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अगर इन्टरनेट से ऑनलाइन पैसे कमाने की बात की जाए तो सबसे अच्छा तरीका है – Blogging. By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबBlogging के द्वारा आज कई लोग घर बैठे-बैठे महीने के लाखों रुपये कमा रहे हैं। अगर आप भी Blogging से पैसे कमाना चाहते हैं तो आज हम आपको इतने सरल और आसान तरीके से Blogging के बारे में बताएँगे, जिससे कि आप भी बहुत आसानी से अपना खुद का ब्लॉग बनाकर उससे अच्छे-खासे पैसे कमा सकते हैं।Blogging से पैसे कैसे कमाए, इसके बारे में बताने से पहले कुछ ऐसी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों के बारे में नहीं जानेंगे तो आपको अपना ब्लॉग बनाते समय कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।Blogging क्या है (Blogging meaning in Hindi)अगर आपको ब्लॉग के बारे में अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा तो Blogging को समझने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। अगर सीधे और सरल शब्दों में Blogging को समझने की कोशिश करें तो हम कह सकते हैं कि ब्लॉग को मेन्टेन रखना ही Blogging है। जब आप अपना कोई ब्लॉग बनाएँगे और उस पर नियमित रूप से लेख लिखेंगे तो इसी काम को हम Blogging कहेंगे।आमतौर पर लोगों के Blogging करने के दो उद्देश्य होते हैं –1. अपने ज्ञान, विचारों और अनुभव को निशुल्क शेयर करना।2. अपने ज्ञान, विचारों और अनुभवों से पैसे कमाना।आपका इनमें से कोई भी उद्देश्य हो सकता है। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि हमारा कोई भी उद्देश्य हो, ब्लॉग बनाकर उस पर काम करना ही Blogging है।ब्लॉगर क्या होता है (Blogger meaning in Hindi)ब्लॉग और Blogging को जानने के बाद अब हम जानते हैं कि ब्लॉगर क्या है या ब्लॉगर क्या होता है ? ब्लॉगर उस व्यक्ति को कहते हैं जो Blogging करता है। मतलब जो व्यक्ति अपना ब्लॉग बनाता है और उस पर काम करता है उसे ही ब्लॉगर कहते हैं। जिस व्यक्ति का अपना खुद का कोई ब्लॉग होता है, उस व्यक्ति को हम ब्लॉगर कह सकते हैं। जैसे मेरे कई ब्लॉग हैं तो मैं भी एक ब्लॉगर हुआ।Blogging के फायदे (Benefits of blogging)Blogging के कई सारे फायदे हैं जिनको संक्षेप में बताना सम्भव नहीं है। फिर भी हम यहाँ ब्लॉग के फायदे संक्षेप में बताने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप Blogging करना चाहते हैं तो इसके फायदों से भली-भांति परिचित हो लें।1. Blogging का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह काम आप घर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है।2. अगर आप Blogging करते हैं तो आपके ऊपर किसी का दबाव नहीं होगा। आमतौर पर जब हम कोई जॉब करते हैं तो उसमें कहीं न कहीं हम दबाव में रहते हैं। Blogging में ऐसा नहीं है।3. Blogging से आप जितने चाहें पैसे कमा सकते हैं। कई लोग Blogging से महीने के लाखों रुपये कमा रहे हैं लेकिन इसके लिए आपको मेहनत भी करनी पड़ेगी। Blogging से महीने के लाख रुपये कमाना असम्भव नहीं है।4. इसके लिए आपको ज्यादा इन्वेस्टमेंट की भी जरूरत नहीं होती है। यहाँ तक कि आप ये काम फ्री में भी शुरू कर सकते हैं।5. इस काम को करने में कोई रिस्क भी नहीं है। इसमें आपके रुपये डूबने का भी खतरा नहीं रहता है। मतलब इस काम में फायदा ही फायदा है नुकसान बिलकुल नहीं।6. इस काम में आपको पैसा मिलता रहता है चाहें आप यह काम छोड़ ही क्यों न दें। जबकि जॉब या बिज़नेस में ऐसा नहीं है।Blog और Website में क्या Difference है (Difference between blog and website in hindi)कुछ लोग जानना चाहते हैं कि Blog और Website में क्या Difference है (Difference between blog and website in hindi)। ब्लॉग और वेबसाइट में बहुत ज्यादा अन्तर नहीं है। अगर हम किसी ब्लॉग को website कह दें तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ब्लॉग और वेबसाइट में अन्तर की बात करें तो हम कह सकते हैं कि सभी ब्लॉग वेबसाइट हैं लेकिन सभी वेबसाइट ब्लॉग नहीं हैं।आसान भाषा में बात करें तो हम कह सकते हैं कि एक ब्लॉग में आपको नियमित रूप से लेख लिखने पड़ते हैं। ब्लॉग में हम किसी विषय के बारे में विस्तार से जानकारी देते रहते हैं जबकि वेबसाइट में ऐसा नहीं है। वेबसाइट में रोज-रोज लिखने की जरूरत नहीं होती है। बस एक बार में ही समस्त जानकारियों को अपडेट कर दिया जाता है।ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैं (Blogging se paise kaise milte hain)अगर आप सोच रहे हैं कि ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैं (Blogging se paise kaise milte hain) तो इसका जवाब बहुत ही आसान है। Blogging से पैसे प्राप्त करना बहुत ही आसान है। सबसे पहले आपको Adsense में अपना एक Account बनाना होगा। इसके बाद आपको अपने Bank Account की जानकारियाँ Adsense को देनी होंगी।जब Adsense के पास आपके 100 डॉलर हो जाएँगे तो Adsense ये सारा पैसा अपने आप आपके Bank Account में Transfer कर देगा, जिसे आप कभी भी निकाल सकते हैं। अब आपको पता चल गया होगा कि ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैंBlogging से पैसे कैसे कमाए (How to make money from blogging step by step)ब्लॉग, Blogging और Website से सम्बन्धित सामान्य जानकारियों के बाद अब हम आपको बताएँगे कि Blogging से पैसे कैसे कमाए (How to make money from blogging step by step), Blog से पैसे कैसे कमाए (How to make money with a blog for beginners),Blogging से पैसे कैसे कमाए, इस बारे में हम आपको पूरी जानकारी (Full Guide/Information) Step by Step दे रहे हैं –Step 1 – अपने ब्लॉग के लिए टॉपिक चुनें (Best niche for blog/blogging)यह ब्लॉग बनाने का सबसे पहला Step है। अगर आप ब्लॉग बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको अपने ब्लॉग के टॉपिक को चुनना होगा। ब्लॉग के टॉपिक को चुनते समय अक्सर लोग गलती कर देते हैं। वह किसी भी टॉपिक पर अपना ब्लॉग शुरू कर देते हैं जिसकी वजह से आगे चलकर उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।अपना ब्लॉग उस विषय पर बनाएँ जिसमें आपको रुचि और ज्ञान हो। जब आपको उस विषय का अच्छी तरह से ज्ञान होगा तो आप उस विषय के बारे में ज्यादा अच्छी तरह से बता सकेंगे। इसके अलावा अगर कोई उस विषय से सम्बन्धित सवाल भी करेगा तो आपको जवाब देने में कोई परेशानी नहीं होगी। आप चाहें तो अपने ब्लॉग में एक से ज्यादा विषयों पर भी लिख सकते हैं।कुल मिलाकर कहने का तात्पर्य यह है कि ब्लॉग बनाने से पहले आपको अच्छी तरह से सोच लेना है कि मुझे अपना ब्लॉग किस टॉपिक पर बनाना है।Step 2 – अपना ब्लॉग किस Platform पर बनाएँ (Blogger Vs WordPress which is better)जब आप यह सोच लें कि मुझे अपना ब्लॉग किस विषय पर बनाना है. उसके बाद आपको यह निश्चित करना है कि मुझे अपना ब्लॉग किस Platform पर बनाना है। वैसे तो ब्लॉग बनाने के कई Platform उपलब्ध हैं लेकिन ज्यादातर लोग दो Platform का ही प्रयोग करते हैं।1. Blogger – अगर आप Blogging के क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं तो आपके लिए यही प्लेटफार्म सबसे अच्छा रहेगा क्योंकि यह फ्री है। इसमें आपका एक भी पैसा नहीं लगेगा। यह Google का Product है इसलिए आपको इस पर शक करने की कोई जरूरत नहीं है। कमी की बात की जाए तो केवल यह है कि इस पर आप अपने ब्लॉग को ज्यादा Customize नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा एक कमी और है कि इसमें पैसे थोड़े कम मिलते हैं।2. WordPress – यह Platform उन लोगों के लिए है जो शुरू-शुरू में पैसा लगा सकते हैं। इसमें आपको अपने ब्लॉग को कस्टमाइज करने के कई सारे ऑप्शन मिलते हैं। इसके अलावा इसमें आपको अपने ब्लॉग को मेन्टेन रखने में भी ज्यादा समस्या नहीं आती है। इसमें आपको पैसा भी ज्यादा मिलता है।मेरी राय में आपको शुरू-शुरू में Blogger पर ही अपना ब्लॉग बनाना चाहिए क्योंकि यह फ्री है। जब आपके पैसे आने लगें तो आप वर्डप्रेस पर अपना ब्लॉग बना सकते हैं।Step 3 – अपने ब्लॉग के लिए सही Domain Name चुनेंजैसे आपके घर का पता होता है वैसे ही आपके ब्लॉग का भी एक पता होता है, जिसे हम डोमेन नेम कहते हैं। जिस प्रकार आपके घर के पते से कोई आपके घर तक पहुँच सकता है, उसी प्रकार डोमेन नेम से कोई सीधे आपके ब्लॉग तक पहुँच सकता है। जैसे मेरे ब्लॉग का डोमेन नेम हैडोमेन नेम फ्री में भी मिल जाता है और इसे आप खरीद भी सकते हैं। अगर आप डोमेन नेम खरीदना चाहते हैं तो हमेशा ब्लॉगर कॉम से ही खरीदें। डोमेन नेम हमेशा .com वाला ही खरीदें। डोमेन नेम जब भी खरीदें तो ध्यान रखें कि यह छोटा, सरल और आसानी से याद हो जाने वाला होना चाहिए। आपका ब्लॉग जिस नाम से हो उसी नाम से डोमेन खरीदें। जैसे मेरे ब्लॉग का नाम है – Blog Vatika तो मेरे डोमेन का नाम भी ही है।Step – 4 अपने ब्लॉग के लिए Hosting खरीदेंहोस्टिंग का मतलब होता है एक ऐसी जगह जहाँ आप अपने ब्लॉग की सारी चीजों को सेव रख सकते हैं। यह भी आपको फ्री और पेड दोनों तरीकों से मिल जाती है। अगर आप फ्री होस्टिंग चाहते हैं तो आप हमेशा Blogger की ही होस्टिंग इस्तेमाल करें।अगर आप पेड होस्टिंग चाहते हैं तो आप HostGator से ही खरीदें। इसकी सर्विस अच्छी है। शुरू-शुरू में हम आपको यही राय देंगे कि ज्यादा पैसे के चक्कर में न पड़ें। फ्री होस्टिंग का ही इस्तेमाल करें। जब पैसे आने लगें तब पेड होस्टिंग ले लीजिए।Step – 5 अपने ब्लॉग के लिए Theme चुनेंअपने ब्लॉग के लिए एक ऐसी थीम का इस्तेमाल कीजिए जो Neat and Clean हो। आपके ब्लॉग की थीम जितनी साफ़ सुथरी होगी, आगे चलकर आपको उसका उतना ही फायदा होगा। थीम भी दो तरह की होती हैं – फ्री और पेड। शुरुआत में आप फ्री थीम का ही प्रयोग करें।Blogger में आपको बहुत सी फ्री थीम मिल जाएँगी। क्रैक थीम का इस्तेमाल बिलकुल न करें नहीं तो आपका ब्लॉग या वेबसाइट हैक हो सकती है। थीम चुनते समय ध्यान रखें कि आपके ब्लॉग की थीम रेस्पोंसिव भी होनी चाहिए। मतलब अगर आपके ब्लॉग को कोई मोबाइल में चलाना चाहे तो उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो।Step 6 – अपने ब्लॉग के लिए जरूरी पेज बनाएँअपने ब्लॉग में आपको 4 पेज जरूर बनाने होंगे नहीं तो आप अपने ब्लॉग से Earning नहीं कर पाएँगे। ये 4 पेज हैं –1. About Us – इसमें आपको अपने और अपने ब्लॉग के बारे में संक्षेप में बताना होगा।2. Contact Us – इसमें आपको अपनी Contact डिटेल्स देनी होंगी जिससे कि कोई आपसे सम्पर्क कर सके।3. Privacy Policy – इसमें आपको अपने ब्लॉग की Privacy Policies के बारें में बताना होगा।4. Disclaimer – इसमें आपको अपनी Disclaimer डिटेल्स देनी होंगी।Step 7 – अपने ब्लॉग के लिए पोस्ट लिखेंअब आप अपने ब्लॉग पर अपने टॉपिक के अनुसार पोस्ट लिखना शुरू कर सकते हैं। पोस्ट लिखते समय ध्यान रखें कि पोस्ट कम से कम 700 शब्दों में लिखें। सरल और आसान भाषा में लिखें, जिससे कि आपके द्वारा दी गयी जानकारी को हर कोई समझ सके। कॉपी-पेस्ट बिलकुल न करें।Step 8 – अपने ब्लॉग का SEO (Search Engine Optimization) करेंSEO का मतलब होता है Search Engine Optimization आपने देखा होगा जब आप Google में किसी चीज को सर्च करते हैं तो बहुत सारे ब्लॉग या वेबसाइट खुल जाती हैं। उनमे से हम ऊपर की 2-3 वेबसाइट को ही खोलते हैं। नीचे की वेबसाइट को छोड़ देते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपका ब्लॉग या वेबसाइट टॉप थ्री रिजल्ट्स में न आए तो उसका कोई महत्व नहीं रह जाएगा।अपने ब्लॉग को टॉप थ्री रिजल्ट्स में लाने के लिए लोग SEO (Search Engine Optimization) करते हैं। जिसका SEO (Search Engine Optimization) अच्छा होगा, उसका ब्लॉग या वेबसाइट सबसे पहले आएगा। जिसका SEO (Search Engine Optimization) अच्छा नहीं होगा, उसका ब्लॉग या वेबसाइट पीछे रह जाएगा।SEO (Search Engine Optimization) के बारे में संक्षेप में बताना सम्भव नहीं है क्योंकि यह बहुत ही लम्बा टॉपिक है। SEO (Search Engine Optimization) के बारे में हम जल्द ही किसी और पोस्ट में आपको विस्तार से बताएँगे। तब तक आप अपना पूरा ध्यान ब्लॉग बनाने पर दें।Step 9 – अपने ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ाएँअपने ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए यह जरूरी है कि लोग आपके ब्लॉग पर आएँ और उसमें दी गई जानकारियों को पढ़ें। अगर आप अपने लेख को अच्छी तरह से लिखते हैं और उसका अच्छी तरह से SEO (Search Engine Optimization) करते हैं तो 2 से 3 महीने में आपके ब्लॉग पर अच्छे खासे लोग आना शुरू हो जाएँगे।आप चाहे तो अपने ब्लॉग का प्रमोशन भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने ब्लॉग के आर्टिकल्स को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं। इससे आपके ब्लॉग पर ज्यादा लोग आएँगे। मतलब आपके ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ेगी। जितनी ज्यादा आपके ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ेगी उतनी ज्यादा आपकी कमाई होगी।Step 10 – अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ेंBlogging से पैसे कमाने के लिए आपको अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ना होगा। अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ने के बाद ही आप अपने ब्लॉग से कमाई कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ये Adsense क्या है ?Adsense, Google का ही एक Product है जो आपके और Advertiser के बीच में एक Bridge का काम करता है। जितने भी Advertiser होते हैं, वह अपना सारा Ad सीधे आपको न देकर Adsense नाम की इस Company को देते है। यह Company आपके ब्लॉग में Ad लगाती है।बाल वनिता महिला आश्रमअब जब तक आप इस Company से जुड़ेंगे नहीं, आपको Ad कौन देगा और जब तक आपको Ad नहीं मिलेंगे तो कमाई कहाँ से होगी। इसलिए आपको Adsense से जुड़ना ही होगा।

अगर इन्टरनेट से ऑनलाइन पैसे कमाने की बात की जाए तो सबसे अच्छा तरीका है – Blogging. 

Blogging के द्वारा आज कई लोग घर बैठे-बैठे महीने के लाखों रुपये कमा रहे हैं। अगर आप भी Blogging से पैसे कमाना चाहते हैं तो आज हम आपको इतने सरल और आसान तरीके से Blogging के बारे में बताएँगे, जिससे कि आप भी बहुत आसानी से अपना खुद का ब्लॉग बनाकर उससे अच्छे-खासे पैसे कमा सकते हैं।

Blogging से पैसे कैसे कमाए, इसके बारे में बताने से पहले कुछ ऐसी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों के बारे में नहीं जानेंगे तो आपको अपना ब्लॉग बनाते समय कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Blogging क्या है (Blogging meaning in Hindi)

अगर आपको ब्लॉग के बारे में अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा तो Blogging को समझने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। अगर सीधे और सरल शब्दों में Blogging को समझने की कोशिश करें तो हम कह सकते हैं कि ब्लॉग को मेन्टेन रखना ही Blogging है। जब आप अपना कोई ब्लॉग बनाएँगे और उस पर नियमित रूप से लेख लिखेंगे तो इसी काम को हम Blogging कहेंगे।

आमतौर पर लोगों के Blogging करने के दो उद्देश्य होते हैं –

1. अपने ज्ञान, विचारों और अनुभव को निशुल्क शेयर करना।

2. अपने ज्ञान, विचारों और अनुभवों से पैसे कमाना।

आपका इनमें से कोई भी उद्देश्य हो सकता है। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि हमारा कोई भी उद्देश्य हो, ब्लॉग बनाकर उस पर काम करना ही Blogging है।

ब्लॉगर क्या होता है (Blogger meaning in Hindi)

ब्लॉग और Blogging को जानने के बाद अब हम जानते हैं कि ब्लॉगर क्या है या ब्लॉगर क्या होता है ? ब्लॉगर उस व्यक्ति को कहते हैं जो Blogging करता है। मतलब जो व्यक्ति अपना ब्लॉग बनाता है और उस पर काम करता है उसे ही ब्लॉगर कहते हैं। जिस व्यक्ति का अपना खुद का कोई ब्लॉग होता है, उस व्यक्ति को हम ब्लॉगर कह सकते हैं। जैसे मेरे कई ब्लॉग हैं तो मैं भी एक ब्लॉगर हुआ।

Blogging के फायदे (Benefits of blogging)

Blogging के कई सारे फायदे हैं जिनको संक्षेप में बताना सम्भव नहीं है। फिर भी हम यहाँ ब्लॉग के फायदे संक्षेप में बताने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप Blogging करना चाहते हैं तो इसके फायदों से भली-भांति परिचित हो लें।

1. Blogging का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह काम आप घर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

2. अगर आप Blogging करते हैं तो आपके ऊपर किसी का दबाव नहीं होगा। आमतौर पर जब हम कोई जॉब करते हैं तो उसमें कहीं न कहीं हम दबाव में रहते हैं। Blogging में ऐसा नहीं है।

3. Blogging से आप जितने चाहें पैसे कमा सकते हैं। कई लोग Blogging से महीने के लाखों रुपये कमा रहे हैं लेकिन इसके लिए आपको मेहनत भी करनी पड़ेगी। Blogging से महीने के लाख रुपये कमाना असम्भव नहीं है।

4. इसके लिए आपको ज्यादा इन्वेस्टमेंट की भी जरूरत नहीं होती है। यहाँ तक कि आप ये काम फ्री में भी शुरू कर सकते हैं।

5. इस काम को करने में कोई रिस्क भी नहीं है। इसमें आपके रुपये डूबने का भी खतरा नहीं रहता है। मतलब इस काम में फायदा ही फायदा है नुकसान बिलकुल नहीं।

6. इस काम में आपको पैसा मिलता रहता है चाहें आप यह काम छोड़ ही क्यों न दें। जबकि जॉब या बिज़नेस में ऐसा नहीं है।

Blog और Website में क्या Difference है (Difference between blog and website in hindi)

कुछ लोग जानना चाहते हैं कि Blog और Website में क्या Difference है (Difference between blog and website in hindi)। ब्लॉग और वेबसाइट में बहुत ज्यादा अन्तर नहीं है। अगर हम किसी ब्लॉग को website कह दें तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ब्लॉग और वेबसाइट में अन्तर की बात करें तो हम कह सकते हैं कि सभी ब्लॉग वेबसाइट हैं लेकिन सभी वेबसाइट ब्लॉग नहीं हैं।

आसान भाषा में बात करें तो हम कह सकते हैं कि एक ब्लॉग में आपको नियमित रूप से लेख लिखने पड़ते हैं। ब्लॉग में हम किसी विषय के बारे में विस्तार से जानकारी देते रहते हैं जबकि वेबसाइट में ऐसा नहीं है। वेबसाइट में रोज-रोज लिखने की जरूरत नहीं होती है। बस एक बार में ही समस्त जानकारियों को अपडेट कर दिया जाता है।

ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैं (Blogging se paise kaise milte hain)

अगर आप सोच रहे हैं कि ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैं (Blogging se paise kaise milte hain) तो इसका जवाब बहुत ही आसान है। Blogging से पैसे प्राप्त करना बहुत ही आसान है। सबसे पहले आपको Adsense में अपना एक Account बनाना होगा। इसके बाद आपको अपने Bank Account की जानकारियाँ Adsense को देनी होंगी।

जब Adsense के पास आपके 100 डॉलर हो जाएँगे तो Adsense ये सारा पैसा अपने आप आपके Bank Account में Transfer कर देगा, जिसे आप कभी भी निकाल सकते हैं। अब आपको पता चल गया होगा कि ब्लॉग से पैसे कैसे मिलते हैं

Blogging से पैसे कैसे कमाए (How to make money from blogging step by step)

ब्लॉग, Blogging और Website से सम्बन्धित सामान्य जानकारियों के बाद अब हम आपको बताएँगे कि Blogging से पैसे कैसे कमाए (How to make money from blogging step by step), Blog से पैसे कैसे कमाए (How to make money with a blog for beginners),

Blogging से पैसे कैसे कमाए, इस बारे में हम आपको पूरी जानकारी (Full Guide/Information) Step by Step दे रहे हैं –

Step 1 – अपने ब्लॉग के लिए टॉपिक चुनें (Best niche for blog/blogging)

यह ब्लॉग बनाने का सबसे पहला Step है। अगर आप ब्लॉग बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको अपने ब्लॉग के टॉपिक को चुनना होगा। ब्लॉग के टॉपिक को चुनते समय अक्सर लोग गलती कर देते हैं। वह किसी भी टॉपिक पर अपना ब्लॉग शुरू कर देते हैं जिसकी वजह से आगे चलकर उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

अपना ब्लॉग उस विषय पर बनाएँ जिसमें आपको रुचि और ज्ञान हो। जब आपको उस विषय का अच्छी तरह से ज्ञान होगा तो आप उस विषय के बारे में ज्यादा अच्छी तरह से बता सकेंगे। इसके अलावा अगर कोई उस विषय से सम्बन्धित सवाल भी करेगा तो आपको जवाब देने में कोई परेशानी नहीं होगी। आप चाहें तो अपने ब्लॉग में एक से ज्यादा विषयों पर भी लिख सकते हैं।

कुल मिलाकर कहने का तात्पर्य यह है कि ब्लॉग बनाने से पहले आपको अच्छी तरह से सोच लेना है कि मुझे अपना ब्लॉग किस टॉपिक पर बनाना है।

Step 2 – अपना ब्लॉग किस Platform पर बनाएँ (Blogger Vs WordPress which is better)

जब आप यह सोच लें कि मुझे अपना ब्लॉग किस विषय पर बनाना है. उसके बाद आपको यह निश्चित करना है कि मुझे अपना ब्लॉग किस Platform पर बनाना है। वैसे तो ब्लॉग बनाने के कई Platform उपलब्ध हैं लेकिन ज्यादातर लोग दो Platform का ही प्रयोग करते हैं।

1. Blogger – अगर आप Blogging के क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं तो आपके लिए यही प्लेटफार्म सबसे अच्छा रहेगा क्योंकि यह फ्री है। इसमें आपका एक भी पैसा नहीं लगेगा। यह Google का Product है इसलिए आपको इस पर शक करने की कोई जरूरत नहीं है। कमी की बात की जाए तो केवल यह है कि इस पर आप अपने ब्लॉग को ज्यादा Customize नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा एक कमी और है कि इसमें पैसे थोड़े कम मिलते हैं।

2. WordPress – यह Platform उन लोगों के लिए है जो शुरू-शुरू में पैसा लगा सकते हैं। इसमें आपको अपने ब्लॉग को कस्टमाइज करने के कई सारे ऑप्शन मिलते हैं। इसके अलावा इसमें आपको अपने ब्लॉग को मेन्टेन रखने में भी ज्यादा समस्या नहीं आती है। इसमें आपको पैसा भी ज्यादा मिलता है।

मेरी राय में आपको शुरू-शुरू में Blogger पर ही अपना ब्लॉग बनाना चाहिए क्योंकि यह फ्री है। जब आपके पैसे आने लगें तो आप वर्डप्रेस पर अपना ब्लॉग बना सकते हैं।

Step 3 – अपने ब्लॉग के लिए सही Domain Name चुनें

जैसे आपके घर का पता होता है वैसे ही आपके ब्लॉग का भी एक पता होता है, जिसे हम डोमेन नेम कहते हैं। जिस प्रकार आपके घर के पते से कोई आपके घर तक पहुँच सकता है, उसी प्रकार डोमेन नेम से कोई सीधे आपके ब्लॉग तक पहुँच सकता है। जैसे मेरे ब्लॉग का डोमेन नेम है

डोमेन नेम फ्री में भी मिल जाता है और इसे आप खरीद भी सकते हैं। अगर आप डोमेन नेम खरीदना चाहते हैं तो हमेशा ब्लॉगर कॉम से ही खरीदें। डोमेन नेम हमेशा .com वाला ही खरीदें। डोमेन नेम जब भी खरीदें तो ध्यान रखें कि यह छोटा, सरल और आसानी से याद हो जाने वाला होना चाहिए। आपका ब्लॉग जिस नाम से हो उसी नाम से डोमेन खरीदें। जैसे मेरे ब्लॉग का नाम है – Blog Vatika तो मेरे डोमेन का नाम भी ही है।

Step – 4 अपने ब्लॉग के लिए Hosting खरीदें

होस्टिंग का मतलब होता है एक ऐसी जगह जहाँ आप अपने ब्लॉग की सारी चीजों को सेव रख सकते हैं। यह भी आपको फ्री और पेड दोनों तरीकों से मिल जाती है। अगर आप फ्री होस्टिंग चाहते हैं तो आप हमेशा Blogger की ही होस्टिंग इस्तेमाल करें।

अगर आप पेड होस्टिंग चाहते हैं तो आप HostGator से ही खरीदें। इसकी सर्विस अच्छी है। शुरू-शुरू में हम आपको यही राय देंगे कि ज्यादा पैसे के चक्कर में न पड़ें। फ्री होस्टिंग का ही इस्तेमाल करें। जब पैसे आने लगें तब पेड होस्टिंग ले लीजिए।

Step – 5 अपने ब्लॉग के लिए Theme चुनें

अपने ब्लॉग के लिए एक ऐसी थीम का इस्तेमाल कीजिए जो Neat and Clean हो। आपके ब्लॉग की थीम जितनी साफ़ सुथरी होगी, आगे चलकर आपको उसका उतना ही फायदा होगा। थीम भी दो तरह की होती हैं – फ्री और पेड। शुरुआत में आप फ्री थीम का ही प्रयोग करें।

Blogger में आपको बहुत सी फ्री थीम मिल जाएँगी। क्रैक थीम का इस्तेमाल बिलकुल न करें नहीं तो आपका ब्लॉग या वेबसाइट हैक हो सकती है। थीम चुनते समय ध्यान रखें कि आपके ब्लॉग की थीम रेस्पोंसिव भी होनी चाहिए। मतलब अगर आपके ब्लॉग को कोई मोबाइल में चलाना चाहे तो उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो।

Step 6 – अपने ब्लॉग के लिए जरूरी पेज बनाएँ

अपने ब्लॉग में आपको 4 पेज जरूर बनाने होंगे नहीं तो आप अपने ब्लॉग से Earning नहीं कर पाएँगे। ये 4 पेज हैं –

1. About Us – इसमें आपको अपने और अपने ब्लॉग के बारे में संक्षेप में बताना होगा।

2. Contact Us – इसमें आपको अपनी Contact डिटेल्स देनी होंगी जिससे कि कोई आपसे सम्पर्क कर सके।

3. Privacy Policy – इसमें आपको अपने ब्लॉग की Privacy Policies के बारें में बताना होगा।

4. Disclaimer – इसमें आपको अपनी Disclaimer डिटेल्स देनी होंगी।

Step 7 – अपने ब्लॉग के लिए पोस्ट लिखें

अब आप अपने ब्लॉग पर अपने टॉपिक के अनुसार पोस्ट लिखना शुरू कर सकते हैं। पोस्ट लिखते समय ध्यान रखें कि पोस्ट कम से कम 700 शब्दों में लिखें। सरल और आसान भाषा में लिखें, जिससे कि आपके द्वारा दी गयी जानकारी को हर कोई समझ सके। कॉपी-पेस्ट बिलकुल न करें।

Step 8 – अपने ब्लॉग का SEO (Search Engine Optimization) करें

SEO का मतलब होता है Search Engine Optimization आपने देखा होगा जब आप Google में किसी चीज को सर्च करते हैं तो बहुत सारे ब्लॉग या वेबसाइट खुल जाती हैं। उनमे से हम ऊपर की 2-3 वेबसाइट को ही खोलते हैं। नीचे की वेबसाइट को छोड़ देते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपका ब्लॉग या वेबसाइट टॉप थ्री रिजल्ट्स में न आए तो उसका कोई महत्व नहीं रह जाएगा।

अपने ब्लॉग को टॉप थ्री रिजल्ट्स में लाने के लिए लोग SEO (Search Engine Optimization) करते हैं। जिसका SEO (Search Engine Optimization) अच्छा होगा, उसका ब्लॉग या वेबसाइट सबसे पहले आएगा। जिसका SEO (Search Engine Optimization) अच्छा नहीं होगा, उसका ब्लॉग या वेबसाइट पीछे रह जाएगा।

SEO (Search Engine Optimization) के बारे में संक्षेप में बताना सम्भव नहीं है क्योंकि यह बहुत ही लम्बा टॉपिक है। SEO (Search Engine Optimization) के बारे में हम जल्द ही किसी और पोस्ट में आपको विस्तार से बताएँगे। तब तक आप अपना पूरा ध्यान ब्लॉग बनाने पर दें।

Step 9 – अपने ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ाएँ

अपने ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए यह जरूरी है कि लोग आपके ब्लॉग पर आएँ और उसमें दी गई जानकारियों को पढ़ें। अगर आप अपने लेख को अच्छी तरह से लिखते हैं और उसका अच्छी तरह से SEO (Search Engine Optimization) करते हैं तो 2 से 3 महीने में आपके ब्लॉग पर अच्छे खासे लोग आना शुरू हो जाएँगे।

आप चाहे तो अपने ब्लॉग का प्रमोशन भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने ब्लॉग के आर्टिकल्स को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं। इससे आपके ब्लॉग पर ज्यादा लोग आएँगे। मतलब आपके ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ेगी। जितनी ज्यादा आपके ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ेगी उतनी ज्यादा आपकी कमाई होगी।

Step 10 – अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ें

Blogging से पैसे कमाने के लिए आपको अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ना होगा। अपने ब्लॉग को Adsense से जोड़ने के बाद ही आप अपने ब्लॉग से कमाई कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ये Adsense क्या है ?

Adsense, Google का ही एक Product है जो आपके और Advertiser के बीच में एक Bridge का काम करता है। जितने भी Advertiser होते हैं, वह अपना सारा Ad सीधे आपको न देकर Adsense नाम की इस Company को देते है। यह Company आपके ब्लॉग में Ad लगाती है।

अब जब तक आप इस Company से जुड़ेंगे नहीं, आपको Ad कौन देगा और जब तक आपको Ad नहीं मिलेंगे तो कमाई कहाँ से होगी। इसलिए आपको Adsense से जुड़ना ही होगा।

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money from facebook page) अगर आपके पास एक स्मार्टफोन होगा तो आप Facebook जरूर चलाते होंगे। Facebook का प्रयोग आमतौर पर हम लोग अपने दोस्तों से जुड़े रहने के लिए ही करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस Facebook का प्रयोग हम लोग चैटिंग करने के लिए करते हैं, उसी Facebook से पैसे भी कमाए जा सकते हैं ? आपको यह सुनकर आश्चर्य जरूर होगा कि आज लोग Facebook से लाखों रूपए कमा रहे हैं। अगर आप भी घर बैठे-बैठे Facebook से पैसे कमाना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हैं। आज हम आपको बताएँगे Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। Facebook से पैसे कमाने के तरीके जानकर आप भी घर बैठे-बैठे लाखों नहीं तो हजारों तो कमा ही सकते हैं। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए Facebook से पैसे कमाने के लिए हमें सबसे पहले एक Facebook पेज बनाना पड़ेगा। Facebook पेज बनाना बहुत ही आसान है। आपको याद रखना होगा कि बात केवल Facebook पेज बनाने पर ही खत्म नहीं हो जाती। यह Facebook पेज बेकार साबित होगा अगर आप अपने इस Facebook पेज पर लोगों को जोड़ नहीं पाते हैं। Facebook पेज बनाने के बाद आपको लोगों को अपने Facebook Page से जोड़ना होगा। जितने ज्यादा लोगों को आप जोड़ पाएँगे, उतनी ही ज्यादा आपकी कमाई होगी। Facebook पेज से लोगों को कैसे जोड़ना है, यह आपके ऊपर निर्भर करता है। Facebook पेज से लोगों को कैसे जोड़ें, इसकी चर्चा हम लोग किसी और पोस्ट में विस्तार से करेंगे। फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके जब आपका Facebook पेज बन जाए और उस पर अच्छे खासे लोग जुड़ जाएँ तो आप अपने इस Facebook पेज से पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि Facebook पेज से पैसे कैसे कमाना है। नीचे दिए गए तीन तरीकों से आप पैसे कमा सकते हैं। फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके 1. अपनी खुद की Website बनाकर Facebook पेज से पैसे कमाने का यह सबसे अच्छा तरीका है। इसके लिए आपको अपनी एक Website बनानी पड़ेगी। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते हैं तो Website बनाने में हम आपकी पूरी मदद करेंगे। जब आपकी Website बन जाए तो जो कुछ भी आप अपनी Website पर लिखेंगे, उसे अपने Facebook पेज पर शेयर करें। इससे जो लोग आपके Facebook पेज से जुड़े होंगे, वह आपकी Website पर उस पोस्ट को पढ़ने पहुँच जाएँगे। जब वह उस पोस्ट को पढेंगे तो उनको उस पोस्ट में कुछ Ad भी देखने को मिलेंगे। उनमें से कुछ लोग उन Ads पर Click भी करेंगे, जिसके आपको पैसे मिलेंगे। Facebook se paise kaise kamaye Facebook से पैसे कैसे कमाए इसको एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते हैं। मान लिया आपका एक Facebook पेज है – हिंदी वाटिका, जिससे एक लाख लोग जुड़े हैं। उसी नाम की आपकी एक Website भी है। आप अपनी Website पर एक लेख लिखते हैं। अब आप इस लेख को अपने Facebook पेज पर शेयर करते हैं। जब आप अपनी पोस्ट को Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो आपकी वह पोस्ट एक लाख लोगों की नजरों में आ जाएगी। अगर एक लाख की वजाय 50 हजार लोग ही उस पोस्ट को पढ़ने आपकी Website पर जाते हैं तो यह संख्या कोई कम नहीं है। अब 50 हजार में कम से कम 10 हजार लोग ऐसे होंगे जो उस पोस्ट को विस्तार से पढेंगे। जब ये 10000 लोग आपकी पोस्ट को पूरा पढेंगे तो उनको कई Ads देखने को मिलेंगे। उन 10000 लोगों में से कम से कम 100 लोग तो होंगे ही जो उन Ads पर Click करेंगे। Website में 10 Click करने पर 1 डॉलर आराम से मिल जाता है तो 100 Click के हो गए 10 डॉलर, मतलब लगभग 600 रूपए एक दिन के, महीने के 18000 रूपए। इसका मतलब यह हुआ कि आप घर बैठे-बैठे अपने Facebook पेज के माध्यम से महीने के 20000 रूपए बहुत आराम से कमा सकते हैं। 2. दूसरे की Websites की पोस्ट के Link शेयर करके Facebook पेज से पैसे कमाने का यह तरीका उन लोगों के लिए है जो अपनी Website नहीं बना सकते। अगर आप अपनी Website नहीं बना सकते तो भी आप Facebook पेज से पैसे कमा सकते हैं। बहुत सी ऐसी Websites हैं जो चाहती हैं कि आप उनकी Website के Link अपने Facebook पेज पर शेयर करें। जब आप उनकी पोस्ट के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो वो आपको इस बात के पैसे देती हैं। इसके लिए आप के Facebook पेज पर कम से कम एक लाख लोग जुड़े होने चाहिए। 3. एफिलिएट मार्केटिंग आपने देखा होगा कि लोग आजकल अपना मनपसंद सामान घर बैठे मँगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाँलाकि भारत में अभी कम लोग ही Online खरीदारी करते हैं लेकिन आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा लोग Online खरीदारी करना पसंद करेंगे। Online खरीदारी के कई फायदे हैं इसलिए धीरे-धीरे लोगों का झुकाव इस ओर हो रहा है। जो कम्पनी अपना सामान Online बेचती हैं, वह इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि आने वाला समय Online खरीदारी का ही होगा। ये कम्पनियाँ कई तरीकों से अपना सामान Online बेचने का प्रयास कर रही हैं। इन्ही में से एक तरीका है – एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा जहाँ एक ओर कम्पनी को भी फायदा होता है कि उनके Product आसानी से बिक जाते हैं, वहीँ इसके एवज में एफिलिएट मार्केटिंग करने वाले को भी मोटा कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग को एक उदाहरण के द्वारा आसान शब्दों में समझ सकते हैं। आपने कई ऐसी कम्पनी का नाम सुना होगा जो Online अपना सामान बेचती हैं। इन्ही में से एक कम्पनी है – Amazon. अगर आप Amazon के किसी Product को बिकवाने में सफल होते हैं तो कम्पनी इसके बदले में आपको कमीशन देती है। मान लिया आप Amazon पर उपलब्ध 500 रूपए की किसी शर्ट को बेचने में सफल हुए तो कम्पनी इसका लगभग 10% कमीशन (50 रूपए) आपको देगी। इसे ही कहते हैं – एफिलिएट मार्केटिंग। अब आपको पता चल गया होगा कि आप अपने Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page)। जब आप Amazon या Flipkart के किसी अच्छे और सस्ते Product के Link को अपने Facebook पेज पर शेयर करेंगे तो कुछ लोग उस Link के माध्यम से उस Product को जरूर खरीदेंगे। जब लोग आपके द्वारा शेयर किए गए Link से उस सामान को खरीदेंगे तो आपको इसका कमीशन मिलेगा। अगर आपके Facebook पेज से 100000 लोग जुड़े होंगे तो 100000 लोगों में कम से कम 10 लोग तो ऐसे होंगे ही, जो उस Product को खरीदेंगे। मतलब आपके लगभग 500 रूपए पक्के, वो भी एक दिन में। उम्मीद है आपको अपने कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे जैसे कि Facebook से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए जाते है (How to earn money from facebook page), फेसबुक पेज से पैसे कमाने का तरीका, Facebook पेज से पैसे कमाने के तरीके, Facebook पेज से Earning कैसे करे। Facebook पेज से पैसे कैसे कमाए (How to make money from facebook page), इस वारे में अभी बहुत सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनको जानना आपके लिए बहुत जरुरी है। ये बातें हम आपको तभी बताएँगे जब आप इस वारे में Interested होंगे। अगर आप वास्तव में Facebook पेज से पैसे कमाना चाहते हैं तो हमें Comment करके बताइए हम आपकी पूरी मदद करेंगे। यह भी जरूर पढ़ें : इन्टरनेट से पैसे कैसे कमाए – इन्टरनेट से पैसे कमाने के टॉप 10 बेस्ट तरीके Youtube से पैसे कैसे कमाए – Youtube से पैसे कमाने के तरीके – पूरी जानकारी Blogging से पैसे कैसे कमाए – Blog/Website से पैसे कमाने का तरीका – पूरी जानकारी Top 10 Best YouTube Channel Ideas in Hindi – YouTube Channel किस टॉपिक पर बनाये WhatsAppFacebookTwitter

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंयह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए, Domain (disambiguation) देखें।एक डोमेन नाम एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे।[1]पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रमडोमेन नाम डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। DNS में पंजीकृत कोई भी नाम एक डोमेन नाम है। डोमेन नाम DNS रूट डोमेन के अधीनस्थ स्तरों (उप-डोमेन) में आयोजित किए जाते हैं , जो कि नामहीन है। डोमेन नामों का पहला-स्तरीय सेट शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) हैं, जिनमें जेनेरिक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (gTLD) शामिल हैं, जैसे कि प्रमुख डोमेन कॉम, सूचना, नेट, edu और org, और देश कोड शीर्ष -वेल डोमेन(CcTLDs)। DNS पदानुक्रम में इन शीर्ष-स्तरीय डोमेन के नीचे, दूसरे-स्तर और तीसरे-स्तर के डोमेन नाम हैं, जो आमतौर पर अंत-उपयोगकर्ताओं द्वारा आरक्षण के लिए खुले हैं जो स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्ट करना चाहते हैं, अन्य सार्वजनिक रूप से सुलभ इंटरनेट संसाधन बना या चला सकते हैं।इन डोमेन नामों का पंजीकरण आमतौर पर डोमेन नाम रजिस्ट्रार द्वारा प्रशासित किया जाता है जो जनता को अपनी सेवाएँ बेचते हैं।एक पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम (FQDN) एक डोमेन नाम है जो DNS के पदानुक्रम में सभी लेबल के साथ पूरी तरह से निर्दिष्ट है, जिसमें कोई भाग छूटा नहीं है। परंपरागत रूप से एक FQDN DNS पेड़ के शीर्ष को निरूपित करने के लिए एक डॉट (.) में समाप्त होता है।[2] डोमेन नाम प्रणाली में लेबल केस-असंवेदनशील हैं, और इसलिए इसे किसी भी वांछित पूंजीकरण विधि में लिखा जा सकता है, लेकिन अधिकांश सामान्य डोमेन नाम तकनीकी संदर्भों में छोटे अक्षरों में लिखे जाते हैं।[3]सरल विविरण संपादित करेंडोमेन नाम एक नामकरण है जो इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की पहचान करता है। एक डोमेन नाम अक्षर, संख्या और विशेष वर्ण जैसे किसी भी वर्ण का संयोजन हो सकता है। इसमें विभिन्न एक्सटेंशन जैसे .com, .net, .org आदि होते हैं।सभी वेबसाइट पृष्ठभूमि में एक अद्वितीय आईपी पते से जुड़ी हुई हैं। आईपी ​​एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) एक संख्यात्मक पता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में उस वेबसाइट को कहां रखा गया है।मूल रूप से, किसी भी वेबसाइट की पहचान आईपी पते से होती है। लेकिन संख्यात्मक पता होने के कारण, हम इंसानों को यह याद रखना मुश्किल है। डोमेन नाम अवधारणा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद कर सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।किसी एक डोमेन नाम की मदद से, हम एक या एक से अधिक आईपी पते पा सकते हैं। उदाहरण के लिए, google.com एक डोमेन नाम है जो सैकड़ों आईपी को संदर्भित करता है। किसी विशेष वेबपृष्ठ की खोज करने के लिए URL में डोमेन नाम का भी उपयोग किया जाता है।कार्यपद्धती संपादित करेंइंटरनेट पर सभी वेबसाइटों को होस्ट या सर्वर में संग्रहीत किया जाता है। जो एक विशेष आईपी को इंगित करते हैं और यह कि आईपी एक डोमेन नाम के साथ जुड़ा हुआ है।जब भी हम किसी वेबसाइट का नाम अपने ब्राउज़र के URL बार में जोड़ते हैं, तभी वह डोमेन नाम की सहायता से सर्वर के IP को इंगित करता है, ताकि हम अपनी खोज की गई वेबसाइट और उस पर इससे संबंधित जानकारी देख सकें संगणक।यह एक चक्र की तरह है। जिसमें हम सबसे पहले अपने ब्राउज़र पर एक डोमेन लिखकर डोमेन में प्रवेश करते हैं। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) सर्वर खोज करता है और हमें डोमेन नाम सर्वर, रूट सर्वर और अन्य सर्वर की मदद से उस डोमेन से संबंधित जानकारी भेजता है।डोमेन नाम के प्रकार संपादित करेंTLD - शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंशीर्ष स्तर के डोमेन (TLD) को इंटरनेट डोमेन एक्सटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। यह किसी भी डोमेन का अंतिम भाग है, जहाँ डोमेन नाम समाप्त होता है और इसे पहली बार विकसित किया गया था। यह बहुत एसईओ के अनुकूल होने के कारण, यह वेबसाइट को आसानी से रैंक करने में मदद करता है। साथ ही, यह Google खोज इंजन को अधिक महत्व दे रहा है।TLD एक्सटेंशन का उदाहरण.com (वाणिज्यिक).org (संगठन).net (नेटवर्क).gov (सरकार).edu (शिक्षा).name (नाम).biz (व्यवसाय).info (सूचना)CcTLD - देश कोड शीर्ष स्तर के डोमेन संपादित करेंइस प्रकार के डोमेन का उपयोग किसी विशेष देश के अनुसार किया जाता है। इसका नाम किसी देश के ISO CODE (नाम के दो अक्षर) के आधार पर रखा गया है।CcTLD एक्सटेंशन का उदाहरण.Us: संयुक्त राज्य अमेरिका.cn: चीन.in: भारत.ch: स्विट्जरलैंड.rs: रूस.br: ब्राज़ीलवैसे, कई अन्य डोमेन नाम भी हैं, लेकिन हम उन्हें ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि आप डोमेन नाम में विभिन्न अन्य भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।उप-डोमेन नाम संपादित करेंउप-डोमेन या सब-डोमेन किसी मुख्य डोमेन नाम का एक हिस्सा होता है। कोई भी डोमेन नाम धारक इसे कई सब-डोमेन में विभाजित कर सकता है।

डोमेन नाम By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख domain names in the Internet के बारे में है। अन्य प्रयोगों के लिए,  Domain (disambiguation)  देखें। एक  डोमेन नाम  एक पहचान स्ट्रिंग है जो इंटरनेट के भीतर प्रशासनिक स्वायत्तता, अधिकार या नियंत्रण के दायरे को परिभाषित करता है। डोमेन नाम विभिन्न नेटवर्किंग संदर्भों में और एप्लिकेशन-विशिष्ट नामकरण और पते के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। सामान्य तौर पर, एक डोमेन नाम एक नेटवर्क डोमेन की पहचान होता है, या यह एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) संसाधन का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि इंटरनेट तक पहुंचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यक्तिगत कंप्यूटर, एक वेब साइट की मेजबानी करने वाला एक सर्वर कंप्यूटर, या स्वयं वेब साइट या कोई अन्य सेवा इंटरनेट के माध्यम से संचार किया। 2017 में, 330.6 मिलियन डोमेन नाम पंजीकृत किए गए थे। [1] पूरी तरह से योग्य डोमेन नाम में लेबल का पदानुक्रम डोमेन नाम  डोमेन नाम प्रणाली  (डीएनएस) के नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं। ...

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?)By वनिता कासनियां पंजाबडिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में.आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है.इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही वे आसानी से किसी भी उत्पाद व सेवाओं के बारे में अच्छा और बुरा पढ़कर उसको अपने जीवन में अपना सकते हैं. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वजह से कई सारे धोखाधड़ी और कालाबाजारी करने वाले लोग कम हो गए हैं. किसी भी प्रकार की वस्तु व सेवाओँ की खरीदारी हम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उचित मूल्य पर आसानी कर सकते है. वह उन वस्तुओं सेवाओं को पाकर संतुष्टि भी प्राप्त करते हैं.बाजार में बहुत सारे उत्पाद व सेवाएं मौजूद है अब किस पर विश्वास किया जाए और नहीं इसमें सबसे बेहद सहायक रास्ता डिजिटल मार्केटिंग है, जो किसी भी ब्रांड पर विश्वास कायम करने में हमारी मदद करता है. यदि उपभोक्ताओं का विश्वास किसी ब्रांड पर नहीं बनेगा, तो वे उस ब्रांड को उपयोग में नहीं ला पाएंगे. ऐसे में व्यापारियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंच सकती है.यह एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां पर एक ही समय में एक ही वस्तु के कई सारे प्रकार उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित किए जा सकते हैं. जिससे वे उन वस्तुओं व सेवाओं की तुलना करने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार सबसे बेस्ट चीज चुन सकते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Digital Marketing Benefits)डिजिटल मार्केटिंग के जरिए व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचता है. वे किसी भी वस्तु को लेकर जागरूक भी होते हैं, व उससे आसानी से जुड़ते भी हैं. किसी भी वस्तु के लिए जागरूक और उस वस्तु पर विश्वास होने से वे अपनी मनचाही जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती हैं.नई खरीदारों और नए व्यापारियों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफार्म है जिससे वे एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए काम करते हैं. नए व्यापारियों को यह आगे बढ़ने का मौका देता है, तो नए खरीदारों को बेहतर सेवाएं व वस्तुएं प्राप्त करने का एक उचित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है.डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी भी वस्तुओं सेवाओं के विस्तार में बहुत अधिक सहायता मिलती है, क्योंकि यदि एक व्यक्ति को वह वस्तु या सेवा अधिक पसंद आती है, तो वह अपने मित्र व सगे संबंधियों के बीच उसे आसानी से शेयर भी करता है. इससे किसी भी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं को वितरित करने में आसानी होती है.उपभोक्ताओं व उत्पादक का सीधा संपर्क होने की वजह से वह आसानी से किसी भी सेवा व वस्तु का पूरा लाभ शीघ्रता और आसानी से प्राप्त कर सकते है. सही मायने में देखा जाए तो उचित कीमत पर सही वस्तु व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक सबसे सुगम और सरल रास्ता डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसकी वजह से वे पूरी तरह संतुष्ट होते हैं और आनंद की प्राप्ति करते हैं.एक ऐसा सरल रास्ता उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच डिजिटल मार्केटिंग बन चुका है जहां से आसानी से किसी भी ब्रांड की विश्वसनीयता को उपभोक्ताओं के बीच में बढ़ाने में सहायता मिलती है. व्यापारियों द्वारा निर्मित किसी भी वस्तु को अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्थापित करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है.किसी भी व्यवसाय को बढ़ाने और अपने उत्पादों को देश विदेश में पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक किफायती और सुगम तरीका होता है. साथ में उपभोक्ता उत्पादक के बीच के संपर्क को भी बनाने मे सरलता मिलती है. यह एक ऐसा सरल तरीका है, जिसका उपयोग किसी भी देश में बैठे व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं. यह देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार (Digital Marketing Types)मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग और ऑफलाइन मार्केटिंग आते हैं.ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी अपनी अहम भूमिका निभाता है. इसमें बिना इंटरनेट से जुड़े आप अपने व्यवसाय से जुड़ी डिजिटल मार्केटिंग आसानी से कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी डिवाइस का उपयोग करके आप आसानी से ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म पर अपना व्यवसाय ला सकते हैं.रेडियो :- रेडियो के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो बहुत पुराना तरीका है और सबसे आसान भी. जिस समय इंटरनेट का अविष्कार भी नहीं हुआ था उस समय से रेडियो डिजिटल मार्केटिंग में अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी बात आसानी से सभी उपभोक्ताओं के बीच में लाई जा सकती है. इंटरनेट के इतने इस्तेमाल के बाद भी अब तक रेडियो का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है, बल्कि बीते 10 सालों में (साल 2018 तक) रेडियो चैनल्स की कमाई 470 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.टीवी :– टीवी तो आमतौर पर सबके घरों में मिल ही जाती है. उस पर डेली सोप्स और फिल्मों के बीच कितने प्रकार के विज्ञापन आते हैं, कि उन्हें देखकर किसी भी वस्तुओं व सेवाओं के लिए हम जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं. अतः डिजिटल मार्केटिंग का सबसे आसान और सबसे आकर्षित तरीका मात्र टीवी ही है.मोबाइल :- ऑफलाइन तरीके में मोबाइल का इस्तेमाल करके भी डिजिटल मार्केटिंग की जा सकती है, यह एक सबसे आसान तरीका है. ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल ना हो. ऐसे में ऑफलाइन तरीके से फोन करके या फिर मैसेजेस के जरिए आसानी से डिजिटल मार्केटिंग को अंजाम दिया जा सकता है.ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक वृहद रूप प्रदान किया है. इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग आसानी से की जाती है. और सरलता से सभी उत्पाद व सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है.सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :- इंटरनेट के इस्तेमाल ने वेबसाइट की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ा दी है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट का स्तर बढ़ाने के लिए सर्च इंजन एक बेहतर स्थान है. किसी भी वेबसाइट पर कितने लोग आते हैं और उस विज्ञापन व उस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट को देखते हैं या फिर पढ़ते हैं, यह सब वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत जरूरी होता है और यह ट्रैफिक लाने का सबसे आसान तरीका माना गया है. पाठकों के लिए और बहुत से उपभोक्ताओं के लिए इनके बीच में कई सारे विज्ञापन भी प्रदर्शित किए जाते हैं. वह उन सेवा व वस्तुओं तक आसानी से पहुंचने में मदद भी करते हैं.सर्च इंजन मार्केटिंग :- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए हम बिना कोई मूल्य चुकाए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते हैं. परंतु सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब SEM एक ऐसा तरीका है जिस पर कुछ मूल्य चुकाने के बाद आप अपने विज्ञापनों को बड़ी-बड़ी वेबसाइट पर दिखा सकते हैं, जिससे आपको कई सारे उपभोक्ता आसानी से प्राप्त हो जाते है.पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC) :- किसी भी प्रकार के विज्ञापन को चलाने के लिए यह बहुत आसान और सुगम तरीका है. वेबसाइट पर कुछ इस तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किये जाते है, कि यदि कोई पाठक उस विज्ञापन पर क्लिक कर देता है तो ऐसे में वेबसाइट को एक निर्धारित मूल्य की प्राप्ति होती है. गूगल पर किसी भी प्रकार का सवाल डालने पर उससे जुड़े कई सारे जवाब हमारे सामने प्रदर्शित किए जाते हैं. और उनसे जुड़े बहुत से विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं. ऐसे में उन विज्ञापनों पर मात्र एक क्लिक करने से ही और उसके बारे में वहां पर दी हुई जानकारी देखने से उस वेबसाइट का स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति को गूगल द्वारा स्वयं ही एक राशि का भुगतान कर दिया जाता है.सोशल मीडिया मार्केटिंग :- आज के समय में किसी भी देश व किसी भी स्थान का व्यक्ति सोशल मीडिया के बिना नहीं रह सकता है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे उत्पाद विज्ञापित किए जाते हैं और उनके जरिए आकर्षित वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर बहुत जल्द उन्हें अपने जीवन में अपनाया भी जाता है. जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि. इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत से व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं. अतः उपभोक्ताओं की जरूरत उनकी इच्छा अनुसार पूरी करके कोई भी व्यापारी उनका पसंदीदा बन जाता है.कंटेंट मार्केटिंग :- कंटेंट मार्केटिंग के जरिए नियमित रूप से आने वाले पाठकों के लिए आकर्षित लेख डाले जाते हैं, जिन्हें पढ़कर वे वस्तुओं व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से समझ पाते हैं. जिन्हें पढ़कर कोई भी उपभोक्ता आसानी से किसी ब्रांड पर विश्वास करता है और उसका नियमित कस्टमर बन जाता है. इनमें मुख्य रूप से ब्लॉग पोस्ट वीडियो ई – बुक इंफोग्राफिक पॉडकास्ट आदि सम्मिलित किए जाते हैं, जो आसानी से किसी भी ब्रांड या प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह सबसे सरल और किफायती मार्ग बन चुका है.ई-मेल मार्केटिंग :- ईमेल मार्केटिंग भी पुराने तरीकों में से एक है इसके जरिए आसानी से कोई भी व्यापारी अपने द्वारा बनाए गए उत्पादों व सेवाओं को आसानी से विज्ञापित करके उपभोक्ताओं तक पहुंचा देता है. इसमें सबसे किफायती बात यह है कि यह सबसे सस्ता और सरल तरीका है. यह एक ऐसा सुगम तरीका है जो उपभोक्ताओं को व्यापारियों से जोड़ता है, और व्यापारियों को अपने व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत सहायता मिलती है.एफिलेटेड मार्केटिंग :- एफिलेटेड मार्केटिंग एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो आजकल के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सबके बीच में फैला हुआ है. यह तरीका उपभोक्ताओं तक उत्पाद तो पहुंचाता ही है, साथ ही बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करता है. घर में बैठी ग्रहणी हो या फिर रिटायर्ड हुए कोई व्यक्ति, प्रत्येक व्यक्ति रिलेटेड मार्केटिंग से आज के समय में जुड़ चुका है. मुख्य रूप से इसमें यह कार्य होता है कि कोई भी विश्वसनीय ब्रांड या प्रोडक्ट अपने सर्विस का प्रचार व प्रसार करते हैं और धीरे-धीरे उनसे कई व्यक्तियों को जोड़ लेते हैं. आगे के प्रचार व प्रसार में वे व्यक्ति उनकी मदद करते हैं जिसके बदले वे अपनी सेवाओं और वस्तुओं के विक्रय होने पर उन्हें कुछ कमीशन का भुगतान किया जाता हैं.अंत में यदि देखा जाए और समझा जाए तो डिजिटल मार्केटिंग किसी भी व्यापार को बढ़ाने और उसको उपभोक्ताओं के बीच लाने के लिए एक उचित प्लेटफार्म बन चुका है. यह उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच एक बेहतर और विश्वसनीय संबंध बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है. डिजिटल मार्केटिंग के जरिए तो धन की प्राप्ति होती ही है, साथ में कुछ ऐसे लोग भी हमसे जुड़ जाते हैं जो अपने खाली समय में धन अर्जित करने में सक्षम हो पाते हैं. व्यवसाय के विस्तार व प्रसार के लिए एक अहम प्लेटफार्म के रूप में डिजिटल मार्केटिंग को जाना जाता है. किसी भी व्यवसाय को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का काम भी डिजिटल मार्केटिंग ही कर रहा है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग ने अपनी एक अच्छी खासी पकड़ व्यापारियों व उपभोक्ता के बीच बना ली है.

डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों होती है? (Why Digital Marketing is Required ?) By वनिता कासनियां पंजाब डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में कैसा प्रारूप ले चुका है जिसकी आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग अपना एक अहम योगदान उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच में निभा रही है. आइए जानते हैं डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य आवश्यकता के बारे में. आज के समय में इतने अधिक उत्पाद और ब्रांड बढ़ गए हैं जिसकी वजह से प्रत्येक उपभोक्ता असमंजस में रहता है कि कौन सा उत्पाद खरीदा जाए और कौन सा नहीं. अब पहले की तरह किसी भी मैसेज या फिर किसी एडवर्टाइजमेंट की जरूरत नहीं होती है. डिजिटल मार्केटिंग उपभोक्ताओं को ऐसा स्थान प्रदान करता है, जहां पर वे आसानी से प्रत्येक उत्पाद व सेवाओं के बारे में पूरी तरह से विस्तार से समझने में सक्षम हो पाते हैं. और उत्पादक भी उपभोक्ताओं की जरूरत को समझते हुए अपने उत्पादों का निर्माण करता है, और सरल तरीके से प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचने में सक्षम होता है. इस प्लेटफार्म के जरिए प्रत्येक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार उत्पा...