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कंप्यूटर क्या है, इसकी उपयोगिता एवं विशेषताएँ By वनिता कासनियां पंजाब चलिए जानते है के कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर एक मशीन है जो डेटा की गणना, स्टोर करने और जानकारी का प्रबंधन करने के निर्देशों को संसाधित करता है। कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से बने होते हैं. Computer शब्द, Latin शब्द “computare” से लिया गया है. इसका अर्थ है Calculation करना या गणना करना.Computer Kya Hai Hindiइसका मुख्य तोर से तीन काम है. पहला डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है. दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है और आकिर काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं.Input Data → Processing → Output Dataमॉडर्न कंप्यूटर का जनक Charles Babbage को कहा जाता है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को डिजाईन किया था, जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है. इसमें Punch Card की मदद से डाटा को insert किया जाता था.तो कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है. फिर उस data को program (set of Instruction) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है. ये दोनों numerical और non numerical (arithmetic and Logical) calculation को process करता है. उम्मीद है के आपको कंप्यूटर क्या होता है पसंद आया होगा.अनुक्रम दिखाएँ कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है. फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म है,C – CommonlyO – OperatedM – MachineP – ParticularlyU – Used forT – Technical andE – EducationalR – Researchअगर आप इसे हिंदी में ट्रांसलेट करेंगे तोह कुछ ऐसा होगा, आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है.कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?कुछ लोगों के लिए, कंप्यूटर का उपयोग करना समझना मुश्किल हो सकता है. यह खंड आपको यह समझने में मदद करेगा कि अपने कंप्यूटर को आसानी से कैसे संचालित किया जाए.आप सोच रहे होंगे कि आप एक ही समय में कीबोर्ड और माउस का उपयोग कैसे कर सकते हैं? खैर, यह इतना जटिल नहीं है! इसे कैसे करें, इसके बारे में यहां कुछ निर्देश दिए गए हैं:वनिता कासनियां पंजाबमाउस पॉइंटर को उस आइकन या अक्षर पर ले जाएं, जिस पर आप क्लिक करना चाहते हैं.बाईं माउस बटन को दबाकर रखें.पॉइंटर को उस स्थान पर खींचें जहां आप क्लिक करना चाहते हैं.वांछित गंतव्य तक पहुंचने पर बाएं माउस बटन को छोड़ दें.कंप्यूटर का इतिहासइस बात की सही तरह से प्रमाण नहीं किया जा सकता है की कब से कंप्यूटर का development शुरू किया गया. लेकिन officially कंप्यूटर की development को generation के मुताबिक classify कर दिया गया है. ये मुख्य तोर से 5 हिस्सों में बंटे हुए हैं.जब बात Computer की generation की आती है तब इसका तात्पर्य है की Computer की पीडियां in hindi. जैसे जैसे computer में विकाश होते हैं उन्हें अलग अलग पीड़ियों में विभाजित कर दिया गया जिससे की इन्हें सठिक रूप से समझने में आसानी हो.1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “Vacuum Tubes”सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे. ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे. इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था.ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था. इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था. उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC computers.2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “Transistors”Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली. Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे. ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी.इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था.3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “Integrated Circuits”Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था. जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था जिसे Semi Conductor कहा जाता है. इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी.पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया. इसे पहली बार Market में launch किया गया.4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “Microprocessors”Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया. इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई.Microprocessor के इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी. ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था.5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-present “Artificial Intelligence”Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है. अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे हैं.ये एक ऐसा generation हैं जहाँ की कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है. धीरे धीरे इसके सारे काम Automated हो जायेंगे.कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?Father Of Computer Charles Babbageआधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है. लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था.उनके इस engine में ALU, Basic Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी. इसी model पे ही Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया. इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है. तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता है.कंप्यूटर की परिभाषाकिसी भी modern digital कंप्यूटर के कई components हैं लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे Input device, Output Device, CPU(Central Processing Unit), Mass Storage Device और Memory.accepts data Inputprocesses data Processingproduces output Outputstores results Storageकंप्यूटर कैसे कार्य करता है?Input (Data): Input वो step है जिसमे की Raw Information को Input Device इस्तमाल करके कंप्यूटर में डाला जाता है. ये कोई letter, पिक्चर या कोई विडियो भी हो सकता है.Process: Process के दौरान input हुए data को instruction के अनुसार processing की जाती है. ये पूरी तरह से Internal प्रोसेस है.Output: Output के दौरान जो data पहले से process हो चुकी हैं उसको Result के तोर में show किया जाता है. और यदि हम चाहें तो इस result को save कर के Memory में रख भी सकते हैं Future के इस्तमाल के लिए.कंप्यूटर की मूल यूनिटों का नामांकित चित्रयदि आपने कभी किस कंप्यूटर case के भीतर देखा होगा तो आपने ये जरुर पाया होगा की अन्दर छोटे छोटे कई components होते है, वो बहुत ही ज्यादा complicated दिखते हैं, पर वो actually में उतने complicated नहीं होते. अब में आप लोगों को इन्ही components बारे में कुछ जानकारी दूंगा.Computer Components in Hindiकंप्यूटर के मुख्य भागलोकप्रिय सॉफ़्टवेयर रिव्यु, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य गियर कैसे चुनें, आदि के बारे में पढ़ने के लिए वनिता कासनियां पंजाब के ब्लॉगर पर जाए पर जाएंMotherboardकिसी भी कंप्यूटर का मुख्य circuit board को Motherboard कहा जाता है. ये एक पतली प्लेट की तरह दीखता है पर ये बहुत सी चीज़ों की धारण किया हुए होता है. जैसे CPU, Memory, Connectors hard drive और Optical Drive के लिए, expansion card Video और Audio को control करने के लिए, इसके साथ साथ कंप्यूटर के सभी Ports को connection. देखा जाये तो Motherboard कंप्यूटर के सारे पार्ट्स के साथ directly या in directly जुड़ा हुआ होता है.CPU/Processorक्या आप जानते है Central Processing Unit यानि CPU क्या है? इसको भी कहा जाता है. ये कंप्यूटर case के अन्दर Motherboard में पाया जाता है. इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है. ये किसी Computer के भीतर ही रहे सारे गतिविधियों के ऊपर नज़र रखे हुए होता है. जितनी ज्यादा एक Processor की speed होगी उतनी ही जल्दी ये processing कर पायेगा.RAMRAM को हम Random Acess Memory के नाम से भी जानते हैं. ये System का Short Term Memeory होता है. जब भी कभी कंप्यूटर कुछ कैलकुलेशन करता हैं तब ये temporarily उस result को RAM में save कर देता हैं. अगर कंप्यूटर बंद हो जाये तो ये डाटा भी खो जाता है. यदि हम कोई document लिख रहे हों तब उसे नष्ट होने से बचने के लिए हमें बिच बिच में अपने डाटा को save करना चाहिए. Save करने से Data Hard Drive में save हो तो ये लम्बे समय तक रह सकती है.RAM को megabytes (MB) or gigabytes (GB) में मापा जाता हैं . जितना ज्यादा RAM होगा उतना हमरे लिए अच्छा हैं.Hard DriveHard Drive वो component है जहाँ software, documents और दुसरे file को save किया जाता है. इसमें data लम्बे समय तक store होकर रहता है.Power Supply UnitPower supply unit का काम होता है की Main Power Supply से पॉवर लेकर उसे जरुरत के अनुसार दुसरे components में Supply करना.Expansion Cardसभी Computers के Expansion Slots होते हैं जिससे की हम Future में कोई Expansion Card को add कर सकें. इन्हें PCI (Peripheral Components Interconnect) card भी कहा जाता है. लेकिन आज कल के Motherboard में built in ही कई Slots पहले से होते हैं. कुछ Expansion Card के नाम जो हम पुराने computers को update करने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं.Video CardSound cardNetwork CardBluetooth Card (Adapter)यदि आप कभी computer के भीतरी चीज़ों को खोल रहे हैं तब आपको सबसे पहले मुख्य Socket से Plug का निकलना चाहिए.कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयरComputer hardware को हम कोई ऐसी Physical Device कह सकते हैं जिसे हम अपने कंप्यूटर में इस्तमाल करते हैं, वहीँ Computer Software का मतलब है codes का collection जिसे हम अपने Machine के Hard Drive में install करते हैं hardware को चलने के लिए.उदहारण के तोर पे कंप्यूटर मॉनिटर जो हम पड़ने के लिए इस्तमाल करते हैं, Mouse जिसे हम Navigate करने के लिए इस्तमाल करते हैं ये सब Computer Hardware हैं. वहीँ Internet Browser जिससे हम website visit करते हैं, और Operating System जिसमे की वो Internet Browser run होता है. ऐसी चीज़ों को हम Software कहते हैं.हम ये कह सकते हैं की एक कंप्यूटर Software और Hardware का समिश्रण है, दोनों की सामान भूमिकाएं हैं, दोनों साथ मिलकर ही कोई काम कर सकते हैं.कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindiजब भी हम कभी कंप्यूटर शब्द का इस्तमाल सुनते हैं तब हमारे मन में बस Personal कंप्यूटर का ही चित्र आता है. में आप लोगों को बता दूँ की Computers बहुत सारे प्रकार के होते हैं. विविन्न Shapes और Size के आते हैं. जरुरत के अनुसार हम इनका इस्तमाल करते हैं जैसे की ATM पैसे निकालने के लिए, Scanner किसी Barcode को स्कैन करने के लिए, Calculator किसी बड़ी calculation करने के लिए. ये सारे different types के Computer हैं.1. Desktopबहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का इस्तमाल अपने घरों, स्कूलों और अपने Personal काम के लिए करते हैं. इनका डिजाईन कुछ इस प्रकार से होते हैं कि इन्हें हम अपने desk पर रख सकें. इनके बहुत सारे Parts होते हैं जैसे Monitor, Keyboard, Mouse, कंप्यूटर Case.2. LaptopLaptop के बारे में आप तो जानते ही होंगे जो की Battery Powered होते हैं, ये बहुत ही ज्यादा portable होते हैं जिससे इन्हें कहीं भी और कभी भी ले जाया जा सकता हैं.3. Tabletअब बात करते हैं Tablet की जिसे हम Handheld कंप्यूटर भी कहते हैं क्यूंकि इसे बड़ी आसानी से हातों में पकड़ा जा सकते है.इसमें Keyboard और Mouse नहीं होते, बस एक touch Sensitive स्क्रीन होता है जिसे typing और navigation के लिए इस्तमाल किया जाता है. Example- iPAD .4. Serversएक Server कुछ इसप्रकार का कंप्यूटर है जिसे हम Information के आदान प्रदान के लिए इस्तमाल करते हैं. उदहारण के तोर पे जब भी हम कोई चीज़ Internet में खोजते है वो सारी चीज़ें Server में ही store होती हैं.अन्य प्रकार के कंप्यूटरचलिए अब जानते हैं की अन्य प्रकार के computers क्या होते हैं.स्मार्टफ़ोन (Smartphone) : जब एक normal cell phone में Internet enable हो जाता है, वहीँ उसका इस्तमाल कर हम बहुत से कार्य कर सकते हैं तब ऐसे cell phone को स्मार्टफोन कहा जाता है.पहनने योग्य (Wearable) : पहनने योग्य तकनीक उपकरणों के एक समूह के लिए एक सामान्य शब्द है – जिसमें फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्टवॉच शामिल हैं – इन्हें कुछ इसप्रकार से design किया गया है जिससे की इसे पूरे दिन पहने जा सकते हैं. इन उपकरणों को अक्सर पहनने योग्य कहा जाता है.गेम कंसोल (Game Control) : यह गेम कंसोल भी एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग आपके टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए करते हैं.टीवी (TV): टीवी भी एक प्रकार का computer होता है जिसमें अब काफी एप्लिकेशन या ऐप्स शामिल हैं जो की इसे Smart Tv में परिवर्तित करते हैं. वहीँ अब आप सीधे अपने टीवी पर इंटरनेट से वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं.कंप्यूटर का उपयोग – Application of Computer in Hindiकंप्यूटर का उपयोग कहाँ कहाँ होता है? देखा जाये तो कंप्यूटर का इस्तमाल हम अपने जीवन में हर जगह करते आ रहे हैं और करते रहेंगे. ये हमारा एक अंग सा बन गया है. मैंने इसके कुछ इस्तमाल को आपकी जानकारी के लिए निचे लिखी हुई हैं.शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ है, अगर कोई स्टूडेंट को किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तब उसे कुछ मिनटों में ही ये जानकारी उपलब्ध हो जाती है इसकी मदद से. Research से पता चला है की कंप्यूटर की मदद से किसी भी student की learning performance में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. आजकल को घर बैठे ही Online Classes की मदद से पढाई की जा सकती है.Health and Medicine: ये Health और मेडिसिन के लिए एक वरदान है. इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है. आजकल सभी चीज़े digital हो गयी है जिससे बड़ी आसानी से रोग के बारे में पता चल जाता है और उस हिसाब से उसका इलाज भी possible है. इससे operation भी आसान बन गए हैं.विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: ये तो Science की ही देन है. इससे research में बहुत ही आसानी होती है. आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है जिससे दुनिया के सारे scientist एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं, इससे कुछ फरक नहीं पड़ता है की आप कोन से देश में मह्जूद हो.Business: Business में इसका बहुत बड़ा हाथ है productivity और competitiveness को बढ़ने के लिए. इसका इस्तमाल मुख्य तोर से Marketing, Retailing, Banking, Stock Trading में होता है. यहाँ सभी चीज़ें digital होने के कारण इसकी processing बड़ी ही फ़ास्ट हो गयी है. और आजकल Cashless Transaction पे ज्यादा importance दिया जा रहा है.Recreation and Entertainment: Entertainment के लिए ये एक नया अड्डा बन गया है, किसी भी चीज़ों के बारे में आप बात करो जैसे Movies, Sports या resturants कहीं की भी बात करो इनकी इस्तमाल सभी जगह है.Government: आजकल तो Government भी इनकी इस्तमाल के ऊपर ज्यादा focus दे रही है. यदि हम बात करें Traffic, Tourism, Information & Broadcasting, Education, Aviation सभी जगह में इनके इस्तमाल से हमारा काम बहुत हो आसन हो गया है.Defence: सेना में भी इनका इस्तमाल काफी हद तक बढ़ गया है. जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ज्यादा सशक्त बन गयी है. क्यूंकि आजकल सभी चीज़ों को कंप्यूटर की मदद से control किया जाता है.ऐसी बहुत से जगह हैं जहाँ हम इसका इस्तमाल करते हैं हमारी जरुरत के अनुसार.कंप्यूटर के लाभवैसे ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा Computer ने हम इंसानों के जीवन को बहुत ही सहज बना दिया है अपने incredible Speed, Accuracy और Storage के मदद से.इससे इन्सान जब चाहें तब कुछ भी save कर सकते हैं और कुछ भी खोज सकते हैं आसानी से. हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने jobs को करने में.लेकिन इसके वाबजूद भी हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने काम को करने में, वहीँ इन machines के कुछ important advantages और disadvantages भी होते हैं.चलिए इनके विषय में जानते हैं.1. MultitaskingMultitasking एक बहुत ही बड़ी advantage होती है computer की. इसमें कोई आदमी आसानी से multiple task, multiple operation, numerical problems को calculate कर सकते हैं वो भी कुछ seconds में. Computer आसानी से trillion of instructions per second में calculate कर सकती हैं.2. Speedअब ये केवल एक calculating device बनकर ही नहीं रह गया है. अब ये हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चूका है.इसकी बहुत ही बड़ी advantage हैं इसकी high speed, जो की इसे कोई भी task को complete करने में मदद करती है वो भी बहुत ही कम समय में. इसमें प्राय सभी operations को तुरंत ही किया जा सकता है, अन्यथा इन्हें करने में बहुत समय लगता.3. Cost / Stores करती हैं बड़ी मात्रा में dataयह एक low cost solution होता है. क्यूंकि इसमें कोई इन्सान बहुत ज्यादा मात्रा की data को कम budget में save कर सकता है. Centralized database का इस्तमाल से बहुत ही high quantity की information को store किया जा सकता है, जिससे की cost को बहुत हद तक कमाया जा सकता है.4. Accuracyये computer अपने calculation को लेकर बहुत ही ज्यादा accurate होते हैं, इनमें गलती होने की संभावनाएं न के बराबर होती है.5. Data SecurityDigital Data को protect करना ही Data Security कहलाता है. Computer हमारे digital data को unauthorized users जैसे की cyberattack या access attack से रक्षा करती है.कंप्यूटर के हानिअब चलिए Computer के कुछ disadvantages (कंप्यूटर की हानियाँ) के विषय में जानते हैं.1. Virus और Hacking AttacksVirus एक destructive program होता है और hacking उस unauthorized access को कहा जाता है जिसमें Owner को आपके बारे में पता नहीं होता हिया.इन Virus को आसानी से email attachment के द्वारा फैलाया जा सकता है, कभी कभी USB से भी, या किसी infected websites से इन्हें आपके computer तक पहुँचाया जा सकता है.वहीँ एक बार ये आपके computer तक पहुँच जाये तब आपके computer को बर्बाद कर देता है.2. Online Cyber Crimesइन Online cyber-crime को करने के लिए computer और network का इस्तमाल किया जाता है. वहीँ Cyberstalking और Identity theft भी इन्ही online cyber-crimes के तहत आते हैं.3. Employment opportunity में घटौती होनाचूँकि computer एक साथ बहुत से कार्य को करने में सक्षम होता है इसलिए employment opportunity को भरी नुकसान होता है.इसलिए banking sector से लेकर कोई भी governmental sectors की आप बात देख लो सभी भी computers को ज्यादा महत्व दिया जाता है लोगों के स्थान में. इसलिए बेरोजगारी केवल बढती ही जा रही है.दुसरे disadvantage की बात करूं तब इसकी IQ नहीं होती है, ये बिलकुल ही users के ऊपर निर्भर करता है, इसकी कोई feeling नहीं होती है, ये खुद से कोई decision नहीं ले सकता है.कंप्यूटर का भविस्यवैसे तो दिन ब दिन कंप्यूटर में काफी Technological बदलाव आ रहे है. दिन प्रतिदिन ये ज्यादा सस्ती और ज्यादा performance वाली और ज्याद capacity वाली बन रही है. जैसे जैसे लोगों की जरुरत बढ़ेगी वैसे वैसे इसमें और भी ज्यादा बदलाव आएगा. पहले तो ये एक घर के आकर का था, अब ये हमारे हाथों में ही समां जा रहा है.एक समय ऐसा भी आएगा जब ये हमारे मन से नियंत्रित होगा. आजकल Scientists Optical computer, DNA Computer, Neural Computer और Quantum Computer के ऊपर ज्यादा research कर रहे हैं . इसके साथ साथ ही Artificial Intelligence के ऊपर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है ताकि ये खुदबखुद अपना काम सुचारू रूप से कर सके.कंप्यूटर क्या कार्य करता है?एक कंप्यूटर यूजर से इनपुट लेता है, निरदेश के अनुशार उसे प्रोसेस करता और और उसकी रिजल्ट को अपने आउटपुट डिवाइस के माध्यम से यूजर को दिखता है.कंप्यूटर के सभी कार्यों को कौन नियंत्रित करता है?CPU कंप्यूटर के सभी भागों के कार्य को नियंत्रित करता है.आज आपने क्या सीखा?अब तक आपको कंप्यूटर का introduction हिंदी में मिल चूका होगा. मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) और कंप्यूटर के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी दी और आशा करता हूँ आप लोगों को इस कंप्यूटर Technology के बारे में समझ आ गया होगा.आसानी से अब आप कंप्यूटर किसे कहते हैं का जवाब बेझिझक दे सकते हैं. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं.वनिता कासनियां पंजाबमैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूंगी. आपको यह लेख कंप्यूटर किसे कहते है कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

कंप्यूटर क्या है, इसकी उपयोगिता एवं विशेषताएँ

चलिए जानते है के कंप्यूटर क्या हैकंप्यूटर एक मशीन है जो डेटा की गणना, स्टोर करने और जानकारी का प्रबंधन करने के निर्देशों को संसाधित करता है। कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से बने होते हैं. Computer शब्द, Latin शब्द “computare” से लिया गया है. इसका अर्थ है Calculation करना या गणना करना.

Computer Kya Hai Hindi

इसका मुख्य तोर से तीन काम है. पहला डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है. दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है और आकिर काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं.

Input Data →  Processing → Output Data

मॉडर्न कंप्यूटर का जनक Charles Babbage को कहा जाता है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को डिजाईन किया था, जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है. इसमें Punch Card की मदद से डाटा को insert किया जाता था.

तो कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है. फिर उस data को program (set of Instruction) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है. ये दोनों numerical और non numerical (arithmetic and Logical) calculation को process करता है. उम्मीद है के आपको कंप्यूटर क्या होता है पसंद आया होगा.

अनुक्रम  दिखाएँ 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है. फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म है,

C – Commonly
O – Operated
M – Machine
P – Particularly
U – Used for
T – Technical and
E – Educational
R – Research

अगर आप इसे हिंदी में ट्रांसलेट करेंगे तोह कुछ ऐसा होगा, आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है.

कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?

कुछ लोगों के लिए, कंप्यूटर का उपयोग करना समझना मुश्किल हो सकता है. यह खंड आपको यह समझने में मदद करेगा कि अपने कंप्यूटर को आसानी से कैसे संचालित किया जाए.

आप सोच रहे होंगे कि आप एक ही समय में कीबोर्ड और माउस का उपयोग कैसे कर सकते हैं? खैर, यह इतना जटिल नहीं है! इसे कैसे करें, इसके बारे में यहां कुछ निर्देश दिए गए हैं:

  1. वनिता कासनियां पंजाब
  2. माउस पॉइंटर को उस आइकन या अक्षर पर ले जाएं, जिस पर आप क्लिक करना चाहते हैं.
  3. बाईं माउस बटन को दबाकर रखें.
  4. पॉइंटर को उस स्थान पर खींचें जहां आप क्लिक करना चाहते हैं.
  5. वांछित गंतव्य तक पहुंचने पर बाएं माउस बटन को छोड़ दें.

कंप्यूटर का इतिहास

इस बात की सही तरह से प्रमाण नहीं किया जा सकता है की कब से कंप्यूटर का development शुरू किया गया. लेकिन officially कंप्यूटर की development को generation के मुताबिक classify कर दिया गया है. ये मुख्य तोर से 5 हिस्सों में बंटे हुए हैं.

जब बात Computer की generation की आती है तब इसका तात्पर्य है की Computer की पीडियां in hindi. जैसे जैसे computer में विकाश होते हैं उन्हें अलग अलग पीड़ियों में विभाजित कर दिया गया जिससे की इन्हें सठिक रूप से समझने में आसानी हो.

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “Vacuum Tubes”

सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे. ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे. इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था.

ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था. इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था. उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC computers.

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “Transistors”

Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली. Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे. ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी.

इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था.

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “Integrated Circuits”

Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था. जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था जिसे Semi Conductor कहा जाता है. इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी.

पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया. इसे पहली बार Market में launch किया गया.

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “Microprocessors”

Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया. इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई.

Microprocessor के  इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी. ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था.

5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-present “Artificial Intelligence”

Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है. अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे हैं.

ये एक ऐसा generation हैं जहाँ की कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है. धीरे धीरे इसके सारे काम Automated हो जायेंगे.

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

Father Of Computer Charles Babbage

आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है. लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था.

उनके इस engine में ALU, Basic Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी. इसी model पे ही Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया. इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है. तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता है.

कंप्यूटर की परिभाषा

किसी भी modern digital कंप्यूटर के कई components हैं लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे Input device, Output Device, CPU(Central Processing Unit), Mass Storage Device और Memory.

accepts dataInput
processes dataProcessing
produces outputOutput
stores resultsStorage

कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?

Input (Data): Input वो step है जिसमे की Raw Information को Input Device इस्तमाल करके कंप्यूटर में डाला जाता है. ये कोई letter, पिक्चर या कोई विडियो भी हो सकता है.

Process: Process के दौरान input हुए data को instruction के अनुसार processing की जाती है. ये पूरी तरह से Internal प्रोसेस है.

Output: Output के दौरान जो data पहले से process हो चुकी हैं उसको Result के तोर में show किया जाता है. और यदि हम चाहें तो इस result को save कर के Memory में रख भी सकते हैं Future के इस्तमाल के लिए.

कंप्यूटर की मूल यूनिटों का नामांकित चित्र

यदि आपने कभी किस कंप्यूटर case के भीतर देखा होगा तो आपने ये जरुर पाया होगा की अन्दर छोटे छोटे कई components होते है, वो बहुत ही ज्यादा complicated दिखते हैं, पर वो actually में उतने complicated नहीं होते. अब में आप लोगों को इन्ही components बारे में कुछ जानकारी दूंगा.

Computer Components in Hindi
कंप्यूटर के मुख्य भाग

लोकप्रिय सॉफ़्टवेयर रिव्यु, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य गियर कैसे चुनें, आदि के बारे में पढ़ने के लिए वनिता कासनियां पंजाब के ब्लॉगर पर जाए पर जाएं

Motherboard

किसी भी कंप्यूटर का मुख्य circuit board को Motherboard कहा जाता है. ये एक पतली प्लेट की तरह दीखता है पर ये बहुत सी चीज़ों की धारण किया हुए होता है. जैसे CPU, Memory, Connectors hard drive और Optical Drive के लिए, expansion card Video और Audio को control करने के लिए, इसके साथ साथ कंप्यूटर के सभी Ports को connection. देखा जाये तो Motherboard कंप्यूटर के सारे पार्ट्स के साथ directly या in directly जुड़ा हुआ होता है.

CPU/Processor

क्या आप जानते है Central Processing Unit यानि CPU क्या है? इसको भी कहा जाता है. ये कंप्यूटर case के अन्दर Motherboard में पाया जाता है. इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है. ये किसी Computer के भीतर ही रहे सारे गतिविधियों के ऊपर नज़र रखे हुए होता है. जितनी ज्यादा एक Processor की speed होगी उतनी ही जल्दी ये processing कर पायेगा.

RAM

RAM को हम Random Acess Memory के नाम से भी जानते हैं. ये System का Short Term Memeory होता है. जब भी कभी कंप्यूटर कुछ कैलकुलेशन करता हैं तब ये temporarily उस result को RAM में save कर देता हैं. अगर कंप्यूटर बंद हो जाये तो ये डाटा भी खो जाता है. यदि हम कोई document लिख रहे हों तब उसे नष्ट होने से बचने के लिए हमें बिच बिच में अपने डाटा को save करना चाहिए. Save करने से Data Hard Drive में save हो तो ये लम्बे समय तक रह सकती है.

RAM को megabytes (MB) or gigabytes (GB) में मापा जाता हैं . जितना ज्यादा RAM होगा उतना हमरे लिए अच्छा हैं.

Hard Drive

Hard Drive वो component है जहाँ software, documents और दुसरे file को save किया जाता है. इसमें data लम्बे समय तक store होकर रहता है.

Power Supply Unit

Power supply unit का काम होता है की Main Power Supply से पॉवर लेकर उसे जरुरत के अनुसार दुसरे components में Supply करना.

Expansion Card

सभी Computers के Expansion Slots होते हैं जिससे की हम Future में कोई Expansion Card को add कर सकें. इन्हें PCI (Peripheral Components Interconnect) card भी कहा जाता है. लेकिन आज कल के Motherboard में built in ही कई Slots पहले से होते हैं. कुछ Expansion Card के नाम जो हम पुराने computers को update करने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं.

  • Video Card
  • Sound card
  • Network Card
  • Bluetooth Card (Adapter)

यदि आप कभी computer के भीतरी चीज़ों को खोल रहे हैं तब आपको सबसे पहले मुख्य Socket से Plug का निकलना चाहिए.

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

Computer hardware को हम कोई ऐसी Physical Device कह सकते हैं जिसे हम अपने कंप्यूटर में इस्तमाल करते हैं, वहीँ Computer Software का मतलब है codes का collection जिसे हम अपने Machine के Hard Drive में install करते हैं hardware को चलने के लिए.

उदहारण के तोर पे कंप्यूटर मॉनिटर जो हम पड़ने के लिए इस्तमाल करते हैं, Mouse जिसे हम Navigate करने के लिए इस्तमाल करते हैं ये सब Computer Hardware हैं. वहीँ Internet Browser जिससे हम website visit करते हैं, और Operating System जिसमे की वो Internet Browser run होता है. ऐसी चीज़ों को हम Software कहते हैं.

हम ये कह सकते हैं की एक कंप्यूटर Software और Hardware का समिश्रण है, दोनों की सामान भूमिकाएं हैं, दोनों साथ मिलकर ही कोई काम कर सकते हैं.

कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi

जब भी हम कभी कंप्यूटर शब्द का इस्तमाल सुनते हैं तब हमारे मन में बस Personal कंप्यूटर का ही चित्र आता है. में आप लोगों को बता दूँ की Computers बहुत सारे प्रकार के होते हैं. विविन्न Shapes और Size के आते हैं. जरुरत के अनुसार हम इनका इस्तमाल करते हैं जैसे की ATM पैसे निकालने के लिए, Scanner किसी Barcode को स्कैन करने के लिए, Calculator किसी बड़ी calculation करने के लिए. ये सारे different types के Computer हैं.

1. Desktop

बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का इस्तमाल अपने घरों, स्कूलों और अपने Personal काम के लिए करते हैं. इनका डिजाईन कुछ इस प्रकार से होते हैं कि इन्हें हम अपने desk पर रख सकें. इनके बहुत सारे Parts होते हैं जैसे Monitor, Keyboard, Mouse, कंप्यूटर Case.

2. Laptop

Laptop के बारे में आप तो जानते ही होंगे जो की Battery Powered होते हैं, ये बहुत ही ज्यादा portable होते हैं जिससे इन्हें कहीं भी और कभी भी ले जाया जा सकता हैं.

3. Tablet

अब बात करते हैं Tablet की जिसे हम Handheld कंप्यूटर भी कहते हैं क्यूंकि इसे बड़ी आसानी से हातों में पकड़ा जा सकते है.

इसमें Keyboard और Mouse नहीं होते, बस एक touch Sensitive स्क्रीन होता है जिसे typing और navigation के लिए इस्तमाल किया जाता है. Example- iPAD .

4. Servers

एक Server कुछ इसप्रकार का कंप्यूटर है जिसे हम Information के आदान प्रदान के लिए इस्तमाल करते हैं. उदहारण के तोर पे जब भी हम कोई चीज़ Internet में खोजते है वो सारी चीज़ें Server में ही store होती हैं.

अन्य प्रकार के कंप्यूटर

चलिए अब जानते हैं की अन्य प्रकार के computers क्या होते हैं.

स्मार्टफ़ोन (Smartphone) : जब एक normal cell phone में Internet enable हो जाता है, वहीँ उसका इस्तमाल कर हम बहुत से कार्य कर सकते हैं तब ऐसे cell phone को स्मार्टफोन कहा जाता है.

पहनने योग्य (Wearable) : पहनने योग्य तकनीक उपकरणों के एक समूह के लिए एक सामान्य शब्द है – जिसमें फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्टवॉच शामिल हैं – इन्हें कुछ इसप्रकार से design किया गया है जिससे की इसे पूरे दिन पहने जा सकते हैं. इन उपकरणों को अक्सर पहनने योग्य कहा जाता है.

गेम कंसोल (Game Control) : यह गेम कंसोल भी एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग आपके टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए करते हैं.

टीवी (TV): टीवी भी एक प्रकार का computer होता है जिसमें अब काफी एप्लिकेशन या ऐप्स शामिल हैं जो की इसे Smart Tv में परिवर्तित करते हैं. वहीँ अब आप सीधे अपने टीवी पर इंटरनेट से वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं.

कंप्यूटर का उपयोग – Application of Computer in Hindi

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ कहाँ होता है? देखा जाये तो कंप्यूटर का इस्तमाल हम अपने जीवन में हर जगह करते आ रहे हैं और करते रहेंगे. ये हमारा एक अंग सा बन गया है. मैंने इसके कुछ इस्तमाल को आपकी जानकारी के लिए निचे लिखी हुई हैं.

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ है, अगर कोई स्टूडेंट को किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तब उसे कुछ मिनटों में ही ये जानकारी उपलब्ध हो जाती है इसकी मदद से. Research से पता चला है की कंप्यूटर की मदद से किसी भी student की learning performance में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. आजकल को घर बैठे ही Online Classes की मदद से पढाई की जा सकती है.

Health and Medicine: ये Health और मेडिसिन के लिए एक वरदान है. इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है. आजकल सभी चीज़े digital हो गयी है जिससे बड़ी आसानी से रोग के बारे में पता चल जाता है और उस हिसाब से उसका इलाज भी possible है. इससे operation भी आसान बन गए हैं.

विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: ये तो Science की ही देन है. इससे research में बहुत ही आसानी होती है. आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है जिससे दुनिया के सारे scientist एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं, इससे कुछ फरक नहीं पड़ता है की आप कोन से देश में मह्जूद हो.

Business: Business में इसका बहुत बड़ा हाथ है productivity और competitiveness को बढ़ने के लिए. इसका इस्तमाल मुख्य तोर से Marketing, Retailing, Banking, Stock Trading में होता है. यहाँ सभी चीज़ें digital होने के कारण इसकी processing बड़ी ही फ़ास्ट हो गयी है. और आजकल Cashless Transaction पे ज्यादा importance दिया जा रहा है.

Recreation and Entertainment: Entertainment के लिए ये एक नया अड्डा बन गया है, किसी भी चीज़ों के बारे में आप बात करो जैसे Movies, Sports या resturants कहीं की भी बात करो इनकी इस्तमाल सभी जगह है.

Government: आजकल तो Government भी इनकी इस्तमाल के ऊपर ज्यादा focus दे रही है. यदि हम बात करें Traffic, Tourism, Information & Broadcasting, Education, Aviation सभी जगह में इनके इस्तमाल से हमारा काम बहुत हो आसन हो गया है.

Defence: सेना में भी इनका इस्तमाल काफी हद तक बढ़ गया है. जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ज्यादा सशक्त बन गयी है. क्यूंकि आजकल सभी चीज़ों को कंप्यूटर की मदद से control किया जाता है.

ऐसी बहुत से जगह हैं जहाँ हम इसका इस्तमाल करते हैं हमारी जरुरत के अनुसार.

कंप्यूटर के लाभ

वैसे ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा Computer ने हम इंसानों के जीवन को बहुत ही सहज बना दिया है अपने incredible Speed, Accuracy और Storage के मदद से.

इससे इन्सान जब चाहें तब कुछ भी save कर सकते हैं और कुछ भी खोज सकते हैं आसानी से. हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने jobs को करने में.

लेकिन इसके वाबजूद भी हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने काम को करने में, वहीँ इन machines के कुछ important advantages और disadvantages भी होते हैं.

चलिए इनके विषय में जानते हैं.

1. Multitasking

Multitasking एक बहुत ही बड़ी advantage होती है computer की. इसमें कोई आदमी आसानी से multiple task, multiple operation, numerical problems को calculate कर सकते हैं वो भी कुछ seconds में. Computer आसानी से trillion of instructions per second में calculate कर सकती हैं.

2. Speed

अब ये केवल एक calculating device बनकर ही नहीं रह गया है. अब ये हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चूका है.

इसकी बहुत ही बड़ी advantage हैं इसकी high speed, जो की इसे कोई भी task को complete करने में मदद करती है वो भी बहुत ही कम समय में. इसमें प्राय सभी operations को तुरंत ही किया जा सकता है, अन्यथा इन्हें करने में बहुत समय लगता.

3. Cost / Stores करती हैं बड़ी मात्रा में data

यह एक low cost solution होता है. क्यूंकि इसमें कोई इन्सान बहुत ज्यादा मात्रा की data को कम budget में save कर सकता है. Centralized database का इस्तमाल से बहुत ही high quantity की information को store किया जा सकता है, जिससे की cost को बहुत हद तक कमाया जा सकता है.

4. Accuracy

ये computer अपने calculation को लेकर बहुत ही ज्यादा accurate होते हैं, इनमें गलती होने की संभावनाएं न के बराबर होती है.

5. Data Security

Digital Data को protect करना ही Data Security कहलाता है. Computer हमारे digital data को unauthorized users जैसे की cyberattack या access attack से रक्षा करती है.

कंप्यूटर के हानि

अब चलिए Computer के कुछ disadvantages (कंप्यूटर की हानियाँ) के विषय में जानते हैं.

1. Virus और Hacking Attacks

Virus एक destructive program होता है और hacking उस unauthorized access को कहा जाता है जिसमें Owner को आपके बारे में पता नहीं होता हिया.

इन Virus को आसानी से email attachment के द्वारा फैलाया जा सकता है, कभी कभी USB से भी, या किसी infected websites से इन्हें आपके computer तक पहुँचाया जा सकता है.

वहीँ एक बार ये आपके computer तक पहुँच जाये तब आपके computer को बर्बाद कर देता है.

2. Online Cyber Crimes

इन Online cyber-crime को करने के लिए computer और network का इस्तमाल किया जाता है. वहीँ Cyberstalking और Identity theft भी इन्ही online cyber-crimes के तहत आते हैं.

3. Employment opportunity में घटौती होना

चूँकि computer एक साथ बहुत से कार्य को करने में सक्षम होता है इसलिए employment opportunity को भरी नुकसान होता है.

इसलिए banking sector से लेकर कोई भी governmental sectors की आप बात देख लो सभी भी computers को ज्यादा महत्व दिया जाता है लोगों के स्थान में. इसलिए बेरोजगारी केवल बढती ही जा रही है.

दुसरे disadvantage की बात करूं तब इसकी IQ नहीं होती है, ये बिलकुल ही users के ऊपर निर्भर करता है, इसकी कोई feeling नहीं होती है, ये खुद से कोई decision नहीं ले सकता है.

कंप्यूटर का भविस्य

वैसे तो दिन ब दिन कंप्यूटर में काफी Technological बदलाव आ रहे है. दिन प्रतिदिन ये ज्यादा सस्ती और ज्यादा performance वाली और ज्याद capacity वाली बन रही है. जैसे जैसे लोगों की जरुरत बढ़ेगी वैसे वैसे इसमें और भी ज्यादा बदलाव आएगा. पहले तो ये एक घर के आकर का था, अब ये हमारे हाथों में ही समां जा रहा है.

एक समय ऐसा भी आएगा जब ये हमारे मन से नियंत्रित होगा. आजकल Scientists Optical computer, DNA Computer, Neural Computer और Quantum Computer के ऊपर ज्यादा research कर रहे हैं . इसके साथ साथ ही Artificial Intelligence के ऊपर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है ताकि ये खुदबखुद अपना काम सुचारू रूप से कर सके.

कंप्यूटर क्या कार्य करता है?

एक कंप्यूटर यूजर से इनपुट लेता है, निरदेश के अनुशार उसे प्रोसेस करता और और उसकी रिजल्ट को अपने आउटपुट डिवाइस के माध्यम से यूजर को दिखता है.

कंप्यूटर के सभी कार्यों को कौन नियंत्रित करता है?

CPU कंप्यूटर के सभी भागों के कार्य को नियंत्रित करता है.

आज आपने क्या सीखा?

अब तक आपको कंप्यूटर का introduction हिंदी में मिल चूका होगा. मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) और कंप्यूटर के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी दी और आशा करता हूँ आप लोगों को इस कंप्यूटर Technology के बारे में समझ आ गया होगा.

आसानी से अब आप कंप्यूटर किसे कहते हैं का जवाब बेझिझक दे सकते हैं. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं.


वनिता कासनियां पंजाब

मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूंगी. आपको यह लेख कंप्यूटर किसे कहते है कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

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money from facebook page) अगर आपके पास एक स्मार्टफोन होगा तो आप Facebook जरूर चलाते होंगे। Facebook का प्रयोग आमतौर पर हम लोग अपने दोस्तों से जुड़े रहने के लिए ही करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस Facebook का प्रयोग हम लोग चैटिंग करने के लिए करते हैं, उसी Facebook से पैसे भी कमाए जा सकते हैं ? आपको यह सुनकर आश्चर्य जरूर होगा कि आज लोग Facebook से लाखों रूपए कमा रहे हैं। अगर आप भी घर बैठे-बैठे Facebook से पैसे कमाना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हैं। आज हम आपको बताएँगे Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। Facebook से पैसे कमाने के तरीके जानकर आप भी घर बैठे-बैठे लाखों नहीं तो हजारों तो कमा ही सकते हैं। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए Facebook से पैसे कमाने के लिए हमें सबसे पहले एक Facebook पेज बनाना पड़ेगा। Facebook पेज बनाना बहुत ही आसान है। आपको याद रखना होगा कि बात केवल Facebook पेज बनाने पर ही खत्म नहीं हो जाती। यह Facebook पेज बेकार साबित होगा अगर आप अपने इस Facebook पेज पर लोगों को जोड़ नहीं पाते हैं। Facebook पेज बनाने के बाद आपको लोगों को 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पोस्ट में कुछ Ad भी देखने को मिलेंगे। उनमें से कुछ लोग उन Ads पर Click भी करेंगे, जिसके आपको पैसे मिलेंगे। Facebook se paise kaise kamaye Facebook से पैसे कैसे कमाए इसको एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते हैं। मान लिया आपका एक Facebook पेज है – हिंदी वाटिका, जिससे एक लाख लोग जुड़े हैं। उसी नाम की आपकी एक Website भी है। आप अपनी Website पर एक लेख लिखते हैं। अब आप इस लेख को अपने Facebook पेज पर शेयर करते हैं। जब आप अपनी पोस्ट को Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो आपकी वह पोस्ट एक लाख लोगों की नजरों में आ जाएगी। अगर एक लाख की वजाय 50 हजार लोग ही उस पोस्ट को पढ़ने आपकी Website पर जाते हैं तो यह संख्या कोई कम नहीं है। अब 50 हजार में कम से कम 10 हजार लोग ऐसे होंगे जो उस पोस्ट को विस्तार से पढेंगे। जब ये 10000 लोग आपकी पोस्ट को पूरा पढेंगे तो उनको कई Ads देखने को मिलेंगे। उन 10000 लोगों में से कम से कम 100 लोग तो होंगे ही जो उन Ads पर Click करेंगे। Website में 10 Click करने पर 1 डॉलर आराम से मिल जाता है तो 100 Click के हो गए 10 डॉलर, मतलब लगभग 600 रूपए एक दिन के, महीने के 18000 रूपए। इसका मतलब यह हुआ कि आप घर बैठे-बैठे अपने Facebook पेज के माध्यम से महीने के 20000 रूपए बहुत आराम से कमा सकते हैं। 2. दूसरे की Websites की पोस्ट के Link शेयर करके Facebook पेज से पैसे कमाने का यह तरीका उन लोगों के लिए है जो अपनी Website नहीं बना सकते। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते तो भी आप Facebook पेज से पैसे कमा सकते हैं। बहुत सी ऐसी Websites हैं जो चाहती हैं कि आप उनकी Website के Link अपने Facebook पेज पर शेयर करें। जब आप उनकी पोस्ट के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो वो आपको इस बात के पैसे देती हैं। इसके लिए आप के Facebook पेज पर कम से कम एक लाख लोग जुड़े होने चाहिए। 3. एफिलिएट मार्केटिंग आपने देखा होगा कि लोग आजकल अपना मनपसंद सामान घर बैठे मँगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाँलाकि भारत में अभी कम लोग ही Online खरीदारी करते हैं लेकिन आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा लोग Online खरीदारी करना पसंद करेंगे। Online खरीदारी के कई फायदे हैं इसलिए धीरे-धीरे लोगों का झुकाव इस ओर हो रहा है। जो कम्पनी अपना सामान Online बेचती हैं, वह इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि आने वाला समय Online खरीदारी का ही होगा। ये कम्पनियाँ कई तरीकों से अपना सामान Online बेचने का प्रयास कर रही हैं। इन्ही में से एक तरीका है – एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा जहाँ एक ओर कम्पनी को भी फायदा होता है कि उनके Product आसानी से बिक जाते हैं, वहीँ इसके एवज में एफिलिएट मार्केटिंग करने वाले को भी मोटा कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग को एक उदाहरण के द्वारा आसान शब्दों में समझ सकते हैं। आपने कई ऐसी कम्पनी का नाम सुना होगा जो Online अपना सामान बेचती हैं। इन्ही में से एक कम्पनी है – Amazon. अगर आप Amazon के किसी Product को बिकवाने में सफल होते हैं तो कम्पनी इसके बदले में आपको कमीशन देती है। मान लिया आप Amazon पर उपलब्ध 500 रूपए की किसी शर्ट को बेचने में सफल हुए तो कम्पनी इसका लगभग 10% कमीशन (50 रूपए) आपको देगी। इसे ही कहते हैं – एफिलिएट मार्केटिंग। अब आपको पता चल गया होगा कि आप अपने Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। जब आप Amazon या Flipkart के किसी अच्छे और सस्ते Product के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो कुछ लोग उस Link के माध्यम से उस Product को जरूर खरीदेंगे। जब लोग आपके द्वारा शेयर किए गए Link से उस सामान को खरीदेंगे तो आपको इसका कमीशन मिलेगा। अगर आपके Facebook पेज से 100000 लोग जुड़े होंगे तो 100000 लोगों में कम से कम 10 लोग तो ऐसे होंगे ही, जो उस Product को खरीदेंगे। मतलब आपके लगभग 500 रूपए पक्के, वो भी एक दिन में। उम्मीद है आपको अपने कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे जैसे कि Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए जाते है (How to earn money from facebook page), फेसबुक पेज से पैसे कमाने का तरीका, Facebook पेज से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से Earning कैसे करे। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), इस वारे में अभी बहुत सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरुरी है। ये बातें हम आपको तभी बताएँगे जब आप इस वारे में Interested होंगे। अगर आप वास्तव में Facebook पेज से पैसे कमाना चाहते हैं तो हमें Comment करके बताइए हम आपकी पूरी मदद करेंगे। यह भी जरूर पढ़ें : इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए – इन्टरनेट से 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डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंयह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए, Domain (disambiguation) देखें।एक डोमेन नाम एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे।[1]पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रमडोमेन नाम डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। DNS में पंजीकृत कोई भी नाम एक डोमेन नाम है। डोमेन नाम DNS रूट डोमेन के अधीनस्थ स्तरों (उप-डोमेन) में आयोजित किए जाते हैं , जो कि नामहीन है। डोमेन नामों का पहला-स्तरीय सेट शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) हैं, जिनमें जेनेरिक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (gTLD) शामिल हैं, जैसे कि प्रमुख डोमेन कॉम, सूचना, नेट, edu और org, और देश कोड शीर्ष -वेल डोमेन(CcTLDs)। DNS पदानुक्रम में इन शीर्ष-स्तरीय डोमेन के नीचे, दूसरे-स्तर और तीसरे-स्तर के डोमेन नाम हैं, जो आमतौर पर अंत-उपयोगकर्ताओं द्वारा आरक्षण के लिए खुले हैं जो स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्ट करना चाहते हैं, अन्य सार्वजनिक रूप से सुलभ इंटरनेट संसाधन बना या चला सकते हैं।इन डोमेन नामों का पंजीकरण आमतौर पर डोमेन नाम रजिस्ट्रार द्वारा प्रशासित किया जाता है जो जनता को अपनी सेवाएँ बेचते हैं।एक पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम (FQDN) एक डोमेन नाम है जो DNS के पदानुक्रम में सभी लेबल के साथ पूरी तरह से निर्दिष्ट है, जिसमें कोई भाग छूटा नहीं है। परंपरागत रूप से एक FQDN DNS पेड़ के शीर्ष को निरूपित करने के लिए एक डॉट (.) में समाप्त होता है।[2] डोमेन नाम प्रणाली में लेबल केस-असंवेदनशील हैं, और इसलिए इसे किसी भी वांछित पूंजीकरण विधि में लिखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश सामान्य डोमेन नाम तकनीकी संदर्भों में छोटे अक्षरों में लिखे जाते हैं।[3]सरल विविरण संपादित करेंडोमेन नाम एक नामकरण है जो इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की पहचान करता है। एक डोमेन नाम अक्षर, संख्या और विशेष वर्ण जैसे किसी भी वर्ण का संयोजन हो सकता है। इसमें विभिन्न एक्सटेंशन जैसे .com, .net, .org आदि होते हैं।सभी वेबसाइट पृष्ठभूमि में एक अद्वितीय आईपी पते से जुड़ी हुई हैं। आईपी ​​एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) एक संख्यात्मक पता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में उस वेबसाइट को कहां रखा गया है।मूल रूप से, किसी भी वेबसाइट की पहचान आईपी पते से होती है। लेकिन संख्यात्मक पता होने के कारण, हम इंसानों को यह याद रखना मुश्किल है। डोमेन नाम अवधारणा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद कर सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।किसी एक डोमेन नाम की मदद से, हम एक या एक से अधिक आईपी पते पा सकते हैं। उदाहरण के लिए, google.com एक डोमेन नाम है जो सैकड़ों आईपी को संदर्भित करता है। किसी विशेष वेबपृष्ठ की खोज करने के लिए URL में डोमेन नाम का भी उपयोग किया जाता है।कार्यपद्धती संपादित करेंइंटरनेट पर सभी वेबसाइटों को होस्ट या सर्वर में संग्रहीत किया जाता है। जो एक विशेष आईपी को इंगित करते हैं और यह कि आईपी एक डोमेन नाम के साथ जुड़ा हुआ है।जब भी हम किसी वेबसाइट का नाम अपने ब्राउज़र के URL बार में जोड़ते हैं, तभी वह डोमेन नाम की सहायता से सर्वर के IP को इंगित करता है, ताकि हम अपनी खोज की गई वेबसाइट और उस पर इससे संबंधित जानकारी देख सकें संगणक।यह एक चक्र की तरह है। जिसमें हम सबसे पहले अपने ब्राउज़र पर एक डोमेन लिखकर डोमेन में प्रवेश करते हैं। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) सर्वर खोज करता है और हमें डोमेन नाम सर्वर, रूट सर्वर और अन्य सर्वर की मदद से उस डोमेन से संबंधित जानकारी भेजता है।डोमेन नाम के प्रकार संपादित करेंTLD - शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंशीर्ष स्तर के डोमेन (TLD) को इंटरनेट डोमेन एक्सटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। यह किसी भी डोमेन का अंतिम भाग है, जहाँ डोमेन नाम समाप्त होता है और इसे पहली बार विकसित किया गया था। यह बहुत एसईओ के अनुकूल होने के कारण, यह वेबसाइट को आसानी से रैंक करने में मदद करता है। साथ ही, यह Google खोज इंजन को अधिक महत्व दे रहा है।TLD एक्सटेंशन का उदाहरण.com (वाणिज्यिक).org (संगठन).net (नेटवर्क).gov (सरकार).edu (शिक्षा).name (नाम).biz (व्यवसाय).info (सूचना)CcTLD - देश कोड शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंइस प्रकार के डोमेन का उपयोग किसी विशेष देश के अनुसार किया जाता है। इसका नाम किसी देश के ISO CODE (नाम के दो अक्षर) के आधार पर रखा गया है।CcTLD एक्सटेंशन का उदाहरण.Us: संयुक्त राज्य अमेरिका.cn: चीन.in: भारत.ch: स्विट्जरलैंड.rs: रूस.br: ब्राज़ीलवैसे, कई अन्य डोमेन नाम भी हैं, लेकिन हम उन्हें ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि आप डोमेन नाम में विभिन्न अन्य भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।उप-डोमेन नाम संपादित करेंउप-डोमेन या सब-डोमेन किसी मुख्य डोमेन नाम का एक हिस्सा होता है। कोई भी डोमेन नाम धारक इसे कई सब-डोमेन में विभाजित कर सकता है।

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए,  Domain (disambiguation)  देखें। एक  डोमेन नाम  एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे। [1] पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रम डोमेन नाम  डोमेन नाम प्रणाली  (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। ...

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?)By वनिता कासनियां पंजाबडिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में.आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है.इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही वे आसानी से किसी भी उत्पाद व सेवाओं के बारे में अच्छा और बुरा पढ़कर उसको अपने जीवन में अपना सकते हैं. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वजह से कई सारे धोखाधड़ी और कालाबाजारी करने वाले लोग कम हो गए हैं. किसी भी प्रकार की वस्तु व सेवाओँ की खरीदारी हम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उचित मूल्य पर आसानी कर सकते है. वह उन वस्तुओं सेवाओं को पाकर संतुष्टि भी प्राप्त करते हैं.बाजार में बहुत सारे उत्पाद व सेवाएं मौजूद है अब किस पर विश्वास किया जाए और नहीं इसमें सबसे बेहद सहायक रास्ता डिजिटल मार्केटिंग है, जो किसी भी ब्रांड पर विश्वास कायम करने में हमारी मदद करता है. यदि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी ब्रांड पर नहीं बनेगा, तो वे उस ब्रांड को उपयोग में नहीं ला पाएंगे. ऐसे में व्यापारियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंच सकती है.यह एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां पर एक ही समय में एक ही वस्तु के कई सारे प्रकार उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित किए जा सकते हैं. जिससे वे उन वस्तुओं व सेवाओं की तुलना करने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार सबसे बेस्ट चीज चुन सकते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Digital Marketing Benefits)डिजिटल मार्केटिंग के जरिए व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचता है. वे किसी भी वस्तु को लेकर जागरूक भी होते हैं, व उससे आसानी से जुड़ते भी हैं. किसी भी वस्तु के लिए जागरूक और उस वस्तु पर विश्वास होने से वे अपनी मनचाही जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती हैं.नई खरीदारों और नए व्यापारियों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफार्म है जिससे वे एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए काम करते हैं. नए व्यापारियों को यह आगे बढ़ने का मौका देता है, तो नए खरीदारों को बेहतर सेवाएं व वस्तुएं प्राप्त करने का एक उचित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है.डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी भी वस्तुओं सेवाओं के विस्तार में बहुत अधिक सहायता मिलती है, क्योंकि यदि एक व्यक्ति को वह वस्तु या सेवा अधिक पसंद आती है, तो वह अपने मित्र व सगे संबंधियों के बीच उसे आसानी से शेयर भी करता है. इससे किसी भी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं को वितरित करने में आसानी होती है.उपभोक्ताओं व उत्पादक का सीधा संपर्क होने की वजह से वह आसानी से किसी भी सेवा व वस्तु का पूरा लाभ शीघ्रता और आसानी से प्राप्त कर सकते है. सही मायने में देखा जाए तो उचित कीमत पर सही वस्तु व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक सबसे सुगम और सरल रास्ता डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसकी वजह से वे पूरी तरह संतुष्ट होते हैं और आनंद की प्राप्ति करते हैं.एक ऐसा सरल रास्ता उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच डिजिटल मार्केटिंग बन चुका है जहां से आसानी से किसी भी ब्रांड की विश्वसनीयता को उपभोक्ताओं के बीच में बढ़ाने में सहायता मिलती है. व्यापारियों द्वारा निर्मित किसी भी वस्तु को अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्थापित करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है.किसी भी व्यवसाय को बढ़ाने और अपने उत्पादों को देश विदेश में पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक किफायती और सुगम तरीका होता है. साथ में उपभोक्ता उत्पादक के बीच के संपर्क को भी बनाने मे सरलता मिलती है. यह एक ऐसा सरल तरीका है, जिसका उपयोग किसी भी देश में बैठे व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं. यह देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार (Digital Marketing Types)मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग और ऑफलाइन मार्केटिंग आते हैं.ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी अपनी अहम भूमिका निभाता है. इसमें बिना इंटरनेट से जुड़े आप अपने व्यवसाय से जुड़ी डिजिटल मार्केटिंग आसानी से कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी डिवाइस का उपयोग करके आप आसानी से ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म पर अपना व्यवसाय ला सकते हैं.रेडियो :- रेडियो के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो बहुत पुराना तरीका है और सबसे आसान भी. जिस समय इंटरनेट का अविष्कार भी नहीं हुआ था उस समय से रेडियो डिजिटल मार्केटिंग में अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी बात आसानी से सभी उपभोक्ताओं के बीच में लाई जा सकती है. इंटरनेट के इतने इस्तेमाल के बाद भी अब तक रेडियो का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है, बल्कि बीते 10 सालों में (साल 2018 तक) रेडियो चैनल्स की कमाई 470 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.टीवी :– टीवी तो आमतौर पर सबके घरों में मिल ही जाती है. उस पर डेली सोप्स और फिल्मों के बीच कितने प्रकार के विज्ञापन आते हैं, कि उन्हें देखकर किसी भी वस्तुओं व सेवाओं के लिए हम जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं. अतः डिजिटल मार्केटिंग का सबसे आसान और सबसे आकर्षित तरीका मात्र टीवी ही है.मोबाइल :- ऑफलाइन तरीके में मोबाइल का इस्तेमाल करके भी डिजिटल मार्केटिंग की जा सकती है, यह एक सबसे आसान तरीका है. ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल ना हो. ऐसे में ऑफलाइन तरीके से फोन करके या फिर मैसेजेस के जरिए आसानी से डिजिटल मार्केटिंग को अंजाम दिया जा सकता है.ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक वृहद रूप प्रदान किया है. इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग आसानी से की जाती है. और सरलता से सभी उत्पाद व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है.सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने वेबसाइट की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ा दी है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट का स्तर बढ़ाने के लिए सर्च इंजन एक बेहतर स्थान है. किसी भी वेबसाइट पर कितने लोग आते हैं और उस विज्ञापन व उस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट को देखते हैं या फिर पढ़ते हैं, यह सब वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत जरूरी होता है और यह ट्रैफिक लाने का सबसे आसान तरीका माना गया है. पाठकों के लिए और बहुत से उपभोक्ताओं के लिए इनके बीच में कई सारे विज्ञापन भी प्रदर्शित किए जाते हैं. वह उन सेवा व वस्तुओं तक आसानी से पहुंचने में मदद भी करते हैं.सर्च इंजन मार्केटिंग :- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए हम बिना कोई मूल्य चुकाए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते हैं. परंतु सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब SEM एक ऐसा तरीका है जिस पर कुछ मूल्य चुकाने के बाद आप अपने विज्ञापनों को बड़ी-बड़ी वेबसाइट पर दिखा सकते हैं, जिससे आपको कई सारे उपभोक्ता आसानी से प्राप्त हो जाते है.पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC) :- किसी भी प्रकार के विज्ञापन को चलाने के लिए यह बहुत आसान और सुगम तरीका है. वेबसाइट पर कुछ इस तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किये जाते है, कि यदि कोई पाठक उस विज्ञापन पर क्लिक कर देता है तो ऐसे में वेबसाइट को एक निर्धारित मूल्य की प्राप्ति होती है. गूगल पर किसी भी प्रकार का सवाल डालने पर उससे जुड़े कई सारे जवाब हमारे सामने प्रदर्शित किए जाते हैं. और उनसे जुड़े बहुत से विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं. ऐसे में उन विज्ञापनों पर मात्र एक क्लिक करने से ही और उसके बारे में वहां पर दी हुई जानकारी देखने से उस वेबसाइट का स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति को गूगल द्वारा स्वयं ही एक राशि का भुगतान कर दिया जाता है.सोशल मीडिया मार्केटिंग :- आज के समय में किसी भी देश व किसी भी स्थान का व्यक्ति सोशल मीडिया के बिना नहीं रह सकता है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे उत्पाद विज्ञापित किए जाते हैं और उनके जरिए आकर्षित वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर बहुत जल्द उन्हें अपने जीवन में अपनाया भी जाता है. जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि. इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत से व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं. अतः उपभोक्ताओं की जरूरत उनकी इच्छा अनुसार पूरी करके कोई भी व्यापारी उनका पसंदीदा बन जाता है.कंटेंट मार्केटिंग :- कंटेंट मार्केटिंग के जरिए नियमित रूप से आने वाले पाठकों के लिए आकर्षित लेख डाले जाते हैं, जिन्हें पढ़कर वे वस्तुओं व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से समझ पाते हैं. जिन्हें पढ़कर कोई भी उपभोक्ता आसानी से किसी ब्रांड पर विश्वास करता है और उसका नियमित कस्टमर बन जाता है. इनमें मुख्य रूप से ब्लॉग पोस्ट वीडियो ई – बुक इंफोग्राफिक पॉडकास्ट आदि सम्मिलित किए जाते हैं, जो आसानी से किसी भी ब्रांड या प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह सबसे सरल और किफायती मार्ग बन चुका है.ई-मेल मार्केटिंग :- ईमेल मार्केटिंग भी पुराने तरीकों में से एक है इसके जरिए आसानी से कोई भी व्यापारी अपने द्वारा बनाए गए उत्पादों व सेवाओं को आसानी से विज्ञापित करके उपभोक्ताओं तक पहुंचा देता है. इसमें सबसे किफायती बात यह है कि यह सबसे सस्ता और सरल तरीका है. यह एक ऐसा सुगम तरीका है जो उपभोक्ताओं को व्यापारियों से जोड़ता है, और व्यापारियों को अपने व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत सहायता मिलती है.एफिलेटेड मार्केटिंग :- एफिलेटेड मार्केटिंग एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो आजकल के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सबके बीच में फैला हुआ है. यह तरीका उपभोक्ताओं तक उत्पाद तो पहुंचाता ही है, साथ ही बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करता है. घर में बैठी ग्रहणी हो या फिर रिटायर्ड हुए कोई व्यक्ति, प्रत्येक व्यक्ति रिलेटेड मार्केटिंग से आज के समय में जुड़ चुका है. मुख्य रूप से इसमें यह कार्य होता है कि कोई भी विश्वसनीय ब्रांड या प्रोडक्ट अपने सर्विस का प्रचार व प्रसार करते हैं और धीरे-धीरे उनसे कई व्यक्तियों को जोड़ लेते हैं. आगे के प्रचार व प्रसार में वे व्यक्ति उनकी मदद करते हैं जिसके बदले वे अपनी सेवाओं और वस्तुओं के विक्रय होने पर उन्हें कुछ कमीशन का भुगतान किया जाता हैं.अंत में यदि देखा जाए और समझा जाए तो डिजिटल मार्केटिंग किसी भी व्यापार को बढ़ाने और उसको उपभोक्ताओं के बीच लाने के लिए एक उचित प्लेटफार्म बन चुका है. यह उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच एक बेहतर और विश्वसनीय संबंध बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए तो धन की प्राप्ति होती ही है, साथ में कुछ ऐसे लोग भी हमसे जुड़ जाते हैं जो अपने खाली समय में धन अर्जित करने में सक्षम हो पाते हैं. व्यवसाय के विस्तार व प्रसार के लिए एक अहम प्लेटफार्म के रूप में डिजिटल मार्केटिंग को जाना जाता है. किसी भी व्यवसाय को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का काम भी डिजिटल मार्केटिंग ही कर रहा है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग ने अपनी एक अच्छी खासी पकड़ व्यापारियों व उपभोक्ता के बीच बना ली है.

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?) By वनिता कासनियां पंजाब डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में. आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है. इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पा...