنڪ ‏https://www.----------.com/best-mobile- وانگر آهي. . فون-انڊر -20 ڪي. ‏html ‎تنهن ڪري اهو چوڻ لاءِ ته توهان جي پوسٽ جي يو آر ايل ۾ ، توهان کي لازمي جاوري ڊيش (j) سان جوري هجڻ گهرجي ، ٻي صورت ۾ توهان جو بلاگ گوگل ۾ درجه بندي جي اهل نه هوندو. ايس اي او - ايس اي او ڇا آهي بابت وڌيڪ ‏toاڻڻ لاءِ هن پوسٽ کي پڙهو. نتيجو تنهن ڪري آئون اميد ڪريان ٿو ته توهان کان هي پوسٽ توهان کي بلاگنگ بابت اهم معلومات ڏئي ٿي ، جنهن ۾ اسان وضاحت ڪيو ته بلاگ ڇا آهي ، بلاگنگ ڇا آهي ، مفت بلاگ ڪيئن ٺاهيو ، ڇا اهو مفت بلاگنگ لاءِ ڪسٽم ڊومين نالو خريد ڪرڻ ضروري آهي ، تعليمي بلاگ. ڪهڙو موضوع بهترين آهي ، ڇا توهان موبائيل کان بلاگ ڪري سگهو ٿا ۽ آخر ۾ بلاگ جي يو آر ايل ڪيئن لکڻ. سو دوستو ، ا ‏today ‎اسان سڀني کي هڪ ٻي پوسٽ ۾ حاصل ڪيو ، جتي اسان ٽيڪنالاجي ، بلاگنگ ، ڪمپيوٽر ۽ انٽرنيٽ جي جديد طريقن ۽ ٽيڪنڪ سان توهان سان شيئر ڪرڻ جاري رکنداسين ، توهان جي مهرباني.